फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Leave happiness and sorrow to Hari

Panipat News: सुख-दुख हरि पर छोड़ दें, मिलेगी उनकी कृपा – विजय कौशल महाराज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Mar 2024 04:00 AM IST
विज्ञापन
Leave happiness and sorrow to Hari
पानीपत। संत विजय कौशल महाराज ने कहा कि जो मनुष्य अपना सुख, दुख और सारे काम हरि पर छोड़ देता है, उस पर भगवान की हमेशा कृपा होती है। इंसान लालची होता है। सुख को अपना कर्म और दुख को हरि इच्छा कहता है। यह सोच बहुत गलत है। यदि आपने अपना हर काम ईश्वर पर छोड़ दिया है। आपके सभी मनोरथ सिद्ध होंगे लेकिन इसके लिए विश्वास रखना होगा।
विज्ञापन

उन्होंने ये प्रवचन बालाजी प्रचार सेवा समिति द्वारा देवी मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा के छठे दिन रविवार को कहे। उन्होंने कहा कि भगवान ना तो निर्गुण है, ना ही सगुण है। भगवान शिव ने माता पार्वती से बताया कि जब भी पृथ्वी अधर्म का बोलबाला होता है, साधु-संतों, सज्जनों के लिए भगवान असहाय की पीड़ा हरने दुष्टों का नाश करने अवतार लेते हैं। महाराज ने कहा कि भगवान का अवतार हमेशा उद्देश्य को लेकर होता है। भक्ति की समाधि का सिद्धांत में तन की महत्ता गौण होती है। मन से ईश्वर की साधना में व्यक्ति जितना समर्पित होगा, ईश्वर की कृपा कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेंगी। शरीर हमारा कहीं भी हो, लेकिन चित्त में भगवान होना चाहिए। भगवान की भक्ति में मन को लगाने के लिए ध्यान प्रमुख साधन है। इस मौके पर प्रधान संजय मंगला, महासचिव सचिन गुप्ता, चेयरमैन जॉनी सिंगल, राकेश कंसल, सुभाष मित्तल, नवीन बंसल, सौरभ गुप्ता, सुरेंद्र गर्ग, विकास गोयल, सचिन कंसल व प्रवीण गुप्ता माैजूद रहे।
विज्ञापन



बॉक्स
तीर्थ स्थल अध्यात्म की कार्यशाला
विजय कौशल कौशल ने बताया बेटा बेटी ब्याहने के बाद परिवार के मुखिया और पारिवारिक सदस्यों को जंगल में तीर्थों में रहने की आवश्यकता नहीं है। घर को ही तीर्थ बनाए, सहयोगी बनें संयमी रहें, ईश्वर की भक्ति में लीन रहें, कथा का श्रवण करें। आज के युग में माता-पिता से संवाद नहीं करने वालों पर भगवत कृपा नहीं होती। लोग डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, नेता के लिए घंटों बैठे रहते हैं। लेकिन मां-बाप से बात करने का समय नहीं है। कल्याण के लिए संवेदनशीलता का होना एवं भक्ति भावना से साधना में लीन होना बहुत जरूरी है। अहंकार दुख का कारण है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed