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Panipat News: धान रोपाई शुरू होते ही कृषि फीडरों पर बढ़ा लोड
Fri, 26 Jun 2026 02:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 26 Jun 2026 02:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिले में भीषण गर्मी और उसम के बीच बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा एसी और कूलर के बढ़ते उपयोग और धान रोपाई कार्य शुरू होने से बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। हालात यह हैं कि जिले में बिजली की दैनिक खपत 150 लाख यूनिट के आंकड़े के पार पहुंच गई है, जबकि बीते करीब 10 दिनों के दौरान ही खपत में लगभग 30 लाख यूनिट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार धान की रोपाई शुरू होने के बाद कृषि फीडरों पर सबसे अधिक असर देखने को मिला है। कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है। वहीं शहरी, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में भी बिजली खपत में लगातार वृद्धि हो रही है। बढ़ते लोड के कारण कई स्थानों पर फीडर, केबल और पावर ट्रांसफार्मर क्षमता के करीब पहुंच गए हैं।
इसका असर उपभोक्ताओं पर भी दिखाई दे रहा है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घोषित और अघोषित बिजली कटों की संख्या बढ़ गई है। सत करतार कॉलोनी, क्रांति नगर, आठ मरला सहित कई क्षेत्रों के लोग बार-बार बिजली बाधित होने से परेशान हैं। कहीं केबल फॉल्ट तो कहीं फ्यूज उड़ने और तकनीकी खराबी के कारण आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
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उधर, बिजली निगम की टीमें फीडरों और ट्रांसफार्मरों पर बढ़े लोड की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती मांग को देखते हुए आवश्यक तकनीकी सुधार और रखरखाव कार्य किए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। वहीं, कृषि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का शेड्यूल जारी किया गया है जिसमें किसानों को प्रतिदिन आठ घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
बिजली खपत एक नजर में
वर्तमान दैनिक खपत : 150 लाख यूनिट से अधिक
बीते 10 दिनों में वृद्धि : करीब 30 लाख यूनिट
कृषि फीडरों पर लोड : करीब 70 प्रतिशत बढ़ा
प्रमुख कारण : गर्मी, उसम और धान रोपाई
प्रभावित क्षेत्र : शहरी, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्र
वर्जन-
गर्मी और कृषि गतिविधियों के कारण बिजली की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। बढ़ते लोड के अनुसार व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीकी खराबी आने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति मिल सके।
आदित्य कुंडू, कार्यकारी अभियंता, सब-अर्बन डिवीजन, पानीपत।
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पानीपत। जिले में भीषण गर्मी और उसम के बीच बिजली की मांग लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा एसी और कूलर के बढ़ते उपयोग और धान रोपाई कार्य शुरू होने से बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। हालात यह हैं कि जिले में बिजली की दैनिक खपत 150 लाख यूनिट के आंकड़े के पार पहुंच गई है, जबकि बीते करीब 10 दिनों के दौरान ही खपत में लगभग 30 लाख यूनिट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बिजली निगम के आंकड़ों के अनुसार धान की रोपाई शुरू होने के बाद कृषि फीडरों पर सबसे अधिक असर देखने को मिला है। कृषि क्षेत्र में बिजली की मांग करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है। वहीं शहरी, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में भी बिजली खपत में लगातार वृद्धि हो रही है। बढ़ते लोड के कारण कई स्थानों पर फीडर, केबल और पावर ट्रांसफार्मर क्षमता के करीब पहुंच गए हैं।
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इसका असर उपभोक्ताओं पर भी दिखाई दे रहा है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घोषित और अघोषित बिजली कटों की संख्या बढ़ गई है। सत करतार कॉलोनी, क्रांति नगर, आठ मरला सहित कई क्षेत्रों के लोग बार-बार बिजली बाधित होने से परेशान हैं। कहीं केबल फॉल्ट तो कहीं फ्यूज उड़ने और तकनीकी खराबी के कारण आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
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उधर, बिजली निगम की टीमें फीडरों और ट्रांसफार्मरों पर बढ़े लोड की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती मांग को देखते हुए आवश्यक तकनीकी सुधार और रखरखाव कार्य किए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। वहीं, कृषि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का शेड्यूल जारी किया गया है जिसमें किसानों को प्रतिदिन आठ घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
बिजली खपत एक नजर में
वर्तमान दैनिक खपत : 150 लाख यूनिट से अधिक
बीते 10 दिनों में वृद्धि : करीब 30 लाख यूनिट
कृषि फीडरों पर लोड : करीब 70 प्रतिशत बढ़ा
प्रमुख कारण : गर्मी, उसम और धान रोपाई
प्रभावित क्षेत्र : शहरी, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्र
वर्जन-
गर्मी और कृषि गतिविधियों के कारण बिजली की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। बढ़ते लोड के अनुसार व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीकी खराबी आने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति मिल सके।
आदित्य कुंडू, कार्यकारी अभियंता, सब-अर्बन डिवीजन, पानीपत।