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Panipat News: प्रशासन की लापरवाही से डेंगू व मलेरिया का बढ़ा खतरा
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पानीपत। बरसात के साथ साथ जिले में डेंगू व मलेरिया का खतरा बढ़ रहा है। शहर में पड़े खाली प्लॉटों में पानी जमा है, जहां डेंगू व मलेरिया का लार्वा पनप रहा है। डीसी डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने 22 जुलाई को लघु सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर प्लॉटों में जमा पानी में काला तेल डालने के निर्देश दिए थे ताकि लार्वा न पनप पाए। इन निर्देशों का प्रशासनिक अधिकारियों पर असर नहीं हुआ। निर्देशों के 34 दिन बाद भी काला तेल डालने का काम शुरू नहीं हुआ है।
शहर की 70 से अधिक कॉलोनियों में एक हजार से अधिक प्लॉटों में पानी भरा हुआ है। रेलवे लाइन के किनारे नांगलखेड़ी से बाबरपुर तक जगह जगह पानी जमा है। यहां डेंगू व मलेरिया का खतरा सबसे अधिक है। स्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में एंटी लार्वा एक्टिविटी चला रहा है। कॉलोनियों और गांवों में बुखार से पीड़ित लोगों की ब्लड स्लाइड तैयार कर जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के मरीजों के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 18 वार्ड तैयार किए हैं। इनमें वार्ड में 60 बेड आरक्षित किए हैं। सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में फॉगिंग के लिए पांच पांच किलो दवा भी भिजवाई गई है। निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वह डेंगू व मलेरिया के संदिग्ध मरीजों की स्लाइड जिला नागरिक अस्पताल में भेजी जाए। यहां जांच के बाद ही डेंगू व मलेरिया के मरीजों को कंफर्म मरीज माना जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में एंटी लार्वा एक्टिविटी चला रहा है। कॉलोनियों और गांवों में बुखार से पीड़ित लोगों की ब्लड स्लाइड तैयार कर जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले एक माह में रेपिड फीवर मास सर्वे के अंतर्गत 283120 घरों की जांच की है। यहां 3100 घरों में डेंगू का लार्वा मिला है। 95640 कूलर की जांच की है। 111212 टंकियों की जांच की गई है। 29110 होदियों की जांच की गई है। 299885 कंटेनर की जांच की है । 112000 फ्रिज ट्रे की जांच की गई है। 450 कबाड़ी की दुकानों की जांच की गई है । स्वास्थ्य विभाग ने 746 को नोटिस जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग इस साल लार्वा मिलने पर कुल 15851 लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किया है। 91158 लोगों की स्लाइड तैयार कर चुका है। इन स्लाइड की जांच जिला नागरिक अस्पताल, समालखा अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में की जा रही है।
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बॉक्स
फॉगिंग मशीने नहीं कराई ठीक
प्रशासन के पास डेंगू के डंक पर प्रहार के लिए 95 फॉगिंग मशीनें हैं , इनमें से 40 मशीनें खराब हैं। नगर निगम की 20 में से 11 व जिला पंचायती राज विभाग की 75 में से 34 फॉगिंग मशीनें खराब हैं। स्वास्थ्य विभाग दोनों विभागों को पत्र लिखकर कई बार दवा ले जाने को कह चुका है।
वर्जन :
उप सिविल सर्जन डॉ. सुनील संडूजा ने बताया कि नगर निगम को प्लॉटों में जमा पानी में काला तेल डालने व संभावित जगहों से पानी निकालने के निर्देश दिए गए थे। नगर निगम को यह काम करना था। उनका काम एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाना है। शहर में नगर निगम व ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग को फॉगिंग करनी है। फॉगिंग के लिए उनसे दवा ले सकते हैं। अब तक मलेरिया व डेंगू के दो दो मरीज मिले हैं।
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शहर की 70 से अधिक कॉलोनियों में एक हजार से अधिक प्लॉटों में पानी भरा हुआ है। रेलवे लाइन के किनारे नांगलखेड़ी से बाबरपुर तक जगह जगह पानी जमा है। यहां डेंगू व मलेरिया का खतरा सबसे अधिक है। स्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में एंटी लार्वा एक्टिविटी चला रहा है। कॉलोनियों और गांवों में बुखार से पीड़ित लोगों की ब्लड स्लाइड तैयार कर जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के मरीजों के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में 18 वार्ड तैयार किए हैं। इनमें वार्ड में 60 बेड आरक्षित किए हैं। सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में फॉगिंग के लिए पांच पांच किलो दवा भी भिजवाई गई है। निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वह डेंगू व मलेरिया के संदिग्ध मरीजों की स्लाइड जिला नागरिक अस्पताल में भेजी जाए। यहां जांच के बाद ही डेंगू व मलेरिया के मरीजों को कंफर्म मरीज माना जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में एंटी लार्वा एक्टिविटी चला रहा है। कॉलोनियों और गांवों में बुखार से पीड़ित लोगों की ब्लड स्लाइड तैयार कर जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले एक माह में रेपिड फीवर मास सर्वे के अंतर्गत 283120 घरों की जांच की है। यहां 3100 घरों में डेंगू का लार्वा मिला है। 95640 कूलर की जांच की है। 111212 टंकियों की जांच की गई है। 29110 होदियों की जांच की गई है। 299885 कंटेनर की जांच की है । 112000 फ्रिज ट्रे की जांच की गई है। 450 कबाड़ी की दुकानों की जांच की गई है । स्वास्थ्य विभाग ने 746 को नोटिस जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग इस साल लार्वा मिलने पर कुल 15851 लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किया है। 91158 लोगों की स्लाइड तैयार कर चुका है। इन स्लाइड की जांच जिला नागरिक अस्पताल, समालखा अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में की जा रही है।
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फॉगिंग मशीने नहीं कराई ठीक
प्रशासन के पास डेंगू के डंक पर प्रहार के लिए 95 फॉगिंग मशीनें हैं , इनमें से 40 मशीनें खराब हैं। नगर निगम की 20 में से 11 व जिला पंचायती राज विभाग की 75 में से 34 फॉगिंग मशीनें खराब हैं। स्वास्थ्य विभाग दोनों विभागों को पत्र लिखकर कई बार दवा ले जाने को कह चुका है।
वर्जन :
उप सिविल सर्जन डॉ. सुनील संडूजा ने बताया कि नगर निगम को प्लॉटों में जमा पानी में काला तेल डालने व संभावित जगहों से पानी निकालने के निर्देश दिए गए थे। नगर निगम को यह काम करना था। उनका काम एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाना है। शहर में नगर निगम व ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग को फॉगिंग करनी है। फॉगिंग के लिए उनसे दवा ले सकते हैं। अब तक मलेरिया व डेंगू के दो दो मरीज मिले हैं।