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शराब ठेकेदार की गोली मारकर हत्या
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बापौली रोड पर गांव निंबरी निवासी शराब ठेकेदार की आठ साल पुरानी रंजिश में सिर में गोली और गंडासी मारकर हत्या कर दी गई। शराब ठेकेदार ने 2012 में अपने चार भाइयों के साथ गांव निबंरी के सरपंच राकेश मलिक की हत्या की थी, जिसका बदला लेने के लिए मृतक सरंपच के भाई विकास ने यूपी के दो बदमाशों के साथ तीन घंटे तक शराब के ठेके के बार रेकी की। जिसके बाद शराब ठेकेदार और उसके दो भाईयों की हत्या करने आए, लेकिन मौके पर सिर्फ शराब ठेकेदार ही मिला। जिस पर उसे पहले गोली और फिर गडांसी मारकर मौत के घाट उतार दिया। भीड़ को इकट्ठा होता देख तीनों हत्या आरोपी मौके से फरार हो गए, वहीं शराब के ठेके पर ठेकेदार के दो भाई मौजूद नहीं थे।
शराब ठेकेदार कुलदीप के भाई लक्ष्मण ने बताया कि वे नीरज, राम और बजिंद्र समेत पांच भाई हैं। भाई कुलदीप (45) का बापौली रोड पर शराब का ठेका है। सोमवार शाम सात बजे वह ठेके के बाहर खड़ा हुआ था। तभी सरपंच राकेश का भाई विकास उर्फ विक्का और उत्तर प्रदेश के दो अन्य बदमाश बाइक पर सवार होकर आए। विकास ने कुलदीप को गोली मारी, जिसके बाद दो बदमाशों ने गंडासी से कुलदीप के सिर पर वार किया और कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई। जबतक वह मौके पर पहुंचा, तीनों फरार हो चुके थे। सदर थाना पुलिस और सीआइए टू की टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचाया दिया है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
2012 में सरपंच की हत्या के जुर्म जेल में बंद थे पांचों भाई, डेढ साल पहले ही आए थे बाहर-
शराब ठेकेदार कुलदीप और चारों भाईयों ने मिलकर 2012 में सरपंच राकेश मलिक को पीटा था, जिसके बाद उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इसमें मुख्य आरोपी शराब ठेकेदार का भाई बजिंद्र था। इस मामले पांचों भाईयों को सजा हुई थी। करीब डेढ् साल पहले ही सभी भाई जेल से बाहर आए थे, जेल से बाहर आने के बाद ही कुलदीप ने शराब के ठेके में हिस्सेदारी डाली और शराब ठेकेदार बन गया।
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कैशियर ने 500 मीटर तक भागकर बचाई जान-
जिस समय सरपंच राकेश का भाई विकास उर्फ विक्का और दो बदमाश शराब ठेकेदार पर गोलियां चला रहे थे। उस समय ठेके के अंदर कैशियर सुखबीर भी था। हत्या के सबूत मिटाने के लिए तीनों ने सुखबीर को पकड़ना चाहा, लेकिन वह खेतों के अंदर से भाग गया। दहशत इतनी थी कि सुखबीर देर रात तक अपने घर नहीं पहुंचा और उसका फोन भी स्विच ऑफ जा रहा है।
मौके पर पहुंचे निक्कू पर गोली चलाने का प्रयास, लेकिन नहीं चली गोली -
शराब ठेकेदार कुलदीप की हत्या के बाद मौके पर उसका भाई निक्की उर्फ नीरज आया। सरपंच के भाई विक्का और दो बदमाश ने उसका भी करीब 500 मीटर दूर तक पीछा किया, लेकिन नीरज अपने घर के सामने जाकर निर्डर होकर खड़ा हो गया और बदमाशों को गोली चलाने की बात कही।विक्का ने उसपर गोली चलाने का प्रयास किया ,लेकिन वह हथियार नहीं चल पाया।
बदमाशों से छूटा कट्टा और गोलियां
सूचना मिलते ही सदर थाना और सीआइए टू की टीम मौके पर पहुंच गई थी। जिनको मौके से एक कट्टा, एक खोला और दो कारतूस के साथ ही तीन मोबाइल फोन मिले। एक फोन शराब ठेकेदार कुलदीप का है और बाकि दो अन्य के फोन मिले है। जिनकी पुलिस जांच कर रही है।
सनौली रोड पर ऑटो चालक को भी गंडासी से काटा-
ग्रामीणों ने बताया कि विक्का व दो बदमाश रेकी कर रहे थे, उसी समय एक ऑटो चालक की उन्हें टक्कर लग गई। जिसको तीनों ने ऑटो से उताकर पीटा व उसपर गंडासी से हमला कर दिया। चालक खून से लतपथ हालत में ही मौके से ऑटो लेकर फरार हो गया।
सात पार्टनरों के साथ मिलकर डाल रखी थी हिस्सेदारी-
शराब ठेकेदार कैस्सा दूहन ने बताया कि पैरोल पर आकर कुलदीप ने हिस्सेदारी डाल दी थी। एक शराब ठेके में कुल सात पार्टनर थे। वारदात के समय कुलदीप व कैशियर सुखबीर को छोड़कर कोई भी पार्टनर ठेके पर नहीं था। वहीं सूचना मिलते ही वह मौके पर आए और पुलिस कंट्रोल रुम में सूचना दी।
माता पिता की हो चुकी है मौत-
ग्रामीणों के अनुसार पांचों भाई अविवाहित है, माता पिता की मौत हो चुकी है। लोगों का कहना है कि शराब ठेकेदार की एक साल पहले ही शादी हुई थी, लेकिन उसकी पत्नी कहा है, इसका किसी को नहीं पता।
वर्जन
