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Panipat News: पानीपत का लाल जम्मू-कश्मीर में शहीद, तीन बहनों के थे इकलौते भाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 14 Sep 2023 02:24 AM IST
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Laal of Panipat martyred in Jammu and Kashmir, was the only brother of three sisters
पानीपत। पानीपत जिले के बिंझौल गांव का लाल मेजर आशीष धौंचक जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गया। वह तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसके शहीद होने पर परिवार और गांव में मातम पसर गया है। पिता एनएफएल से सेवानिवृत्त होने के बाद सेक्टर-7 में किराये के मकान में रहते हैं। मेजर आशीष छह महीने पहले अपने साले की शादी में छुट्टी लेकर घर आए थे। उनको इसी साल सेना मेडल मिला था। प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने शहीद के घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी।
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बुधवार शाम को सेना से फोन पर मेजर आशीष धौंचक के शहीद होने की सूचना मिली। कुछ ही देर में बात गांव में आग की तरह फैल गई। गांव के लोग सेक्टर-7 में पहुंचे। यहां शहीद मेजर के पिता लालचंद और मां कमला देवी रहती हैं। परिजनों ने बताया कि मेजर आशीष तीन बहनों के इकलौते भाई थे। उन्हें चार-पांच साल की एक बेटी है। बताया रहा है कि शहीद मेजर आशीष की ससुराल जींद में है। वे मार्च में अपने साले की शादी में छुट्टी पर आए थे। इस दौरान अपने घर पर भी आए थे। उनका टीडीआई सिटी में मकान निर्माणाधीन है। मकान के मुहूर्त पर मेजर आशीष को छुट्टी पर आना था।
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शहीद मेजर आशीष सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर भर्ती हुए थे। उसी समय उनके चाचा का बेटा भी सेना में भर्ती हुआ था। आशीष पढ़ाई में अव्वल थे। वे अपनी काबिलियत पर पदोन्नति लेते रहे। परिजनों ने बताया कि आशीष बहादुर थे और दुश्मनों से सीधे भिड़ जाते थे।
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परिजनों ने बताया कि शहीद मेजर आशीष धौंचक के पिता लालचंद सिंह चार भाइयों में सबसे बड़े हैं। लालचंद एनएफएल से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके दूसरे चाचा दिलावर एयरफोर्स से सेवानिवृत्त हैं और अब सेक्टर-18 में रहते हैं। दिलावर का एक बेटा भी सेना में मेजर है। तीसरे नंबर का बलवान बिंझौल गांव में रहते हैं और चौथे दिलबाग गुरुग्राम में रहते हैं। माता-पिता को सांत्वना देने वालों का घर पर तांता लगा रहा।
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