फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Lakhu Buana village's daughter Rajni is bringing glory to the country in boxing.

Panipat News: मुक्केबाजी में लाखू बुआना गांव की बेटी रजनी देश का नाम कर रहीं रोशन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2026 03:06 AM IST
विज्ञापन
Lakhu Buana village's daughter Rajni is bringing glory to the country in boxing.
पानीपत। जिले के बुआना लाखू गांव की रजनी मुक्केबाजी में न केवल जिले बल्कि देश का नाम रोशन कर रही हैं। अपनी मेहनत और लगन से रजनी मुक्केबाजी में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। जिला स्तरीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में रजनी अब तक 15 पदक, राज्य स्तर पर कम से दस पदक अपने नाम कर चुकी हैं। रजनी की सफलताएं यहीं नहीं रुकती उन्होंने राष्ट्रीय स्तर मुक्केबाजी प्रतियोगिता में छह अलग-अलग पदक अपने नाम किए हैं।
विज्ञापन

2018 में सर्बिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भाग लिया, इसके अलावा स्पैन में आयोजित यूथ टूर्नामेंट में रजनी ने भाग लिया और कांस्य पदक हासिल किया, इसके बाद 2019 अक्तूबर में आयरलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में रजत पदक अपने नाम किया। मार्च 2025 में नोयडा में आयोजित सीनियर मुक्केबाजी प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल किया। इन सभी सफलताओं के पीछे रजनी की कड़ी मेहनत और लगन है।
विज्ञापन

रजनी के पिता जशमेर लस्सी बेचने का काम करते हैं और मां ऊषा गृहिणी हैं। रजनी के माता-पिता ने अपनी बेटी की मेहनत और लगन को देखते हुए उन्हें आगे बढ़ने में पूरा सहयोग कर रहे हैं। रजनी को बचपन से वह मुक्केबाजी में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते रहे हैं। रजनी ने फिलहाल बीए की पढ़ाई पूरी की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रजनी करीब चार साल से बुआना लाखू स्थित पीएस स्पोर्ट्स एकेडमी में कोच सुरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी प्रशिक्षण ले रही हैं। कोच ने बताया कि गांव की बेटी रजनी मुक्केबाजी में न केवल गांव बल्कि देश का भी नाम रोशन कर रही हैं। जब बेटियां खेलों में देश का नाम रोशन करती हैं तो उन्हें देखकर और लड़कियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। रजनी के माता-पिता उन्हें आगे बढ़ने में पूरा सहयोग कर रहे हैं। खिलाड़ी रजनी ने बताया कि मुक्केबाजी में यहां तक पहुंचने में उनके कोच का सही मार्गदर्शन और माता-पिता का पूरा सहयोग मिला है। उनका लक्ष्य मुक्केबाजी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर अपने देश का नाम रोशन करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed