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आसाराम बापू केस के मुख्य गवाह को हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत
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बापौली। आसाराम बापू केस के मुख्य गवाह सनौली खुर्द निवासी महेंद्र चावला को हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। महेंद्र चावला पर एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज है। इस मामले में उन्हें राहत मिली है। कोर्ट ने इस केस के संबंध में एक नवंबर 2022 तक पुलिस से जवाब तलब किया है।
महेंद्र चावला ने आरोप लगाया कि यौन शौषण में फंसे आसाराम एवं नारायण साईं के नजदीकी लोग उन्हें साजिश के तहत फंसाना चाहते हैं। कैथल निवासी सोनू ने समालखा थाने में उनके खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था। कोर्ट ने प्राथमिक दृष्टि में केस को झूठा पाया है। महेंद्र चावला ने बताया कि 16 नंवबर 2019 को गांव सनौली खुर्द निवासी सुरेंद्र शर्मा ने उन पर हमला भी कराया था। सुरेंद्र शर्मा पर इस मामले में केस दर्ज हुआ था। जमानत पर आने के बाद से ही वह उनके खिलाफ साजिश रच रहा है। वर्ष 2019 में उस पर एससी एसटी एक्ट में केस दर्ज कराया गया। हाई कोर्ट में भी उसके खिलाफ केस दायर किया गया था।
उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन एसपी मनीषा चौधरी एवं एसपी शशांक कुमार सावन की व्यक्तिगत निगरानी में जांच कराने के बाद उन्हें क्लीन चिट दी गई थी। पुलिस ने सोनू कुमार पर झूठी शिकायत देने पर धारा 182 के तहत केस भी दर्ज किया था। 14 मई को दोबारा सोनू ने उसके खिलाफ समालखा पुलिस थाना में शिकायत देकर केस दर्ज कराया था। इस मामले में भी हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी है।
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महेंद्र चावला ने आरोप लगाया कि यौन शौषण में फंसे आसाराम एवं नारायण साईं के नजदीकी लोग उन्हें साजिश के तहत फंसाना चाहते हैं। कैथल निवासी सोनू ने समालखा थाने में उनके खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कराया था। कोर्ट ने प्राथमिक दृष्टि में केस को झूठा पाया है। महेंद्र चावला ने बताया कि 16 नंवबर 2019 को गांव सनौली खुर्द निवासी सुरेंद्र शर्मा ने उन पर हमला भी कराया था। सुरेंद्र शर्मा पर इस मामले में केस दर्ज हुआ था। जमानत पर आने के बाद से ही वह उनके खिलाफ साजिश रच रहा है। वर्ष 2019 में उस पर एससी एसटी एक्ट में केस दर्ज कराया गया। हाई कोर्ट में भी उसके खिलाफ केस दायर किया गया था।
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उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन एसपी मनीषा चौधरी एवं एसपी शशांक कुमार सावन की व्यक्तिगत निगरानी में जांच कराने के बाद उन्हें क्लीन चिट दी गई थी। पुलिस ने सोनू कुमार पर झूठी शिकायत देने पर धारा 182 के तहत केस भी दर्ज किया था। 14 मई को दोबारा सोनू ने उसके खिलाफ समालखा पुलिस थाना में शिकायत देकर केस दर्ज कराया था। इस मामले में भी हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी है।
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