{"_id":"61e480524287b65dc36cb53d","slug":"maratha-society-celebrated-bravery-day-on-kala-amb-with-pomp-panipat-news-knl962461137","type":"story","status":"publish","title_hn":"मराठाओं ने तोड़ दिया था अब्दाली का साहस- डॉ. अर्चना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मराठाओं ने तोड़ दिया था अब्दाली का साहस- डॉ. अर्चना
विज्ञापन
पानीपत। काला अंब कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धाजंलि देते हुए डॉ.अर्चना गुप्ता।
- फोटो : Panipat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। मराठा समाज ने रविवार को काला अंब पर शौर्य दिवस मनाया। यहां महाराष्ट्र एवं प्रदेश भर से मराठा समाज के लोग पहुंचे। मराठा योद्धाओं को श्रद्धाजंलि अर्पित की गई और उनके बलिदान को याद किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा की जिलाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने शिरकत की। उन्होंने मराठा योद्धाओं की बहादुरी एवं देश प्रेम की भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मां भारती के महान अमर सपूत छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता व कुशल रणनीति पूरे विश्व में किसी परिचय का मोहताज नहीं है । मराठाओं के साहस व वीरता से इतिहास भरा पड़ा है। जिससे लोगों तक पहचाना आवश्यक है , ताकि आनी वाली पीढ़ियां भी प्रेरणा ले सकें । 14 जनवरी 1761 को मराठाओं ने अहमद शाह अब्दाली को अपनी वीरता का परिचय कराया था।
भले ही मराठा युद्ध हार गए हो परंतु उनकी वीरता ने विदेशी आक्रांता अहमद शाह अब्दाली का घमंड तोड़ दिया था। वह फिर भारत का रुख न कर सका। 14 जनवरी 1761 को मराठों ने अब्दाली से डटकर लोहा लिया, उसी की याद में मराठा समाज इस दिन को शौर्य दिवस के रूप में मनाता है। कार्यक्रम में जिला भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष बलविंदर मराठा साथ रहे ।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा की जिलाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने शिरकत की। उन्होंने मराठा योद्धाओं की बहादुरी एवं देश प्रेम की भावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मां भारती के महान अमर सपूत छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता व कुशल रणनीति पूरे विश्व में किसी परिचय का मोहताज नहीं है । मराठाओं के साहस व वीरता से इतिहास भरा पड़ा है। जिससे लोगों तक पहचाना आवश्यक है , ताकि आनी वाली पीढ़ियां भी प्रेरणा ले सकें । 14 जनवरी 1761 को मराठाओं ने अहमद शाह अब्दाली को अपनी वीरता का परिचय कराया था।
विज्ञापन
भले ही मराठा युद्ध हार गए हो परंतु उनकी वीरता ने विदेशी आक्रांता अहमद शाह अब्दाली का घमंड तोड़ दिया था। वह फिर भारत का रुख न कर सका। 14 जनवरी 1761 को मराठों ने अब्दाली से डटकर लोहा लिया, उसी की याद में मराठा समाज इस दिन को शौर्य दिवस के रूप में मनाता है। कार्यक्रम में जिला भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष बलविंदर मराठा साथ रहे ।
विज्ञापन