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सत्य की राह पर चलना आवश्यक : शैलवासिनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। गीता भागवत प्रचार सेवा की ओर से देवी मंदिर में चल रही भागवत कथा का वीरवार को तीसरा दिन रहा।
कथावाचक जीवानुगा शैलवासिनी दासी ने बताया कि जीवन में सत्य की राह पर चलने से ही हर समस्या का हल किया जा सकता है। जिससे मनुष्य को किसी प्रकार की मोह माया प्रलोभन से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है। साथ ही हर भक्त को कृष्ण भक्ति में लीन होना होगा। जिससे समाज का कल्याण हो सके। वर्तमान में सभी के साथ समान भाव से रहना और बड़े-बुजुर्गों द्वारा दिए गए संस्कारोंं का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वेद शास्त्रों से निष्कर्ष निकाला गया है कि कृष्ण की भक्ति से बढ़कर कुछ नहीं है। हमें इस भक्ति के द्वारा भगवान कृष्ण के प्रेम की प्राप्ति होती है। कृष्ण की भक्ति से मनुष्य पाप पुण्य के कर्मों से मुक्त हो जाता है।
इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं कथा सुनने के लिए देवी मंदिर परिसर में पहुंचीं। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों में अलग उत्साह देखने को मिला। कथा के दौरान श्रद्धालु भजनोंं पर झूम उठे।
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पानीपत। गीता भागवत प्रचार सेवा की ओर से देवी मंदिर में चल रही भागवत कथा का वीरवार को तीसरा दिन रहा।
कथावाचक जीवानुगा शैलवासिनी दासी ने बताया कि जीवन में सत्य की राह पर चलने से ही हर समस्या का हल किया जा सकता है। जिससे मनुष्य को किसी प्रकार की मोह माया प्रलोभन से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है। साथ ही हर भक्त को कृष्ण भक्ति में लीन होना होगा। जिससे समाज का कल्याण हो सके। वर्तमान में सभी के साथ समान भाव से रहना और बड़े-बुजुर्गों द्वारा दिए गए संस्कारोंं का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वेद शास्त्रों से निष्कर्ष निकाला गया है कि कृष्ण की भक्ति से बढ़कर कुछ नहीं है। हमें इस भक्ति के द्वारा भगवान कृष्ण के प्रेम की प्राप्ति होती है। कृष्ण की भक्ति से मनुष्य पाप पुण्य के कर्मों से मुक्त हो जाता है।
इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं कथा सुनने के लिए देवी मंदिर परिसर में पहुंचीं। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों में अलग उत्साह देखने को मिला। कथा के दौरान श्रद्धालु भजनोंं पर झूम उठे।
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