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एक्सपोर्टरों की लिमिट बढ़कर सोलह करोड़
अमर उजाला, पानीपत
Updated Sat, 23 Nov 2013 11:58 PM IST
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मतलौडा की अनाज मंडी में आयोजित आढ़ती एसोसिएशन की बैठक में सर्व सम्मति से एक्सपोर्टराें की खरीद लिमिट बढ़ाकर 16 करोड़ करने का फैसला लिया। बैठक की अध्यक्षता आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान विनय गुप्ता ने की।
शनिवार का आयोजित बैठक में मंडी में खरीद को सुचारु रूप से चलाने के लिए एक्सपोर्टरों की धान खरीद की लिमिट बढ़ाने के लिए सभी आढ़तियों से सुझाव मांगे। बैठक में कहा कि पिछले साल के मुकाबले इस बार धान के रेट ज्यादा होने के कारण कम जीरी खरीदने पर ही आठ करोड़ रुपये की लिमिट पूरी हो जाती है।
इसलिए मंडी में खरीद व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक्सपोर्टरों की लिमिट को बढ़ाया जाना जरूरी है। सभी ने एकमत होकर एक्सपोर्टरों की लिमिट आठ करोड़ से बढ़ाकर 16 करोड़ करने का फैसला लिया और आज से ही इसे लागू भी कर दिया। आढ़तियों का मानना है कि अब एक्सपोर्टर अधिक खरीद कर पाएंगे।
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आढ़तियों के इस फैसले के बाद भाव में डेढ़ सौ रुपये तक का उछाल दर्ज किया। बासमती छह हजार रुपये के पार पहुंची, वहीं 1121 किस्म 4651 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकी। मंडी में बोली रुकने पर कई आढ़तियों ने नाराजगी जाहिर की तो मंडी प्रधान विनय गुप्ता ने कहा कि इस बार मजदूरों की कमी के चलते कंबाइन मशीनों से जीरी की फसल को कटाया।
इससे मंडी में एक साथ बड़ी मात्रा में जीरी आ गई। आए रोज मंडी में लाखों बोरियां जीरी आती हैं। लेकिन आए रोज इतनी खरीद होना असंभव है। इसके अलावा एक ही एक्सपोर्टर तीनों वैरायटियों की खरीद करता है। ऐसे में थोड़ा बहुत असर बोली पर पड़ना निश्चित है।
बैठक में उपप्रधान राजेश ढांडा, सचिव विजय छाबड़ा, कृष्ण देशवाल, गर्ग इंडस्ट्रीज के मालिक श्याम गर्ग, श्याम बंसल, जगदीश बंसल, रामकरण शर्मा सरपंच, बलवान हुड्डा और देवेंद्र ढांडा सहित कई आढ़ती मौजूद थे।
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शनिवार का आयोजित बैठक में मंडी में खरीद को सुचारु रूप से चलाने के लिए एक्सपोर्टरों की धान खरीद की लिमिट बढ़ाने के लिए सभी आढ़तियों से सुझाव मांगे। बैठक में कहा कि पिछले साल के मुकाबले इस बार धान के रेट ज्यादा होने के कारण कम जीरी खरीदने पर ही आठ करोड़ रुपये की लिमिट पूरी हो जाती है।
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इसलिए मंडी में खरीद व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक्सपोर्टरों की लिमिट को बढ़ाया जाना जरूरी है। सभी ने एकमत होकर एक्सपोर्टरों की लिमिट आठ करोड़ से बढ़ाकर 16 करोड़ करने का फैसला लिया और आज से ही इसे लागू भी कर दिया। आढ़तियों का मानना है कि अब एक्सपोर्टर अधिक खरीद कर पाएंगे।
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आढ़तियों के इस फैसले के बाद भाव में डेढ़ सौ रुपये तक का उछाल दर्ज किया। बासमती छह हजार रुपये के पार पहुंची, वहीं 1121 किस्म 4651 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकी। मंडी में बोली रुकने पर कई आढ़तियों ने नाराजगी जाहिर की तो मंडी प्रधान विनय गुप्ता ने कहा कि इस बार मजदूरों की कमी के चलते कंबाइन मशीनों से जीरी की फसल को कटाया।
इससे मंडी में एक साथ बड़ी मात्रा में जीरी आ गई। आए रोज मंडी में लाखों बोरियां जीरी आती हैं। लेकिन आए रोज इतनी खरीद होना असंभव है। इसके अलावा एक ही एक्सपोर्टर तीनों वैरायटियों की खरीद करता है। ऐसे में थोड़ा बहुत असर बोली पर पड़ना निश्चित है।
बैठक में उपप्रधान राजेश ढांडा, सचिव विजय छाबड़ा, कृष्ण देशवाल, गर्ग इंडस्ट्रीज के मालिक श्याम गर्ग, श्याम बंसल, जगदीश बंसल, रामकरण शर्मा सरपंच, बलवान हुड्डा और देवेंद्र ढांडा सहित कई आढ़ती मौजूद थे।