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केंद्रीय विद्यालय पर लटक सकता है ताला!
अमर उजाला, पानीपत
Updated Sat, 22 Mar 2014 11:45 PM IST
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पानीपत। एनएफएल स्थित केंद्रीय विद्यालय पर इस सत्र में ताला लग सकता है और स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों को नए सत्र में दाखिले न किए जाने संबंधी नोटिस थमाने का काम शुरू कर दिए हैं। जिसके बाद कई सौ बच्चों, अभिभावकों और स्टाफ को चिंता सताने लगी है।
स्कूल प्रबंधन ने इसे आंतरिक मामला बताया है और फिलहाल पहली कक्षा में दाखिले बंद करने की बात मानी है। एनएफएल प्रबंधन ने स्कूल की भविष्य में वित्तीय मदद न करने की साफ शब्दों कही है। स्कूल बंद करने के नोटिस पर अभिभावकों ने मोर्चा तैयार कर लिया है।
एनएफएल स्थित केंद्रीय विद्यालय में पहली से बारहवीं कक्षा तक करीब आठ सौ बच्चे पढ़ रहे हैं और यहां पर करीब 50 टीचिंग स्टाफ है। अभिभावक स्कूल में नए सत्र में दाखिले करने की तैयारी में हैं और स्कूल प्रबंधन से लगातार संपर्क में है। स्कूल प्रबंधन ने इसी बीच विद्यार्थियों और अभिभावकों को नोटिस थमाना शुरू कर दिया। जिसमें नए सत्र में दाखिले न करने की लिखी है। स्कूल प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों को नोटिस देने भी शुरू कर दिए। जिसके बाद अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई।
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केंद्रीय विद्यालय में एनएफएल, सीआईएसएफ और पूर्व सैनिकों के बच्चे ही नहीं आसपास की कॉलोनियों के बच्चे थे। इस स्कूल को 1980 में शुरू किया था। यहां से कई डाक्टर, इंजीनियर, आईएएस व बड़े अधिकारी निकल चुके हैं।
स्कूल को कई माह से मिल रहे नोटिस
एनएफएल स्कूल की वित्तीय मदद करना नहीं चाहता और अपने हाथ खड़े कर लिए हैं। कुछ जानकारों की माने तो एनएफएल घाटे का नाम देकर लगातार स्कूल बंद करने की कह रहा है और स्कूल को कई माह से नोटिस दिए जा रहे हैं।
केंद्रीय विद्यालय की ओर से स्कूल बंद करने के नोटिस पर अभिभावकों में रोष है। हरजीत, रमेश कुमार और विपिन ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय में शिक्षा से संबंधित हर सुविधा हैं और बच्चे यहां पढ़कर लगातार आगे निकल रहे हैं। ऐसे में स्कूल बंद करना मुश्किल भरा होगा। इस समय बच्चों को दूसरे स्कूलों में दाखिल कराना मुश्किल होगा। वे इसके लिए संघर्ष के लिए तैयार हैं।
शहर की सरकार को समर्थन वापस की चेतावनी देने वाली वार्ड-14 पार्षद मंजू कादियान स्कूल के मामले में भी अभिभावकों के साथ खुलकर सामने आ गई है और लोकसभा चुनाव में इसको मुद्दा बनाने की चेतावनी दी है। मंजू कादियान के पति रामचंद्र कादियान ने बताया कि स्कूल का बंद होना चिंता का विषय है।
एनएफएल की राखी से विकास नगर को काफी दिक्कत है। ऐसे में एनएफएल की ओर से स्कूल की वित्तीय मदद से हाथ खींचना गलत है। वे किसी तरह का संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं तो इसको लेकर राजनेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों से बात करेंगे।
एनएफएल संस्थान ने फिलहाल क्लास-वन में दाखिलों पर रोक लगाई है। उनकी बाकी क्लासों को लेकर केंद्र विद्यालय संस्थान के मुख्यालय से बातचीत चल रही हैं। वे मुख्यालय के आदेशानुसार आगे की कक्षाओं को लेकर कदम उठाएंगे। अभिभावकों की सुविधा को देखते हुए नोटिस दिए हैं।
प्रमोद पराटे, प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय, एनएफएल पानीपत
वर्जन
