{"_id":"618589ccd8261f6ef55a647a","slug":"instructions-for-action-on-the-use-of-restricted-fuel-panipat-news-knl88690428","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतिबंधित फ्यूल के प्रयोग पर दिए कार्रवाई के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतिबंधित फ्यूल के प्रयोग पर दिए कार्रवाई के निर्देश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण स्तर से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चिंतित है। एनसीआर में सीपीसीबी द्वारा लागू किए गए ग्रेडिड रिस्पोंस एक्शन प्लान का सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। यही कारण है यहां लगातार प्रदूषण स्तर बढ़ रहा है। पानीपत में पिछले 15 दिनों का औसतन एयर क्वालिटी इंडेक्शन 310 है, ये स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।
अब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस पर सख्ती दिखाते हुए एचएसपीसीबी को सख्त निर्देश जारी करते हुए ग्रैप के तहत काम करने के निर्देश दिए हैं। ग्रैप के तहत प्रशासन को हर रोज प्रदूषण फैलाने वाले स्त्रोतों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। हर रोज की रिपोर्ट सीपीसीबी को देनी होगी इसके अलावा समीर एप पर भी रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। 10 नवंबर तक एचएसपीसीबी को अपना एक्शन प्लान सीपीसीबी को सौंपना होगा। सीपीसीबी ने अपने निर्देशों में ये साफ कर दिया है कि वायु प्रदूषण गतिवधियों को जीरो टॉलरेंस पर लेकर आना है।
सीपीसीबी ने 10 दिन पहले एनसीआर में ग्रैप लागू कर दिया था। ग्रैप के तहत प्रशासन को काम करना था। इसमें सभी विभागों को प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के लिए अलग अलग जिम्मेदारी सौंपी गई थी। निर्देशों के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अवैध रूप से चलने वाले उद्योगों पर कार्रवाई करनी थी। प्रतिबंधित फ्यूल का प्रयोग करने वाले उद्यमियों पर कार्रवाई करनी थी। नगर निगम को अपने क्षेत्र में सड़कों के किनारे पानी का छिड़काव करना था। पीडब्ल्यूडी को स्टेट हाइवे व एनएचएआई को जीटी रोड के किनारे छिड़काव करना था। पुलिस को वाहनों की व्यवस्था देखते हुए भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र से वाहनों को डायवर्ट करना था, लेकिन प्रशासन की ओर से इन क्षेत्र में सख्ती से काम नहीं किया गया।
विज्ञापन
समीर एप पर कर सकते हैं शिकायत
सीपीसीबी ने समीर एप दो साल पहले पब्लिक के लिए जारी किया था। इस एप पर अपने क्षेत्र का प्रदूषण स्तर देखा जा सकता है। इसके अलावा अगर कोई भी यूनिट प्रदूषण को बढ़ावा देकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है तो उसके खिलाफ इस एप पर शिकायत की जा सकती है। लोगों की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।
सीपीसीबी ने ये निर्देश किए हैं जारी
-किसी भी वायु प्रदूषण गतिविधि को जीरो टॉलरेंस सुनिश्चित करने के लिए सख्त सतर्कता- अवैध उद्योगों पर कार्रवाई- प्रतिबंधित फ्यूल का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएं।
-दिल्ली एनसीआर में चिह्नित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में कार्ययोजना का सख्ती से क्रियान्वयन होना चाहिए।
- प्रदूषण को बढ़ावा देने वालों के चालान काटे जाए
- उद्योगों से निकलने वाले वेस्ट का सही से निस्तारण हो।
- ग्रैप के तहत सख्ती से काम किया जाए। ग्रैप के तहत कड़े कदम उठाए जाए
