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Panipat News: घुटने का गलत ऑपरेशन करने के आरोपियों से पूछताछ, जांच जारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jun 2024 05:56 AM IST
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Interrogation of those accused of wrong knee operation, investigation continues
पानीपत। वैसर गांव के राजमिस्त्री के घुटनों का गलत ऑपरेशन करने के मामले की जांच शुरू हो गई है। शुक्रवार को सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने राजमिस्त्री रणबीर का ऑपरेशन करने वाले दो डॉक्टरों व ऑस्कर अस्पताल की प्रबंधन कमेटी के सदस्य को अपने कार्यालय में तलब किया। यहां नेग्लिजेंसी कमेटी के सदस्यों ने डॉ. हर्ष व विवेक पांडे, अस्पताल प्रबंधन समिति के सदस्य व पीड़ित रणबीर के बयान दर्ज किए। तीन डॉक्टरों की कमेटी ने रणबीर के इलाज की फाइल खंगाली। उसके ऑपरेशन के पहले के एक्स रे व ऑपरेशन के बाद के एक्स रे भी जांचे। पीड़ित रणबीर ने कमेटी के सामने आपबीती सुनाई। इस कमेटी का इंचार्ज जिला नागरिक अस्पताल के एमएस डॉ. श्यामलाल महाजन को बनाया गया है। उनके अलावा कमेटी में दो हड्डी रोग विशेषज्ञ भी शामिल हैं। अब कमेटी दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है।
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वैसर गांव निवासी रणबीर ने बताया कि वह राजमिस्त्री का काम करता था।वह अपनी बहन के पास पानीपत के डिकाडला गांव में रहता है। वह अप्रैल में घर में झाडू पोछा करते समय फिसल गया था। जिससे उसके घुटने पर सूजन आ गई थी। वह उसे 13 मई को ऑस्कर अस्पताल में आया था। वहां पर डॉ. हर्ष व विवेक पांडे ने उसकी जांच की और दाएं पैर के ऑपरेशन को कहा था। उसको उसी दिन अस्पताल में दाखिल कर लिया गया था। उसका अगले दिन 14 मई की रात को आयुष्मान योजना के अंतर्गत ऑपरेशन किया गया था। उसे जब होश आया तो उसने देखा कि उसका दाहिना पैर तो ऐसे ही था, जबकि बाएं पैर के घुटने का ऑपरेशन कर दिया था। उन्होंने डॉक्टर को बुला ऑपरेशन गलत करने की बात बताई। उन्होंने अपनी गलती मानी। उन्होंने दाहिने पैर का भी ऑपरेशन करने की कही। डॉक्टरों ने उसको खर्चे की चिंता न करने का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा कि अगर वह ठीक नहीं हुआ तो उसे घर बैठे पूरा खर्च दिया जाएगा। इसके एक घंटे बाद उसके दाएं पैर का भी ऑपरेशन कर दिया। उसको पांच मई को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। अब वह न तो चल पाता है और न कोई काम कर पाता है। वह अपंग हो चुका है। डॉक्टरों ने उसका खर्च तक नहीं दिया।
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वर्जन :

जिला नागरिक अस्पताल के स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. श्यामलाल महाजन ने बताया कि दोनों पक्षों के शुक्रवार को बयान दर्ज किए गए हैं। मरीज की हिस्ट्री भी जांची गई है। पूरे मामले की जांच चल रही है। जल्द रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंपेंगे।
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