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पैर नहीं फिसलता तो पदक पक्का था : नवदीप
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घर पर आने के बाद माता मुकेश व भाई मंदीप के साथ फोटो खिचवाते हुए नवदीप
- फोटो : Panipat
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नीरज गिरी
पानीपत। टोक्यो पैरालंपिक जेवलिन थ्रो में चौथा स्थान प्राप्त करने वाले नवदीप शनिवार को अपने गांव बुआना आ गए है। उन्होंने बताया कि यदि उनका पैर नहीं फिसलता तो उनका पदक पक्का था। नवदीप ने चार सितंबर को एफ-41 जेवलिन थ्रो कैटेगरी में अपना सर्वश्रेष्ठ 40.80 मीटर भाला फेंककर अपना 100 प्रतिशत देने का प्रयास किया था। घर आने के बाद नवदीप ने ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में बताया कि वह 10 माह बाद अपने घर आए हैं और अब वह इस महीने घर पर ही माता पिता के साथ रहेंगे।
नवदीप का सर्वश्रेष्ठ जेवलिन थ्रो 43.78 है जो उन्होंने पैरालंपिक क्वालीफाई राउंड में बनाया था पर बारिश होने के कारण वह पैरालंपिक के मैदान में पिछड़ गए। नवदीप ने बताया कि मैच वाले दिन बारिश से परेशान हो गए थे। छह में से चार राउंड में भाला फेंकते हुए उनका अगला पैर फिसल जाता था। इससे संतुलन बनाने के चक्कर में वह भाला ज्यादा दूर नहीं जा पा रहा था। नवदीप ने बताया कि वह पैरालंपिक में हारकर नहीं कुछ सीखकर आएं हैं।
उन्होंने बताया कि एक माह बाद वह पहले की तरह ही पैरालंपिक की तैयारियों में जुट जाएंगे। नवदीप ने बताया कि माता-पिता के साथ रहकर दिमाग को बिल्कुल शांत और रिफ्रेश करेंगे जिसके बाद वह अगले माह कोच के अनुसार अपनी तैयारी शुरू कर देंगे। उनकी अगले साल बहुत सारी प्रतियोगिताएं है जिसमें सबसे ज्यादा उनका एशियन गेम्स के गोल्ड पर निशाना रहेगा।
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ट्रेनिंग के दौरान दस माह से नहीं खाई मिठाई
पैरालंपिक की तैयारी के चलते नवदीप ने पिछले 10 महीने से कोई भी मिठाई नहीं खाई थी। नवदीप ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान जब घेवर का सीजन आ गया था तो उन्होनें सबसे ज्यादा घेवर खाने की इच्छा होती थी, लेकिन ट्रेनिंग के चलते उन्होंने न तो घेवर खाया न ही अपनी पसंदीदा काजू कतली मिठाई खाई। जब वह पैरालंपिक के लिए तैयारी कर रहे थे तो उन्हें अपने शौक से ज्यादा देश के लिए गोल्ड लाने के बारे में सोचा। वहीं घर आने के बाद नवदीप ने अपना पसंदीदा मिठाइयां खाईं।
स्ट्रैंथ बढ़ाने पर करूंगा अब पूरा फोकस
पैरालंपिक में अन्य खिलाड़ियों की स्ट्रैंथ देखने के बाद नवदीप को महसूस हुआ कि वह उनसे काफी ज्यादा कमजोर हैं। नवदीप ने बताया कि बेशक वह 43.78 मीटर भाला फेंक देते हैं, लेकिन उनकी स्ट्रैंथ चाइना और ईरान के खिलाड़ी से कम है। स्ट्रैंथ बढ़ाने के बाद उनका थ्रो भी ज्यादा होगा जिससे उनकी पैरालंपिक के लिए अच्छी तैयारी हो जाएगी।
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पानीपत। टोक्यो पैरालंपिक जेवलिन थ्रो में चौथा स्थान प्राप्त करने वाले नवदीप शनिवार को अपने गांव बुआना आ गए है। उन्होंने बताया कि यदि उनका पैर नहीं फिसलता तो उनका पदक पक्का था। नवदीप ने चार सितंबर को एफ-41 जेवलिन थ्रो कैटेगरी में अपना सर्वश्रेष्ठ 40.80 मीटर भाला फेंककर अपना 100 प्रतिशत देने का प्रयास किया था। घर आने के बाद नवदीप ने ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में बताया कि वह 10 माह बाद अपने घर आए हैं और अब वह इस महीने घर पर ही माता पिता के साथ रहेंगे।
नवदीप का सर्वश्रेष्ठ जेवलिन थ्रो 43.78 है जो उन्होंने पैरालंपिक क्वालीफाई राउंड में बनाया था पर बारिश होने के कारण वह पैरालंपिक के मैदान में पिछड़ गए। नवदीप ने बताया कि मैच वाले दिन बारिश से परेशान हो गए थे। छह में से चार राउंड में भाला फेंकते हुए उनका अगला पैर फिसल जाता था। इससे संतुलन बनाने के चक्कर में वह भाला ज्यादा दूर नहीं जा पा रहा था। नवदीप ने बताया कि वह पैरालंपिक में हारकर नहीं कुछ सीखकर आएं हैं।
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उन्होंने बताया कि एक माह बाद वह पहले की तरह ही पैरालंपिक की तैयारियों में जुट जाएंगे। नवदीप ने बताया कि माता-पिता के साथ रहकर दिमाग को बिल्कुल शांत और रिफ्रेश करेंगे जिसके बाद वह अगले माह कोच के अनुसार अपनी तैयारी शुरू कर देंगे। उनकी अगले साल बहुत सारी प्रतियोगिताएं है जिसमें सबसे ज्यादा उनका एशियन गेम्स के गोल्ड पर निशाना रहेगा।
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ट्रेनिंग के दौरान दस माह से नहीं खाई मिठाई
पैरालंपिक की तैयारी के चलते नवदीप ने पिछले 10 महीने से कोई भी मिठाई नहीं खाई थी। नवदीप ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान जब घेवर का सीजन आ गया था तो उन्होनें सबसे ज्यादा घेवर खाने की इच्छा होती थी, लेकिन ट्रेनिंग के चलते उन्होंने न तो घेवर खाया न ही अपनी पसंदीदा काजू कतली मिठाई खाई। जब वह पैरालंपिक के लिए तैयारी कर रहे थे तो उन्हें अपने शौक से ज्यादा देश के लिए गोल्ड लाने के बारे में सोचा। वहीं घर आने के बाद नवदीप ने अपना पसंदीदा मिठाइयां खाईं।
स्ट्रैंथ बढ़ाने पर करूंगा अब पूरा फोकस
पैरालंपिक में अन्य खिलाड़ियों की स्ट्रैंथ देखने के बाद नवदीप को महसूस हुआ कि वह उनसे काफी ज्यादा कमजोर हैं। नवदीप ने बताया कि बेशक वह 43.78 मीटर भाला फेंक देते हैं, लेकिन उनकी स्ट्रैंथ चाइना और ईरान के खिलाड़ी से कम है। स्ट्रैंथ बढ़ाने के बाद उनका थ्रो भी ज्यादा होगा जिससे उनकी पैरालंपिक के लिए अच्छी तैयारी हो जाएगी।