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फर्जी लोन दिखाकर वकील का सिबिल किया कम, कोर्ट ने लगाया जुर्माना
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पानीपत। एक कार कंपनी ने अधिवक्ता के नाम पर फर्जी लोन दिखाकर उन्हें डिफाल्टर घोषित कर दिया और क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड (सिबिल ) को उनका रिकॉर्ड भेज दिया। आरोप है कि रिकॉर्ड के आधार पर अधिवक्ता का सिबिल स्कोर कम कर दिया गया। इससे नाराज अधिवक्ता ने सिबिल एवं कार कंपनी के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सात साल चले केस में बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश अमित गर्ग की अदालत ने सिबिल पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
वार्ड-12 निवासी मोहम्मद आजम सिद्दीकी ने बताया कि वर्ष 2014 में बेटे की इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए केनरा बैंक में लोन का आवेदन किया था। बैंक मैनेजर ने उनका सिबिल स्कोर चेक किया तो कम मिला। मैनेजर ने उसे बताया कि उसने एक कार कंपनी से टेंपो के लिए लोन लिया है। उसे भरा नहीं है इसलिए उनको लोन नहीं मिल सकता जबकि आजम ने बताया कि उसने बैंक से कभी लोन नहीं लिया था। उसने इस संबंध में कार कंपनी एवं सिबिल को नोटिस देकर लोन के कागज मंगवाए।
कागजातों में लोन यूपी के प्रतापगढ़ के पते पर मिला। उसने सिबिल से उनका रिकॉर्ड सही करने की मांग की। दो माह तक ब्यूरो ने इस संबंध में कार्रवाई नहीं की। जिस पर वह लोक अदालत में गए। इसके बाद उनका रिकॉर्ड ठीक किया गया। अब उसने कोर्ट में ब्यूरो एवं मोटर्स कंपनी के खिलाफ केस डाला था कि उनको इस वजह से मानसिक एवं शारीरिक रूप से परेशान होना पड़ा। अब कोर्ट ने सिबिल पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। आजम का कहना है कि अब कार कंपनी के खिलाफ वह हाईकोर्ट में केस डालेंगे।
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वार्ड-12 निवासी मोहम्मद आजम सिद्दीकी ने बताया कि वर्ष 2014 में बेटे की इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए केनरा बैंक में लोन का आवेदन किया था। बैंक मैनेजर ने उनका सिबिल स्कोर चेक किया तो कम मिला। मैनेजर ने उसे बताया कि उसने एक कार कंपनी से टेंपो के लिए लोन लिया है। उसे भरा नहीं है इसलिए उनको लोन नहीं मिल सकता जबकि आजम ने बताया कि उसने बैंक से कभी लोन नहीं लिया था। उसने इस संबंध में कार कंपनी एवं सिबिल को नोटिस देकर लोन के कागज मंगवाए।
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कागजातों में लोन यूपी के प्रतापगढ़ के पते पर मिला। उसने सिबिल से उनका रिकॉर्ड सही करने की मांग की। दो माह तक ब्यूरो ने इस संबंध में कार्रवाई नहीं की। जिस पर वह लोक अदालत में गए। इसके बाद उनका रिकॉर्ड ठीक किया गया। अब उसने कोर्ट में ब्यूरो एवं मोटर्स कंपनी के खिलाफ केस डाला था कि उनको इस वजह से मानसिक एवं शारीरिक रूप से परेशान होना पड़ा। अब कोर्ट ने सिबिल पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। आजम का कहना है कि अब कार कंपनी के खिलाफ वह हाईकोर्ट में केस डालेंगे।
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