फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Khandra stayed awake all night for Neeraj, prayer for son paid off

Panipat News: नीरज के लिए रातभर जागा खंदरा, बेटे के लिए की प्रार्थना लाई रंग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Aug 2023 01:53 AM IST
विज्ञापन
Khandra stayed awake all night for Neeraj, prayer for son paid off
पानीपत। टोक्यो ओलंपिक में देश की झोली में स्वर्ण पदक लाने वाले नीरज चोपड़ा हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उतरे तो उनके पैतृक गांव खंदरा का माहौल की कुछ अलग रहा। भारतीय समय के अनुसार रात करीब पौने 12 बजे शुरू हुए मुकाबले को परिवार के साथ गांव के लोगों ने भी आधी रात तक जागकर देखा। नीरज के मैदान पर उतरते ही हर किसी ने मजबूती और देश को स्वर्ण दिलाने के लिए प्रार्थना की। नीरज ने लाखों लोगों की दुआओं के बाद ऐसा करने में सफल रहे। आधी रात को गांव में खुशियां देखने को मिलीं।
विज्ञापन


खंदरा गांव में वैसे तो सामान्य दिनों की तरह दिन ढला। हर किसी ने अपने काम निपटाए, लेकिन आज काम निपटाने के साथ एक उम्मीद भी थी। रात्रिकालीन ड्यूटी करने वाले लोग भी जल्दी काम खत्म कर नीरज का मैच देखने के लिए उत्सुक थे।
विज्ञापन

नीरज के पिता सतीश कुमार, मां सरोज देवी और चाचा भीम चोपड़ा उनके स्वर्ण पदक जीतने को लेकर सबसे अधिक उत्साहित थे। पिछले कई दिनों से हर रोज प्रार्थना कर रहे थे। रविवार को सुबह ही विशेष प्रार्थना की और शाम को घर के मंदिर में घी का दीपक जलाया। नीरज के माता-पिता ने बताया कि नीरज पर पदक का भरोसा था। उन्होंने उसे पूरा किया। चाचा भीम चोपड़ा ने कहा कि क्वालिफाइंग राउंड से उन्हें नीरज के पदक की उम्मीद थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

नीरज चोपड़ा ने चंद्रयान -3 की चांद पर सफल लैंडिंग के बाद अपने सपने को भी दोहराया था। साथ ही उन्होंने युवाओं व अपने फॉलोअर्स को भी ऐसा करने का आह्वान किया था। उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखते हुए इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी थी। उन्होंने लिखा था आई रीच्ड माई डेस्टीनेशन एंड यू टू।
नीरज ने 87.58 मीटर भाला फेंककर टोक्यो ओलंपिक 2021 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। अभिनव बिंद्रा के बाद किसी विश्व चैंपियनशिप स्तर पर एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक को जीतने वाले वे दूसरे भारतीय थे। नीरज चोपड़ा को मार्च 2022 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नीरज चोपड़ा को सम्मानित किया था।
नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 को हरियाणा के पानीपत जिला के गांव खंदरा में हुआ। पिता सतीश कुमार पेशे से किसान हैं और माता सरोज देवी एक गृहिणी हैं। नीरज की जेवलिन थ्रो में 11 वर्ष की उम्र में रुचि पैदा हुई। वे यहां पानीपत के शिवाजी स्टेडियम में जय चौधरी को प्रैक्टिस करते देखा करते थे। नीरज चोपड़ा जेवलिन थ्रो में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वे भारतीय सेना की राजस्थान राइफल्स में सूबेदार के पद पर तैनात हैं। उनको बेहतरीन प्रदर्शन के बदौलत सेना में विशिष्ट सेवा मैडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।

नीरज चोपड़ा ने 2016 आइएएएफ अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप में उन्होंने एक विश्व जूनियर रिकॉर्ड स्थापित किया था। 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए 82.23 मीटर तक भाला फेंक कर स्वर्ण पदक जीता था। वे 2016 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में स्थान पाने में वह विफल रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed