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Panipat News: ठिठुरन भरी सर्दी में 108 मटकों के शीतल पानी से स्नान कर रहे तपस्या
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समालखा। आस्था के आगे सभी नतमस्तक होते हैं। हनुमान कॉलोनी लाइनपार में भगत संदीप पुनिया ठिठुरन पैदा करने वाली ठंड में प्रतिदिन अलसुबह चार बजे बजे 108 मटके शीतल जल से स्नान करते हैं। इन मटकों को शाम के समय खुले आसमान के नीचे जल भरकर छोड़ दिया जाता है। वह करीब 20 वर्षों से पौष माह उक्त तपस्या करते आ रहे हैं और ये शीतल जलधारा तपस्या 21 दिनों तक करेंगे।
काॅलोनीवासियों ने बताया कि भगत जी का बचपन से ही परमात्मा में गहरी आस्था रही है। पिछले 20 वर्ष से वो तपस्या करते आ रहे हैं। गर्मियों में पांच धुनों के बीच बैठकर तपना व सर्दियों में शीतल जल धारा और इससे अलग मौन व्रत की तपस्या करते हैं। समय-समय पर उनके द्वारा जागरण व भंडारे भी लगाए जाते हैं। भगत जी यह तपस्या हर साल पौष के महीने में 21 दिन तक करते हैं। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान सहित अन्य राज्यों से लोग उनके पास आशीर्वाद लेने आते हैं। भगत जी की वजह से कॉलोनी शांति और सद्भावना के साथ लोग रह रहे हैं और लोगों का धार्मिक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ रहा है। फोटो सहित
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काॅलोनीवासियों ने बताया कि भगत जी का बचपन से ही परमात्मा में गहरी आस्था रही है। पिछले 20 वर्ष से वो तपस्या करते आ रहे हैं। गर्मियों में पांच धुनों के बीच बैठकर तपना व सर्दियों में शीतल जल धारा और इससे अलग मौन व्रत की तपस्या करते हैं। समय-समय पर उनके द्वारा जागरण व भंडारे भी लगाए जाते हैं। भगत जी यह तपस्या हर साल पौष के महीने में 21 दिन तक करते हैं। हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान सहित अन्य राज्यों से लोग उनके पास आशीर्वाद लेने आते हैं। भगत जी की वजह से कॉलोनी शांति और सद्भावना के साथ लोग रह रहे हैं और लोगों का धार्मिक कार्यों के प्रति रुझान बढ़ रहा है। फोटो सहित
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