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Panipat News: प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का मरीजों पर प्रभाव, 40 प्रतिशत कम हुई ओपीडी
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पानीपत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पानीपत में हुए कार्यक्रम का मरीजों पर भी प्रभाव पड़ा। प्रशासन ने पीएम के कार्यक्रम के कारण परिवहन सेवाएं बंद कर दी थी। इसलिए मरीज जिला नागरिक अस्पताल में नहीं पहुंच पाए।
जो भी मरीज सोमवार को अस्पताल में आए वह अपनी मोटरसाइकिल व कार से ही पहुंच पाए। आमतौर पर जिला नागरिक अस्पताल में 1500-1600 ओपीडी होती हैं लेकिन सोमवार को यह लगभग 40 प्रतिशत कम हुई।
सोमवार को अस्पताल में महज 902 रोगी ही पहुंच पाए। स्वास्थ्य विभाग ने पीएम कार्यक्रम में अपनी 18 एंबुलेंस तैनात की थी। इसलिए कुछ हद तक एंबुलेंस सेवाएं भी प्रभावित रही। वहीं दूसरी ओर जिले में डेंगू की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। पिछले नौ दिन में डेंगू के सिर्फ दो केस मिले हैं। अब जिले में डेंगू के केस की संख्या 306 है। इस साल डेंगू का रिकवरी रेट 100 प्रतिशत रहा। वायरल के मरीजों की संख्या में भी अब कमी आने लगी है।
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सोमवार को फिजिशयन की ओपीडी घटकर 150 रही है। अब सुबह-शाम की ठंड लोगों को बीमार बना रही है। चिकित्सकों की मानें तो यहीं मौसम सेहत के लिए ज्यादा खतरनाक होते हैं। खासकर सुबह और शाम में तो ज्यादा सतर्कता बरतना चाहिए। सर्दी-जुकाम, बुखार और त्वचा रोग सहित कई बीमारियों से पीड़ित लोग अस्पतालों में पहुंच रहे है। इसके अलावा प्रतिदिन निमोनिया के मरीज भी पहुंचने लगे हैं।
फिजिशियन डॉ. जैसमीन कौर ने बताया कि सर्दी-जुकाम इसे कॉमन कोल्ड भी कहते हैं, जो तापमान में परिवर्तन के कारण होता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें यह जल्दी पकड़ता है।
इसमें भाप, नमक के पानी के गरारे आदि काफी लाभदायक हैं। इसमें गर्म तरल पदार्थ का ज्यादा प्रयोग करना चाहिए। सर्दियों में हाइपोथर्मिया बीमारी होती है। इसमें हाथ-पैर ठंडे हो जाते हैं, सांस लेने में तकलीफ बनने लगती है। इसमें ज्यादा सावधानी बरतनी होती है। बच्चों में टॉन्सिल की समस्या आम होती है। गले में काफी दर्द होता है। खाना खाने में दिक्कत होती है, तेज बुखार भी हो सकता है। यह बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण से हो सकता है।
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जो भी मरीज सोमवार को अस्पताल में आए वह अपनी मोटरसाइकिल व कार से ही पहुंच पाए। आमतौर पर जिला नागरिक अस्पताल में 1500-1600 ओपीडी होती हैं लेकिन सोमवार को यह लगभग 40 प्रतिशत कम हुई।
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सोमवार को अस्पताल में महज 902 रोगी ही पहुंच पाए। स्वास्थ्य विभाग ने पीएम कार्यक्रम में अपनी 18 एंबुलेंस तैनात की थी। इसलिए कुछ हद तक एंबुलेंस सेवाएं भी प्रभावित रही। वहीं दूसरी ओर जिले में डेंगू की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। पिछले नौ दिन में डेंगू के सिर्फ दो केस मिले हैं। अब जिले में डेंगू के केस की संख्या 306 है। इस साल डेंगू का रिकवरी रेट 100 प्रतिशत रहा। वायरल के मरीजों की संख्या में भी अब कमी आने लगी है।
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सोमवार को फिजिशयन की ओपीडी घटकर 150 रही है। अब सुबह-शाम की ठंड लोगों को बीमार बना रही है। चिकित्सकों की मानें तो यहीं मौसम सेहत के लिए ज्यादा खतरनाक होते हैं। खासकर सुबह और शाम में तो ज्यादा सतर्कता बरतना चाहिए। सर्दी-जुकाम, बुखार और त्वचा रोग सहित कई बीमारियों से पीड़ित लोग अस्पतालों में पहुंच रहे है। इसके अलावा प्रतिदिन निमोनिया के मरीज भी पहुंचने लगे हैं।
फिजिशियन डॉ. जैसमीन कौर ने बताया कि सर्दी-जुकाम इसे कॉमन कोल्ड भी कहते हैं, जो तापमान में परिवर्तन के कारण होता है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें यह जल्दी पकड़ता है।
इसमें भाप, नमक के पानी के गरारे आदि काफी लाभदायक हैं। इसमें गर्म तरल पदार्थ का ज्यादा प्रयोग करना चाहिए। सर्दियों में हाइपोथर्मिया बीमारी होती है। इसमें हाथ-पैर ठंडे हो जाते हैं, सांस लेने में तकलीफ बनने लगती है। इसमें ज्यादा सावधानी बरतनी होती है। बच्चों में टॉन्सिल की समस्या आम होती है। गले में काफी दर्द होता है। खाना खाने में दिक्कत होती है, तेज बुखार भी हो सकता है। यह बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण से हो सकता है।