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Panipat News: जूडो खिलाड़ी ने फंदा लगाकर दी जान
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पानीपत। जूडो की अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी ने फंदा लगाकर जान दे दी। खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करने पर सुमेधा (17) का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयन हो गया। तीन महीने पहले इटली में आयोजित प्रतियोगिता में उसे खेलने जाना था, लेकिन पैसों का प्रबंध नहीं होने के कारण खेलने नहीं जा सकी। नतीजतन मानसिक तौर पर बीमार रहने लगी और फंदा लगाकर जान दे दी।
काबड़ी रोड स्थित गोपाल कॉलोनी के रहने वाले किताब सिंह ने बताया कि उसने सात साल की उम्र से ही बेटी सुमेधा को जूडो का अभ्यास कराना शुरू कर दिया। 10 साल लगातार अभ्यास कर ब्लैक बेल्ट बनी सुमेधा वाकई बेटों से बेहतर बन गई थी। बुधवार अलसुबह बेटी सुमेधा ने कई बार खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खोला तो रोशनदान से झांक कर देखा। सामने पंखे पर चुन्नी से बंधे फंदे पर झूलती बेटी को देख हिम्मत जवाब दे गई। पड़ोसियों की मदद से बेटी को फंदे से उतारा और पुलिस को सूचना दी।
सुमेधा के ताऊ सत्यनारायण की लगभग छह माह पहले मौत हो गई थी। छमाही की रस्म में शामिल होने के लिए मंगलवार को सुमेधा खुद मां अनीता को रोहतक जाने के लिए बस में बैठाकर आई थी। फिर अभ्यास करके सो गई। शाम चार बजे उठी तो पिता किताब सिंह से कहा मेरा शरीर दर्द कर रहा है। शाम को दवा लेने के बाद फिर से सोने के लिए ऊपर कमरे में चली गई, उसके बाद बेटी ने दरवाजा हीं नहीं खोला। सिर्फ उसके फाेन में गाने बजते रहे।
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शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वीरेंद्र सिंह, पुराना औद्योगिक थाना प्रभारी
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काबड़ी रोड स्थित गोपाल कॉलोनी के रहने वाले किताब सिंह ने बताया कि उसने सात साल की उम्र से ही बेटी सुमेधा को जूडो का अभ्यास कराना शुरू कर दिया। 10 साल लगातार अभ्यास कर ब्लैक बेल्ट बनी सुमेधा वाकई बेटों से बेहतर बन गई थी। बुधवार अलसुबह बेटी सुमेधा ने कई बार खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खोला तो रोशनदान से झांक कर देखा। सामने पंखे पर चुन्नी से बंधे फंदे पर झूलती बेटी को देख हिम्मत जवाब दे गई। पड़ोसियों की मदद से बेटी को फंदे से उतारा और पुलिस को सूचना दी।
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सुमेधा के ताऊ सत्यनारायण की लगभग छह माह पहले मौत हो गई थी। छमाही की रस्म में शामिल होने के लिए मंगलवार को सुमेधा खुद मां अनीता को रोहतक जाने के लिए बस में बैठाकर आई थी। फिर अभ्यास करके सो गई। शाम चार बजे उठी तो पिता किताब सिंह से कहा मेरा शरीर दर्द कर रहा है। शाम को दवा लेने के बाद फिर से सोने के लिए ऊपर कमरे में चली गई, उसके बाद बेटी ने दरवाजा हीं नहीं खोला। सिर्फ उसके फाेन में गाने बजते रहे।
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शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वीरेंद्र सिंह, पुराना औद्योगिक थाना प्रभारी