- हर रोज की रिपोर्ट सीपीसीबी को सौंपनी है व समीर एप पर अपलोड करनी है।
सीपीसीबी के निर्देशों पर होगी कार्रवाई
एचएसपीसीबी ग्रैप के तहत कार्रवाई कर रहा है। सीपीसीबी से जो भी निर्देश मिले हैं उनके अनुसार काम किया जा रहा है। सीपीसीबी को अपने एक्शन प्लान की रिपोर्ट दे दी जाएगी।
कमलजीत सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी , एचएसपीसीबी, पानीपत।
विज्ञापन
अब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस पर सख्ती दिखाते हुए एचएसपीसीबी को सख्त निर्देश जारी करते हुए ग्रैप के तहत काम करने के निर्देश दिए हैं। ग्रैप के तहत प्रशासन को हर रोज प्रदूषण फैलाने वाले स्त्रोतों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। हर रोज की रिपोर्ट सीपीसीबी को देनी होगी इसके अलावा समीर एप पर भी रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। 10 नवंबर तक एचएसपीसीबी को अपना एक्शन प्लान सीपीसीबी को सौंपना होगा। सीपीसीबी ने अपने निर्देशों में ये साफ कर दिया है कि वायु प्रदूषण गतिवधियों को जीरो टॉलरेंस पर लेकर आना है।
विज्ञापन
सीपीसीबी ने 10 दिन पहले एनसीआर में ग्रैप लागू कर दिया था। ग्रैप के तहत प्रशासन को काम करना था। इसमें सभी विभागों को प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के लिए अलग अलग जिम्मेदारी सौंपी गई थी। निर्देशों के अनुसार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अवैध रूप से चलने वाले उद्योगों पर कार्रवाई करनी थी। प्रतिबंधित फ्यूल का प्रयोग करने वाले उद्यमियों पर कार्रवाई करनी थी। नगर निगम को अपने क्षेत्र में सड़कों के किनारे पानी का छिड़काव करना था। पीडब्ल्यूडी को स्टेट हाइवे व एनएचएआई को जीटी रोड के किनारे छिड़काव करना था। पुलिस को वाहनों की व्यवस्था देखते हुए भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र से वाहनों को डायवर्ट करना था, लेकिन प्रशासन की ओर से इन क्षेत्र में सख्ती से काम नहीं किया गया।
विज्ञापन
समीर एप पर कर सकते हैं शिकायत
सीपीसीबी ने समीर एप दो साल पहले पब्लिक के लिए जारी किया था। इस एप पर अपने क्षेत्र का प्रदूषण स्तर देखा जा सकता है। इसके अलावा अगर कोई भी यूनिट प्रदूषण को बढ़ावा देकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है तो उसके खिलाफ इस एप पर शिकायत की जा सकती है। लोगों की शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी।
सीपीसीबी ने ये निर्देश किए हैं जारी
-किसी भी वायु प्रदूषण गतिविधि को जीरो टॉलरेंस सुनिश्चित करने के लिए सख्त सतर्कता- अवैध उद्योगों पर कार्रवाई- प्रतिबंधित फ्यूल का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएं।
-दिल्ली एनसीआर में चिह्नित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में कार्ययोजना का सख्ती से क्रियान्वयन होना चाहिए।
- प्रदूषण को बढ़ावा देने वालों के चालान काटे जाए
- उद्योगों से निकलने वाले वेस्ट का सही से निस्तारण हो।
- ग्रैप के तहत सख्ती से काम किया जाए। ग्रैप के तहत कड़े कदम उठाए जाए
- हर रोज की रिपोर्ट सीपीसीबी को सौंपनी है व समीर एप पर अपलोड करनी है।
सीपीसीबी के निर्देशों पर होगी कार्रवाई
एचएसपीसीबी ग्रैप के तहत कार्रवाई कर रहा है। सीपीसीबी से जो भी निर्देश मिले हैं उनके अनुसार काम किया जा रहा है। सीपीसीबी को अपने एक्शन प्लान की रिपोर्ट दे दी जाएगी।
कमलजीत सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी , एचएसपीसीबी, पानीपत।