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, शव को सामान्य अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है, मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। वहीं भाई के बयान पर आरोपियों के खिलाफ 302 का पर्चा दर्ज किया है, धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- अनीरुद्ध, सदर थाना प्रभारी
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शराब ठेकेदार कुलदीप के भाई लक्ष्मण ने बताया कि वे नीरज, राम और बजिंद्र समेत पांच भाई हैं। भाई कुलदीप (45) का बापौली रोड पर शराब का ठेका है। सोमवार शाम सात बजे वह ठेके के बाहर खड़ा हुआ था। तभी सरपंच राकेश का भाई विकास उर्फ विक्का और उत्तर प्रदेश के दो अन्य बदमाश बाइक पर सवार होकर आए। विकास ने कुलदीप को गोली मारी, जिसके बाद दो बदमाशों ने गंडासी से कुलदीप के सिर पर वार किया और कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई। जबतक वह मौके पर पहुंचा, तीनों फरार हो चुके थे। सदर थाना पुलिस और सीआइए टू की टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचाया दिया है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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2012 में सरपंच की हत्या के जुर्म जेल में बंद थे पांचों भाई, डेढ साल पहले ही आए थे बाहर-
शराब ठेकेदार कुलदीप और चारों भाईयों ने मिलकर 2012 में सरपंच राकेश मलिक को पीटा था, जिसके बाद उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इसमें मुख्य आरोपी शराब ठेकेदार का भाई बजिंद्र था। इस मामले पांचों भाईयों को सजा हुई थी। करीब डेढ् साल पहले ही सभी भाई जेल से बाहर आए थे, जेल से बाहर आने के बाद ही कुलदीप ने शराब के ठेके में हिस्सेदारी डाली और शराब ठेकेदार बन गया।
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कैशियर ने 500 मीटर तक भागकर बचाई जान-
जिस समय सरपंच राकेश का भाई विकास उर्फ विक्का और दो बदमाश शराब ठेकेदार पर गोलियां चला रहे थे। उस समय ठेके के अंदर कैशियर सुखबीर भी था। हत्या के सबूत मिटाने के लिए तीनों ने सुखबीर को पकड़ना चाहा, लेकिन वह खेतों के अंदर से भाग गया। दहशत इतनी थी कि सुखबीर देर रात तक अपने घर नहीं पहुंचा और उसका फोन भी स्विच ऑफ जा रहा है।
मौके पर पहुंचे निक्कू पर गोली चलाने का प्रयास, लेकिन नहीं चली गोली -
शराब ठेकेदार कुलदीप की हत्या के बाद मौके पर उसका भाई निक्की उर्फ नीरज आया। सरपंच के भाई विक्का और दो बदमाश ने उसका भी करीब 500 मीटर दूर तक पीछा किया, लेकिन नीरज अपने घर के सामने जाकर निर्डर होकर खड़ा हो गया और बदमाशों को गोली चलाने की बात कही।विक्का ने उसपर गोली चलाने का प्रयास किया ,लेकिन वह हथियार नहीं चल पाया।
बदमाशों से छूटा कट्टा और गोलियां
सूचना मिलते ही सदर थाना और सीआइए टू की टीम मौके पर पहुंच गई थी। जिनको मौके से एक कट्टा, एक खोला और दो कारतूस के साथ ही तीन मोबाइल फोन मिले। एक फोन शराब ठेकेदार कुलदीप का है और बाकि दो अन्य के फोन मिले है। जिनकी पुलिस जांच कर रही है।
सनौली रोड पर ऑटो चालक को भी गंडासी से काटा-
ग्रामीणों ने बताया कि विक्का व दो बदमाश रेकी कर रहे थे, उसी समय एक ऑटो चालक की उन्हें टक्कर लग गई। जिसको तीनों ने ऑटो से उताकर पीटा व उसपर गंडासी से हमला कर दिया। चालक खून से लतपथ हालत में ही मौके से ऑटो लेकर फरार हो गया।
सात पार्टनरों के साथ मिलकर डाल रखी थी हिस्सेदारी-
शराब ठेकेदार कैस्सा दूहन ने बताया कि पैरोल पर आकर कुलदीप ने हिस्सेदारी डाल दी थी। एक शराब ठेके में कुल सात पार्टनर थे। वारदात के समय कुलदीप व कैशियर सुखबीर को छोड़कर कोई भी पार्टनर ठेके पर नहीं था। वहीं सूचना मिलते ही वह मौके पर आए और पुलिस कंट्रोल रुम में सूचना दी।
माता पिता की हो चुकी है मौत-
ग्रामीणों के अनुसार पांचों भाई अविवाहित है, माता पिता की मौत हो चुकी है। लोगों का कहना है कि शराब ठेकेदार की एक साल पहले ही शादी हुई थी, लेकिन उसकी पत्नी कहा है, इसका किसी को नहीं पता।
वर्जन
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, शव को सामान्य अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है, मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। वहीं भाई के बयान पर आरोपियों के खिलाफ 302 का पर्चा दर्ज किया है, धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- अनीरुद्ध, सदर थाना प्रभारी