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सत्संग में आंख, कान और हृदय को खुला रखो : कंवर महाराज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Sep 2025 03:00 AM IST
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Keep your eyes, ears and heart open in satsang: Kanwar Maharaj
सत्संग वचन बताते कंवर महाराज। स्रोत : सोशल मीडिया
- गुरु कंवर महाराज ने गोहाना रोड स्थित राधास्वामी आश्रम में दिए प्रवचन
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सत्संग देखने और सुनने के लिए ही न आओ, सत्संग करने के लिए आओ। सत्संग सत्य धर्म का मार्ग है और सत्य सुनने या देखने का नहीं है बल्कि सत्य को अपनाने का है। ये प्रवचन राधा स्वामी विनोद के संत गुरु कंवर महाराज ने गोहाना रोड स्थित राधास्वामी आश्रम में दिए।
संत कंवर महाराज ने बताया कि संत में तीन चीज उपयोगी है। सत्संग, सतगुरु और सतनाम। सत्संग में तीन को हमेशा खुला रखो। आंख, कान और हृदय। पहले सतगुरु के दर्शन करो फिर वचन सुनो और उन वचनों को हृदय में गुणों। केवल यह करके ही हम अपनी आत्मशक्ति को जाया करने के इन तीन द्वारों पर अंकुश लगा सकते हैं। आंख से बुरा न देखो, कान से बुरा न सुनो और मुख से बुरा न बोलो। संत गुरु मुख्ता का मत है लेकिन गुरमुख बनना सबसे मुश्किल है। गुरु मुख्ता लगे रहने से ही मिलती है। अगर डांवाडोल हो जाए तो कुछ नहीं पाओगे। जब मन की हद से निकल कर गुरु की हद में आ जाओगे तो काग से हंस रूप हो जाओगे।
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प्रभु से प्रेम करो तो ऐसा करो कि उसकी छवि आपके अंतर्मन में बस जाए। परमात्मा और आपके बीच में किसी को न आने दो। जब आपके हृदय में भक्ति रूपी प्रेम का फूल उगेगा तो उसकी सुगंध दूर-दूर तक जाएगी। कंवर महाराज ने कहा कि आज आया कल नहीं लेकिन नाम रस एक बार आ गया तो जीवन भर इसका आनंद नहीं जाने वाला। नाम लेकर अभ्यास, ध्यान, भजन करते हो तो ही लाभ है अन्यथा कोई फायदा नहीं। नाम लेकर भी यदि नाम के चोर बनते हो तो दोहरा नुकसान है। राधास्वामी मत के संस्थापक महाराज ने साल के बारह मास को लेकर बारहमासा लिख दिया ताकि जीव समय रहते चेत जाए और काल के फंदे से बच जाए।
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बच्चों की केवल जरूरत पूरी करो
संत ने कहा कि भक्ति एक दो दिन या महीने या साल का काम नहीं है। ये तो देह पर्यंत का काम है। जब तक सांस चले नाम को और गुरु को न भूलो। मां-बाप, बड़े बुजुर्गों की सेवा करो। मंदिर की मूरत आपको आशीर्वाद या दुआ नहीं देंगी बल्कि आपके बड़े बुजुर्ग और मां-बाप आपको दुआ और आशीर्वाद देंगे। तन पवित्र सेवा से धन पवित्र दान से और मन पवित्र हरि भजन से करो। मन को काम में लगाए रखो। नेकी करो हरि के जन से प्रेम करो। सत्य के मार्ग पर चलो। अपनी संतान को संस्कार की विरासत सौंपो। बच्चों की केवल जरूरत को पूरी करो इच्छाएं नहीं। स्वयं को सुधारो जग स्वयं सुधर जाएगा।

सत्संग वचन बताते कंवर महाराज। स्रोत : सोशल मीडिया

सत्संग वचन बताते कंवर महाराज। स्रोत : सोशल मीडिया

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