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Panipat News: औद्योगिक नगरी में तेजी से फैल रही फेफड़ों संबंधी बीमारियां

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Nov 2024 03:33 AM IST
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Lung related diseases spreading rapidly in industrial city
पानीपत। धूल, रसायन, गैस, धुएं और पर्यावरण प्रदूषण के चलते औद्योगिक नगरी में भी लोगों में फेफड़ों संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। औद्योगिक नगरी होने के चलते पानीपत में सीओपीडी के मरीज अपेक्षाकृत अधिक हैं। एक सामान्य अस्पताल की तीन घंटे की ओपीडी में 60 से 70 मरीज आते हैं तो उनमें सीओपीडी के 20 से 25 मरीज होते हैं। यानी एक तिहाई मरीज सीओपीडी के मिलते हैं। मौसम में परिवर्तन के साथ इसमें बढ़ोत्तरी होती जा रही है।
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विश्वभर में हर साल नवंबर के तीसरे बुधवार को क्राॅनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज ( सीओपीडी ) दिवस मनाया जाता है। इस साल सीओपीडी जागरूकता दिवस 20 नवंबर को है। यह दिवस पिछले 20 सालों से मनाया जा रहा है। सीओपीडी एक वैश्विक स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम की गतिविधियों में 50 से अधिक देश भाग लेते हैं। बुधवार को शहर में इसको लेकर जिला नागरिक अस्पताल समेत अन्य कई स्थानों पर कार्यक्रम किए गए। मदान अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. अनंत मदान ने बताया कि लंबे समय से हुक्का बीड़ी, तंबाकू व गुटका खाने वालों को सीपीओडी होने के लक्षण अधिक मिलते हैं। कई बार देखने में आया है कि फैक्ट्री में काम करने वाले लोगों के फेफड़ों पर असर पड़ता है। फैक्ट्री में इस तरह के चिकित्सक की कोई व्यवस्था भी व्यापक स्तर नहीं होती है। दूसरा उद्योगों का वेस्ट में सीओपीडी का बड़ा कारण है।
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सीओपीडी के मुख्य कारण

सीओपीडी दुनिया में तीसरा मौत का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। इसके कारण पिछले साल 32.3 लाख मौत दर्ज की गई थी। सीओपीडी का मुख्य कारण धूम्रपान है। दूसरे लोगों के सिगरेट के धुएं व लंबे समय तक हानिकारक धूल के संपर्क में आने से भी इसका खतरा बढ़ जाता है। कम वजन होने या बचपन में श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्या होने से भी इसका खतरा बढ़ जाता है।
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मुख्य लक्षण-



असामान्य सिरदर्द और नाक बंद होना या गला खराब होना



ठंड लगने के साथ बुखार होना



खांसी के साथ बलगम का आना



थकान या कमजोरी में महसूस होना

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सीओपीडी से बचाव -

सीओपीडी से बचाव के लिए हमें शारीरिक रूप से सक्रिय रहना चाहिए। हर साल फ्लू का टीका लगवाना चाहिए। धूम्रपान छोड़ने के लिए स्वास्थ्य सेवा पेशेवर से सलाह लेनी चाहिए। समय पर निमोनिया का टीका लगवाना चाहिए। घर में तंबाकू का उपयोग करने से बचें। घर के अंदर के उत्तेजक तत्वों और प्रदूषण के प्रबंधन के लिए मिलकर काम करें। विश्वभर में सीओपीडी दिवस मनाने का उद्देश्य रोग के बारे में शिक्षा के महत्व को उजागर करना और रोग के वैश्विक बोझ को कम करने के लिए समाधान ढूंढना है। विभिन्न अभियान व गतिविधियों के द्वारा लोगों में सीओपीडी के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। ताकि लोगों में बढ़ रही फेफड़ों की बीमारी पर अंकुश लगाया जा सके।
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