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बारीकी से करें मामले की जांच ताकि बच न पाएं अपराधी
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पानीपत। बैठक की अध्यक्षता करते हुए नगराधीश राजेश सोनी व साथ में मौजूद अन्य।
- फोटो : Panipat
पानीपत। चिह्नित अपराध योजना के तहत आने वाले पॉक्सो एक्ट मामलों की पुलिस विभाग को पूरी गहनता से जांच कर रिपोर्ट तैयार करनी है। इसके बाद ऐसे मामलों की जांच पूरी होने के बाद संबंधित रिपोर्ट से विशेष कमेटी को अवगत करवाया जाएगा।
ये निर्देश सोमवार को नगराधीश राजेश सोनी ने पॉक्सो एक्ट चिह्नित अपराध योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए। इस दौरान ऐसे मामलों से संबंधित बचाव साक्ष्य और तकनीकी कानूनी पहलुओं के बारे विचार विमर्श भी किया गया। उन्होंने इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
नगराधीश ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि चिह्नित अपराध में कोर्ट में जाने से पहले अच्छी तरह जांच कर सनसनीखेज मामलों की रिपोर्ट बनाएं और उनकी की गई कार्रवाई के बारे उन्हें अवगत करवाएं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर देखने में आया है कि कोर्ट में केस की मजबूती न होने के कारण कई बार अपराधी बच जाते हैं। साक्ष्यों के अभाव और कमजोर पैरवी के कारण ये केस न्यायालय में टिक नहीं पाते इसलिए तकनीकी एवं कानूनी पहलुओं के साथ मजबूत पैरवी अधिकारियों की ओर से की जानी चाहिए।
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उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि इस तरह के मामलों की निष्पक्ष जांच की जाए। जांच के हर पहलू को बारीकी से परखा जाए। उन्होंने सनसनीखेज अपराधों पर भी समीक्षा करते हुए पुलिस विभाग के अधिकारियों से कहा कि ऐसे केसों को भी चिह्नित अपराध के तहत लिया जाए। मामले की निष्पक्ष जांच करने के बाद केस दर्ज करना सुनिश्चित किया जाए।
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ये निर्देश सोमवार को नगराधीश राजेश सोनी ने पॉक्सो एक्ट चिह्नित अपराध योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए। इस दौरान ऐसे मामलों से संबंधित बचाव साक्ष्य और तकनीकी कानूनी पहलुओं के बारे विचार विमर्श भी किया गया। उन्होंने इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
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नगराधीश ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि चिह्नित अपराध में कोर्ट में जाने से पहले अच्छी तरह जांच कर सनसनीखेज मामलों की रिपोर्ट बनाएं और उनकी की गई कार्रवाई के बारे उन्हें अवगत करवाएं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर देखने में आया है कि कोर्ट में केस की मजबूती न होने के कारण कई बार अपराधी बच जाते हैं। साक्ष्यों के अभाव और कमजोर पैरवी के कारण ये केस न्यायालय में टिक नहीं पाते इसलिए तकनीकी एवं कानूनी पहलुओं के साथ मजबूत पैरवी अधिकारियों की ओर से की जानी चाहिए।
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उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि इस तरह के मामलों की निष्पक्ष जांच की जाए। जांच के हर पहलू को बारीकी से परखा जाए। उन्होंने सनसनीखेज अपराधों पर भी समीक्षा करते हुए पुलिस विभाग के अधिकारियों से कहा कि ऐसे केसों को भी चिह्नित अपराध के तहत लिया जाए। मामले की निष्पक्ष जांच करने के बाद केस दर्ज करना सुनिश्चित किया जाए।