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करनाल के मेयर को गनमैन दिया जा सकता है तो पानीपत को क्यों नहीं : मेयर
ब्यूरो पानीपत
Updated Fri, 28 Apr 2017 12:49 AM IST
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बातचीत करते मेयर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सरकार ने पानीपत को ओडीएफ शहर घोषित किया है। इसके लिए चंडीगढ़ स्थित हरियाणा भवन में बैठक आयोजित की गई है। जिसमें नगर निगम मेयर, उपायुक्त एवं नगर निगम कमिश्नर को आमंत्रित किया गया है। जहां शहरी विकास मंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा। ये बातें नगर निगम मेयर सुरेश वर्मा ने कही। वे वीरवार को पालिका बाजार स्थित नगर निगम कार्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। मेयर ने बताया कि शहर को ओडीएफ शहर बनाने के लिए 26 टॉयलेट व 13 मोबाइल टॉयलेट का निर्माण करवाया गया है। कड़े प्रयासों के कारण ही शहर को ओडीएफ मुक्त बनाया जा सका है।
गनमैन मिलने की बात पर मेयर ने कहा कि अगर करनाल के मेयर को गनमैन दिया जा सकता है तो पानीपत के मेयर को क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्होंने 17 अप्रैल 2017 को हाइकोर्ट में केस किया था। वहीं इससे पहले जो गनमैन की अपील लगाई गई थी, उस मामले की अगली पेशी 21 अप्रैल 2017 दी गई थी। जिसमें पेश होकर केस को वापस ले लिया था, क्योंकि जो याचिका 17 अप्रैल 2017 को लगाई गई थी, उसमें 17 अप्रैल 2017 को ही हाइकोर्ट द्वारा अतिरिक्त एडवोकेट जनरल हरियाणा को नोटिस जारी किया गया था।
उन्होंने इस मामले में एक पत्र भी लिखा था, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि नगर निगम करनाल के मेयर को हरियाणा पुलिस द्वारा सिक्योरिटी दी जा चुकी थी। मेयर ने बताया कि इस मामले की हाइकोर्ट में अगली सुनवाई 25 मई है। उसके बाद ही पता अगली कार्रवाई का पता लग पाएगा। इस मौके पर बलजीत सिंह, सुभाष मलिक, संजीव कुमार मौजूद रहे।
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गनमैन मिलने की बात पर मेयर ने कहा कि अगर करनाल के मेयर को गनमैन दिया जा सकता है तो पानीपत के मेयर को क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्होंने 17 अप्रैल 2017 को हाइकोर्ट में केस किया था। वहीं इससे पहले जो गनमैन की अपील लगाई गई थी, उस मामले की अगली पेशी 21 अप्रैल 2017 दी गई थी। जिसमें पेश होकर केस को वापस ले लिया था, क्योंकि जो याचिका 17 अप्रैल 2017 को लगाई गई थी, उसमें 17 अप्रैल 2017 को ही हाइकोर्ट द्वारा अतिरिक्त एडवोकेट जनरल हरियाणा को नोटिस जारी किया गया था।
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उन्होंने इस मामले में एक पत्र भी लिखा था, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि नगर निगम करनाल के मेयर को हरियाणा पुलिस द्वारा सिक्योरिटी दी जा चुकी थी। मेयर ने बताया कि इस मामले की हाइकोर्ट में अगली सुनवाई 25 मई है। उसके बाद ही पता अगली कार्रवाई का पता लग पाएगा। इस मौके पर बलजीत सिंह, सुभाष मलिक, संजीव कुमार मौजूद रहे।
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