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मुंबई पहुंचे कमल राणा अब धारावाहिकों में दिखेंगे
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पानीपत। कमल राणा ( दाए वाला) व साथ में अन्य।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। रुपहले पर्दे का सपना लेकर मुंबई पहुंचे पानीपत के 22 वर्षीय कमल राणा अब धारावाहिकों में दिखेंगे। यह सफर आसान नहीं था। उन्हें कई बार मायूसी हाथ लगी लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अब एक साथ तीन धारावाहिकों में वह अपनी अदाकारी का हुनर दिखाते नजर आएंगे।
‘साथ निभाना साथिया’ के साथ ही धारावाहिक ‘सिर्फ तुम’ में एक किरदार निभाने को मिला। अब सोनी सब पर धारावाहिक ‘सर मैडम’ में अतिथि का रोल भी कर रहे हैं। आने वाले धारावाहिक ‘गरुड़’ में भी कमल राणा देवता गंधर्व के किरदार में दिखाई देंगे।
कक्षा नौ में कमल ने संगीत की दुनिया में कदम रखा और कॉलेज में आते-आते खुद का म्यूजिक स्टूडियो खोल लिया। वह संगीत तैयार करते थे हालांकि उनका सपना अदाकारी का था। कमल ने बताया कि मुंबई पहुंचने तक का सफर काफी मुश्किल था, लेकिन उनके बड़े भाई कपिल राणा और अतुल राणा ने उनका पूरा साथ दिया। इससे उन्हें सफलता मिली।
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हरियाणवीं लहजे के कारण ऑडिशन में सुनने को मिला न
जुबान में हरियाणवीं लहजे के कारण कमल को चार ऑडिशन में न सुनने को मिला। तब उन्होंने अपने लहजे पर काम किया। करीब डेढ़ महीने तक अपनी भाषा पर काम किया। हिंदी बोलने का अभ्यास किया। हिंदी बोलने में आ रहे हरियाणवीं लहजे को हटाया। इसके साथ ही अपनी अदाकारी पर भी काम किया, जिससे सफलता हाथ लगी।
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‘साथ निभाना साथिया’ के साथ ही धारावाहिक ‘सिर्फ तुम’ में एक किरदार निभाने को मिला। अब सोनी सब पर धारावाहिक ‘सर मैडम’ में अतिथि का रोल भी कर रहे हैं। आने वाले धारावाहिक ‘गरुड़’ में भी कमल राणा देवता गंधर्व के किरदार में दिखाई देंगे।
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कक्षा नौ में कमल ने संगीत की दुनिया में कदम रखा और कॉलेज में आते-आते खुद का म्यूजिक स्टूडियो खोल लिया। वह संगीत तैयार करते थे हालांकि उनका सपना अदाकारी का था। कमल ने बताया कि मुंबई पहुंचने तक का सफर काफी मुश्किल था, लेकिन उनके बड़े भाई कपिल राणा और अतुल राणा ने उनका पूरा साथ दिया। इससे उन्हें सफलता मिली।
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हरियाणवीं लहजे के कारण ऑडिशन में सुनने को मिला न
जुबान में हरियाणवीं लहजे के कारण कमल को चार ऑडिशन में न सुनने को मिला। तब उन्होंने अपने लहजे पर काम किया। करीब डेढ़ महीने तक अपनी भाषा पर काम किया। हिंदी बोलने का अभ्यास किया। हिंदी बोलने में आ रहे हरियाणवीं लहजे को हटाया। इसके साथ ही अपनी अदाकारी पर भी काम किया, जिससे सफलता हाथ लगी।