एनएफएल परिसर स्थित केंद्रीय विद्यालय पानीपत को एनएफएल वित्तीय मदद कर रही है। एनएफएल गत दिनों से घाटे में चल रही है। ऐसे में स्कूल को अपने स्तर पर खर्च चलाने की कही गई है। वे स्कूल के लिए बिल्डिंग और पानी दे सकते हैं। स्कूल को सिविल एरिया में ट्रांसफर किया जा सकता है।
संजीव आर्य, प्रबंधक पीआर, एनएफएल पानीपत
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स्कूल प्रबंधन ने इसे आंतरिक मामला बताया है और फिलहाल पहली कक्षा में दाखिले बंद करने की बात मानी है। एनएफएल प्रबंधन ने स्कूल की भविष्य में वित्तीय मदद न करने की साफ शब्दों कही है। स्कूल बंद करने के नोटिस पर अभिभावकों ने मोर्चा तैयार कर लिया है।
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एनएफएल स्थित केंद्रीय विद्यालय में पहली से बारहवीं कक्षा तक करीब आठ सौ बच्चे पढ़ रहे हैं और यहां पर करीब 50 टीचिंग स्टाफ है। अभिभावक स्कूल में नए सत्र में दाखिले करने की तैयारी में हैं और स्कूल प्रबंधन से लगातार संपर्क में है। स्कूल प्रबंधन ने इसी बीच विद्यार्थियों और अभिभावकों को नोटिस थमाना शुरू कर दिया। जिसमें नए सत्र में दाखिले न करने की लिखी है। स्कूल प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों को नोटिस देने भी शुरू कर दिए। जिसके बाद अभिभावकों की परेशानी बढ़ गई।
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केंद्रीय विद्यालय में एनएफएल, सीआईएसएफ और पूर्व सैनिकों के बच्चे ही नहीं आसपास की कॉलोनियों के बच्चे थे। इस स्कूल को 1980 में शुरू किया था। यहां से कई डाक्टर, इंजीनियर, आईएएस व बड़े अधिकारी निकल चुके हैं।
स्कूल को कई माह से मिल रहे नोटिस
एनएफएल स्कूल की वित्तीय मदद करना नहीं चाहता और अपने हाथ खड़े कर लिए हैं। कुछ जानकारों की माने तो एनएफएल घाटे का नाम देकर लगातार स्कूल बंद करने की कह रहा है और स्कूल को कई माह से नोटिस दिए जा रहे हैं।
केंद्रीय विद्यालय की ओर से स्कूल बंद करने के नोटिस पर अभिभावकों में रोष है। हरजीत, रमेश कुमार और विपिन ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय में शिक्षा से संबंधित हर सुविधा हैं और बच्चे यहां पढ़कर लगातार आगे निकल रहे हैं। ऐसे में स्कूल बंद करना मुश्किल भरा होगा। इस समय बच्चों को दूसरे स्कूलों में दाखिल कराना मुश्किल होगा। वे इसके लिए संघर्ष के लिए तैयार हैं।
शहर की सरकार को समर्थन वापस की चेतावनी देने वाली वार्ड-14 पार्षद मंजू कादियान स्कूल के मामले में भी अभिभावकों के साथ खुलकर सामने आ गई है और लोकसभा चुनाव में इसको मुद्दा बनाने की चेतावनी दी है। मंजू कादियान के पति रामचंद्र कादियान ने बताया कि स्कूल का बंद होना चिंता का विषय है।
एनएफएल की राखी से विकास नगर को काफी दिक्कत है। ऐसे में एनएफएल की ओर से स्कूल की वित्तीय मदद से हाथ खींचना गलत है। वे किसी तरह का संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं तो इसको लेकर राजनेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों से बात करेंगे।
एनएफएल संस्थान ने फिलहाल क्लास-वन में दाखिलों पर रोक लगाई है। उनकी बाकी क्लासों को लेकर केंद्र विद्यालय संस्थान के मुख्यालय से बातचीत चल रही हैं। वे मुख्यालय के आदेशानुसार आगे की कक्षाओं को लेकर कदम उठाएंगे। अभिभावकों की सुविधा को देखते हुए नोटिस दिए हैं।
प्रमोद पराटे, प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय, एनएफएल पानीपत
वर्जन
एनएफएल परिसर स्थित केंद्रीय विद्यालय पानीपत को एनएफएल वित्तीय मदद कर रही है। एनएफएल गत दिनों से घाटे में चल रही है। ऐसे में स्कूल को अपने स्तर पर खर्च चलाने की कही गई है। वे स्कूल के लिए बिल्डिंग और पानी दे सकते हैं। स्कूल को सिविल एरिया में ट्रांसफर किया जा सकता है।
संजीव आर्य, प्रबंधक पीआर, एनएफएल पानीपत