फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Injections are being given without giving slips, investigation started

ानीपत: रेबीज इंजेक्शन में फिर गड़बड़झाला-

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Sep 2022 02:30 AM IST
विज्ञापन
Injections are being given without giving slips, investigation started
पानीपत। सिविल अस्पताल की रेबीज विंग फिर भ्रष्टाचार के आरोपों में फंस गई है। रेबीज विंग में काम करने वाले कर्मचारियों पर रुपये लेकर बिना स्लिप दिए इंजेक्शन लगाने के आरोप हैं। इससे पहले भी अप्रैल में कर्मचारियों पर ऐसे आरोप लगे थे, जिनको पीएमओ ने वहां से हटाकर दूसरे स्थान पर भेज दिया था। इस मामले की विजिलेंस जांच भी चल रही है। अब फिर भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। पीड़ित ने सीएम विंडो पर इसकी शिकायत दी। शिकायत पर पीएमओ ने एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी ने बृहस्पतिवार को शिकायतकर्ता और आरोपी कर्मचारियों को आमने सामने बैठाकर बात की। यहां आरोपी कर्मचारी माफी मांगने लगे। वहीं दूसरी ओर कमेटी में शामिल डॉक्टरों ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि सिविल अस्पताल में दलाल घूमते हैं, जो रुपये लेकर जल्दी डॉक्टर से मरीजों का इलाज करवा देते हैं। इन तमाम मामलों की जांच शुरू हो गई है।
विज्ञापन

आरके पुरम निवासी रोहित बल्हारा ने सीएम विंडो में दी शिकायत में बताया कि वह 29 अगस्त को बीमार थे और उनके भांजे को कुत्ते ने काटा था। वह भांजे को लेकर सिविल अस्पताल में रेबीज का इंजेक्शन लगवाने आए थे। उस दिन अस्पताल में ज्यादा भीड़ थी। उन्हें यहां एक युवक मिला। उसने कहा कि अगर डॉक्टर से जल्दी इलाज कराना है तो दो सौ रुपये देने होंगे। उसने रुपये दिए तो वह बिना लाइन के ही उसे डॉक्टर के रूम में ले गया और इलाज करवा दिया। फिर वह भांजे को रेबीज का इंजेक्शन लगवाने गया। वहां एक कर्मचारी ने भांजे को इंजेक्शन लगाया और रुपये लेकर जेब में डाल लिए। जब उन्होंने स्लिप मांगी तो कहा कि आपका काम हो गया है। आप जाओ, स्लिप नहीं मिलेगी। उसके सामने ऐसे ही पांच-छह मरीजों को बिना स्लिप दिए इंजेक्शन लगाए गए हैं। ऐसे ही एक अगस्त, पांच अगस्त और नौ अगस्त को बिना स्लिप दिए पैसे लेकर भांजे को इंजेक्शन लगे। सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।
विज्ञापन

शिकायतकर्ता ने सीएम विंडो में दी शिकायत में यह भी सवाल उठाया है कि जो दवा मरीजों के लिए आ रही है, वह मरीजों को नहीं मिल रही है। मरीजों को बाहर भेजा जा रहा है। अस्पताल का दवाओं का स्टॉक कहां जा रहा है। इसकी भी जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रिकॉर्ड जांचा जाएगा, करेंगे कार्रवाई : डॉ. अमित
मामले की जांच चल रही है। शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अस्पताल का रिकॉर्ड जांचा जाएगा। मामले में जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. अमित पोरिया, डिप्टी एमएस और कमेटी अध्यक्ष
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed