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Panipat News: ट्रिपल ऐस विधि से गेहूं की बिजाई की दी जानकारी
Tue, 06 Jan 2026 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 06 Jan 2026 02:03 AM IST
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राजौंद। गांव कसान में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते हुए किसान व अन्य।
राजौद।
खंड के गांव कसान में जिला कोऑर्डिनेटर सुभाष वशिष्ठ ने जानकारी देते हुए बताया कि फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन और खेती विरासत मिशन के सहयोग से फील्ड स्कूल का आयोजन किया गया। इस दौरान खेत में गेहूं की ट्रीपल ऐस विधि से बिजाई व सही तकनीक से धान की फसल के अवशेष के साथ गेहूं की बिजाई की जानकारी दी गई। धान की डीएसआर विधि के फायदे भी बताए। इस पहल का उद्देश्य इन अनूठी खेती प्रणालियों को आधुनिक तकनीक और सतत प्रथाओं से सशक्त बनाना है, जिससे ग्रामीण आजीविका में सुधार और पर्यावरणीय संतुलन स्थापित हो। किसानों को प्राकृतिक खेती करनी चाहिए, ताकि किसान कम लागत में अधिक आय कमा सकते हैं। इस दौरान महेंद्र सिंह, जगबीर, साहब सिंह, महेंद्र, बलराम, अमन, परवीन महावीर आदि मौजूद रहे।
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खंड के गांव कसान में जिला कोऑर्डिनेटर सुभाष वशिष्ठ ने जानकारी देते हुए बताया कि फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन और खेती विरासत मिशन के सहयोग से फील्ड स्कूल का आयोजन किया गया। इस दौरान खेत में गेहूं की ट्रीपल ऐस विधि से बिजाई व सही तकनीक से धान की फसल के अवशेष के साथ गेहूं की बिजाई की जानकारी दी गई। धान की डीएसआर विधि के फायदे भी बताए। इस पहल का उद्देश्य इन अनूठी खेती प्रणालियों को आधुनिक तकनीक और सतत प्रथाओं से सशक्त बनाना है, जिससे ग्रामीण आजीविका में सुधार और पर्यावरणीय संतुलन स्थापित हो। किसानों को प्राकृतिक खेती करनी चाहिए, ताकि किसान कम लागत में अधिक आय कमा सकते हैं। इस दौरान महेंद्र सिंह, जगबीर, साहब सिंह, महेंद्र, बलराम, अमन, परवीन महावीर आदि मौजूद रहे।