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Panipat News: नाबालिग लड़की की शादी रुकवाई
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पानीपत। महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने गोयला खुर्द गांव में नाबालिग की शादी रुकवा दी। रविवार को 10वीं की छात्रा का बहादुरगढ़ के 21 वर्षीय युवक के साथ शादी तय हुई थी। चार माह बाद छात्रा की शादी होनी थी। ग्रामीणों की सूचना पर विवाह रुकवाकर परिजनों को महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने अपने कार्यालय में तलब किया था। इनसे पूछताछ के बाद छात्रा के बालिग होने तक शादी पर रोक लगाई गई है। यहां छात्रा की मां ने अपनी दलील में कहा कि वह दिव्यांग है और बीमार रहती है। वह अपने जीते जी अपनी बेटी के हाथों में मेहंदी देखना चाहती थी। इसलिए बेटी की शादी तय की थी। अब वह बालिग होने पर ही बेटी की शादी करेगी।
महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि गोयला खुर्द गांव में 10वीं में पढ़ने वाली 16 वर्षीय छात्रा की शादी बहादुरगढ़ के 21 वर्षीय युवक से तय की जा रही थी। इसके लिए गांव में छोटा सा कार्यक्रम भी किया जा रहा था। इसकी सूचना उन्हें मिली थी। उन्होंने इस कार्यक्रम को रुकवाकर परिजनों को अपने कार्यालय में बुलाया। यहां माता-पिता ने बताया कि वह दिव्यांग हैं और नाबालिग की मां बीमार रहती है। हालत गंभीर रहने के कारण महिला अपने जीते जी बेटी की शादी करना चाहती थी। इसलिए रिश्ता तय किया गया था। वह चार माह बाद शादी करने वाले थे। उन्होंने छात्रा के बालिग होने तक विवाह पर रोक लगा दी है। आधार कार्ड व स्कूली कागजात के अनुसार छात्रा की उम्र 16 वर्ष मिली।
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महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि गोयला खुर्द गांव में 10वीं में पढ़ने वाली 16 वर्षीय छात्रा की शादी बहादुरगढ़ के 21 वर्षीय युवक से तय की जा रही थी। इसके लिए गांव में छोटा सा कार्यक्रम भी किया जा रहा था। इसकी सूचना उन्हें मिली थी। उन्होंने इस कार्यक्रम को रुकवाकर परिजनों को अपने कार्यालय में बुलाया। यहां माता-पिता ने बताया कि वह दिव्यांग हैं और नाबालिग की मां बीमार रहती है। हालत गंभीर रहने के कारण महिला अपने जीते जी बेटी की शादी करना चाहती थी। इसलिए रिश्ता तय किया गया था। वह चार माह बाद शादी करने वाले थे। उन्होंने छात्रा के बालिग होने तक विवाह पर रोक लगा दी है। आधार कार्ड व स्कूली कागजात के अनुसार छात्रा की उम्र 16 वर्ष मिली।
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