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खुद चुन लेंगे अपना मेयर
अमर उजाला, पानीपत
Updated Tue, 21 Jan 2014 11:59 PM IST
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पानीपत। नगर निगम के विकास से नाखुश कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने प्रशासन को मेयर को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए दो दिन का समय दिया है।
ऐसा न होने पर 27 जनवरी को वे लघु सचिवालय में खुले मंच पर अपना मेयर चुन लेंगे और उसकी को मेयर की कुर्सी पर बैठा देंगे। वे विकास को लेकर इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ने के पक्ष में खड़े हो गए हैं। कांग्रेस समर्थित विकास से नाखुश आठ में सात पार्षदों ने मंगलवार को पार्षद सुरेंद्र गर्ग के खन्ना रोड स्थित कार्यालय में बैठक की।
इसकी अध्यक्षता सुरेंद्र गर्ग ने की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन मेयर को लेकर अविश्वास की बैठक नहीं बुला रहा है, जबकि एडीसी ने उनके शपथ पत्र लेते समय 14 दिन के अंदर बैठक बुलाने का भरोसा लिया था। उन्होंने कहा कि प्रशासन मेयर को बचाने के पक्ष में है, लेकिन वे प्रशासन की नहीं चलने देंगे।
प्रशासन दो दिन में स्थिति स्पष्ट नहीं करता है तो वे रणनीति बनाकर 27 जनवरी के लघु सचिवालय में पहुंच जाएंगे। वे यहां पर जनता के बीच में शहर को मेयर चुनेंगे। इस मौके पर सुरेश वर्मा, जयकुमार बिंदल, मदन मजोका, संजीत, रामरत्न अग्रवाल और राजबीर मौजूद रहे।
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कांग्रेस समर्थित नाराज पार्षदों ने दो-तीन ओर पार्षदों के संपर्क में होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि वे भी मेयर भूपेंद्र की कार्यप्रणाली से खुश नहीं हैं। वे इन पार्षदों के नाम समय पर आने पर खोलेेंगे।
सुरेंद्र गर्ग ने कहा कि पार्षदों को मेयर चुनना होता है। ऐसे में मेयर को पार्षदों के वार्डों में विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन उनके वार्डों में विकास कार्य नहीं हो रहे। मेयर के खिलाफ बहुमत खड़ा है और वे उनको हटाकर रहेंगे।
इनेलो की पार्षद एवं डिप्टी मेयर सीमा पाहवा ने भी प्रशासन से मेयर के खिलाफ अविश्वास बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इसकी तारीख निश्चित करें। प्रशासन ऐसा नहीं करता है तो वे संघर्ष करने को तैयार हैं।
ये है मामला
विपक्ष के नौ समेत कांग्रेस समर्थित आठ पार्षद मेयर भूपेंद्र सिंह के खिलाफ एकजुट हो गए थे। 17 पार्षद छह जनवरी को पहले रोहतक मंडल के कमिश्नर और फिर डीसी के सामने पेश हुए और अपने-अपने शपथ पत्र सौंपे थे। इन्होंने मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक बुलाने की मांग की थी। इसके बाद शहर में राजनीति की जंग शुरू हो गई थी।
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ऐसा न होने पर 27 जनवरी को वे लघु सचिवालय में खुले मंच पर अपना मेयर चुन लेंगे और उसकी को मेयर की कुर्सी पर बैठा देंगे। वे विकास को लेकर इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ने के पक्ष में खड़े हो गए हैं। कांग्रेस समर्थित विकास से नाखुश आठ में सात पार्षदों ने मंगलवार को पार्षद सुरेंद्र गर्ग के खन्ना रोड स्थित कार्यालय में बैठक की।
इसकी अध्यक्षता सुरेंद्र गर्ग ने की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन मेयर को लेकर अविश्वास की बैठक नहीं बुला रहा है, जबकि एडीसी ने उनके शपथ पत्र लेते समय 14 दिन के अंदर बैठक बुलाने का भरोसा लिया था। उन्होंने कहा कि प्रशासन मेयर को बचाने के पक्ष में है, लेकिन वे प्रशासन की नहीं चलने देंगे।
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प्रशासन दो दिन में स्थिति स्पष्ट नहीं करता है तो वे रणनीति बनाकर 27 जनवरी के लघु सचिवालय में पहुंच जाएंगे। वे यहां पर जनता के बीच में शहर को मेयर चुनेंगे। इस मौके पर सुरेश वर्मा, जयकुमार बिंदल, मदन मजोका, संजीत, रामरत्न अग्रवाल और राजबीर मौजूद रहे।
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कांग्रेस समर्थित नाराज पार्षदों ने दो-तीन ओर पार्षदों के संपर्क में होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि वे भी मेयर भूपेंद्र की कार्यप्रणाली से खुश नहीं हैं। वे इन पार्षदों के नाम समय पर आने पर खोलेेंगे।
सुरेंद्र गर्ग ने कहा कि पार्षदों को मेयर चुनना होता है। ऐसे में मेयर को पार्षदों के वार्डों में विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन उनके वार्डों में विकास कार्य नहीं हो रहे। मेयर के खिलाफ बहुमत खड़ा है और वे उनको हटाकर रहेंगे।
इनेलो की पार्षद एवं डिप्टी मेयर सीमा पाहवा ने भी प्रशासन से मेयर के खिलाफ अविश्वास बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इसकी तारीख निश्चित करें। प्रशासन ऐसा नहीं करता है तो वे संघर्ष करने को तैयार हैं।
ये है मामला
विपक्ष के नौ समेत कांग्रेस समर्थित आठ पार्षद मेयर भूपेंद्र सिंह के खिलाफ एकजुट हो गए थे। 17 पार्षद छह जनवरी को पहले रोहतक मंडल के कमिश्नर और फिर डीसी के सामने पेश हुए और अपने-अपने शपथ पत्र सौंपे थे। इन्होंने मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक बुलाने की मांग की थी। इसके बाद शहर में राजनीति की जंग शुरू हो गई थी।