{"_id":"570156024f1c1bbe1fc81206","slug":"kuran-muslim-hindi-news-panipat","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुरान हिफ्ज करने वाले बच्चों को पगड़ी पहनाई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुरान हिफ्ज करने वाले बच्चों को पगड़ी पहनाई
ब्यूरो/अमर उजाला सनौली।
Updated Sun, 03 Apr 2016 11:24 PM IST
विज्ञापन
पानीपत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव सनौली खुर्द स्थित मदरसे सबिलु रिसाद में एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय प्रदेश स्तरीय सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में मुख्य अतिथि के रूप में मौलाना मुफ्ती अब्दूल गनी, अरसद मदीनी अध्यक्षा जमीयत उलेमा हिंद, मौलाना राशिद कांधलवी, मौलाना ईसराइल, मौलाना जुनेद मजीदी, इकबाल पानीपती व गांव पत्थरगढ़ के सरपंच अमजद मजिदी व मौलाना हारूण ने शिरकत की। जलसे में मौलाना अब्दुल गनी ने सालाना जलसा कार्यक्रम में कुरान हिफ्ज करने वाले बच्चों को पगड़ी पहना और बच्चियों को चुन्नी ओढ़ाकर सम्मानित किया।
रविवार को गांव सनौली की मदरसे सबिलु रिसाद में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में सनौली के सैकड़ों बच्चों व बच्चियों ने भाग लिया। जलसे में बच्चों को संबोधित करते हुए मौलाना अरसद मदीनी ने कहा कि इंसान ईमान पर टिका है, लेकिन आज इंसान का ईमान गिर रहा है। इससे किसी का भी भला नही होगा। मुस्लिम समुदाय के लोगों को पांचों वक्त नमाज अता करनी चाहिए, लेकिन सौ में से 90 लोगों नमाज पढ़ते ही नहीं, उन्हें सही मायने में नमाज की कीमत का ही नहीं पता। उन्होंने कहा कि इंसान का इंसान से प्यार करना चाहिए। कोई भी धर्म आपस में बैर रखना नहीं सिखाता। इस अवसर पर सरपंच अमजद मजिदी, बसीर अहमद, नवाब अली, मौला हारूण, तासिम, जाहिद, समशाद अली, अखत्तर, लीला हसन, सालिम अहमद, बासा, यामिन, बसीर अहमद व मीना मौजूद रही ।
विज्ञापन
रविवार को गांव सनौली की मदरसे सबिलु रिसाद में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम सालाना जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में सनौली के सैकड़ों बच्चों व बच्चियों ने भाग लिया। जलसे में बच्चों को संबोधित करते हुए मौलाना अरसद मदीनी ने कहा कि इंसान ईमान पर टिका है, लेकिन आज इंसान का ईमान गिर रहा है। इससे किसी का भी भला नही होगा। मुस्लिम समुदाय के लोगों को पांचों वक्त नमाज अता करनी चाहिए, लेकिन सौ में से 90 लोगों नमाज पढ़ते ही नहीं, उन्हें सही मायने में नमाज की कीमत का ही नहीं पता। उन्होंने कहा कि इंसान का इंसान से प्यार करना चाहिए। कोई भी धर्म आपस में बैर रखना नहीं सिखाता। इस अवसर पर सरपंच अमजद मजिदी, बसीर अहमद, नवाब अली, मौला हारूण, तासिम, जाहिद, समशाद अली, अखत्तर, लीला हसन, सालिम अहमद, बासा, यामिन, बसीर अहमद व मीना मौजूद रही ।
विज्ञापन