{"_id":"672be03359020448670f4786","slug":"illegal-advertisements-were-placed-at-128-places-in-the-city-only-28-were-legal-panipat-news-c-244-1-pnp1004-126968-2024-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: शहर में 128 जगह लगे अवैध विज्ञापन, वैध केवल 28","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: शहर में 128 जगह लगे अवैध विज्ञापन, वैध केवल 28
विज्ञापन
पानीपत। शहर के मुख्य रास्तों, वाणिज्यिक भवनों से लेकर रिहायशी इमारतों, सरकारी और सार्वजनिक स्थलों पर फिलहाल अवैध रूप से सैकड़ों विज्ञापन लगे हुए हैं। इनमें वैध केवल 28 हैं, वहीं अवैध विज्ञापनों की संख्या 128 है। इस तरह शहर में अवैध विज्ञापनों की भरमार से निगम को करोड़ों की चपत लगाई जा रही है। इस बावत आठ माह से निगम द्वारा मैनपावर और पुलिस की मांग की जा रही है, लेकिन मांग पूरी न होने से मामला अधर में लटका हुआ है।
शहर में जीटी रोड, मॉडल टाउन, सनौली रोड, गोहाना रोड, बरसत रोड, जाटल रोड जैसे मुख्य रास्तों पर फिलहाल 128 जगहों पर अवैध विज्ञापन साइट बन चुकी हैं। इनमें यूनिपोल से लेकर डिस्पले बोर्ड तक शामिल हैं। इनमें से अगर वैध विज्ञापन साइटों की बात करें तो वे केवल 28 हैं। यानी सिर्फ शहर में करीब 100 साइटें बड़ी बन चुकी हैं। दूसरी ओर थर्ड पार्टी विज्ञापन की बात करें तो इनकी संख्या हजारों में है। जिन पर निगम चाह कर भी पिछले आठ माह से कार्रवाई नहीं कर पाया है। निगम अधिकारियों को इन पर कार्रवाई करने के लिए पिछले आठ माह से न पुलिस मिली है और न मैनपावर। इसके लिए तीन बार वरिष्ठ अधिकारियों को डिमांड भेजी जा चुकी है। निकाय तक इस मामले की पूरी जानकारी है लेकिन शहर में अवैध विज्ञापन लगाने वाले गिरोह को अब तक तोड़ा नहीं जा सका है।
इस मुद्दे को लेकर शहर के नेताओं और डीसी ने भी निगम अधिकारियों की स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर में पनप रहे इस अवैध विज्ञापन गिरोह को तोड़ें। इनके अवैध विज्ञापनों को हटाएं। जरूरत पड़े तो इन पर एफआईआर भी दर्ज कराएं। हालांकि निगम ने कई बार अपने ही स्तर पर शहर में अवैध विज्ञापनों पर कार्रवाई भी की है लेकिन ये कार्रवाई व्यापक स्तर पर नहीं हो सकी। अवैध विज्ञापन लगने की वजह से निगम की वैध विज्ञापन साइटों का किराया भी कम हो चुका है। अवैध विज्ञापन निगम को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं।
विज्ञापन
इस बावत जिला योजनाकार ने भी जिले भर में अवैध विज्ञापन लगाने वालों को चेतावनी दी है। डीटीपी सुनील अंतिल का कहना है कि जिले में जिस जगह भी अवैध विज्ञापन, यूनिपोल साइटें हैं उनको हटाया जाएगा। उन्होंने अवैध विज्ञापन लगाने वालों को चेतावनी दी है कि दो दिन में खुद ही जिले से अपने अवैध विज्ञापन हटवाएं वर्ना कार्रवाई करेंगे। फिर डीटीपी की ओर से अवैध विज्ञापन हटाए जाएंगे और इसका हर्जाना भी विज्ञापन लगाने वालों से वसूला जाएगा।
बॉक्स
करते हैं भ्रामक प्रचार, होते हैं हादसे
शहर में लगे इन अवैध यूनिपोल साइटों पर लगे विज्ञापन यातायात में सबसे बड़ी बाधा उत्पन्न करते हैं। इन पर लगे भ्रामक प्रचार को देखने के चक्कर में कई बार वाहन चालक का ध्यान भटक जाता है। जो दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं। इसकी वजह से सरकार की ओर से भी इनको हटाने के आदेश दिए जा चुके हैं। निगम ने करीब एक साल पहले इन पर कार्रवाई भी की लेकिन इसके बाद ये मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
वर्जन:
अब होगी कार्रवाई, तैयारी पूरी: एक्सईएन
निगम ने शहर में कई जगहों पर लगे अवैध विज्ञापन हटाए भी हैं। बावजूद शहर में लगे अवैध विज्ञापनों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है। जल्द ही शहर को अवैध विज्ञापनों से मुक्त कराने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। अब तक शहर में करीब 100 जगहों पर बड़े अवैध विज्ञापन मिले हैं।
राहुल पूनिया, एक्सईएन, नगर निगम।
विज्ञापन
शहर में जीटी रोड, मॉडल टाउन, सनौली रोड, गोहाना रोड, बरसत रोड, जाटल रोड जैसे मुख्य रास्तों पर फिलहाल 128 जगहों पर अवैध विज्ञापन साइट बन चुकी हैं। इनमें यूनिपोल से लेकर डिस्पले बोर्ड तक शामिल हैं। इनमें से अगर वैध विज्ञापन साइटों की बात करें तो वे केवल 28 हैं। यानी सिर्फ शहर में करीब 100 साइटें बड़ी बन चुकी हैं। दूसरी ओर थर्ड पार्टी विज्ञापन की बात करें तो इनकी संख्या हजारों में है। जिन पर निगम चाह कर भी पिछले आठ माह से कार्रवाई नहीं कर पाया है। निगम अधिकारियों को इन पर कार्रवाई करने के लिए पिछले आठ माह से न पुलिस मिली है और न मैनपावर। इसके लिए तीन बार वरिष्ठ अधिकारियों को डिमांड भेजी जा चुकी है। निकाय तक इस मामले की पूरी जानकारी है लेकिन शहर में अवैध विज्ञापन लगाने वाले गिरोह को अब तक तोड़ा नहीं जा सका है।
विज्ञापन
इस मुद्दे को लेकर शहर के नेताओं और डीसी ने भी निगम अधिकारियों की स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर में पनप रहे इस अवैध विज्ञापन गिरोह को तोड़ें। इनके अवैध विज्ञापनों को हटाएं। जरूरत पड़े तो इन पर एफआईआर भी दर्ज कराएं। हालांकि निगम ने कई बार अपने ही स्तर पर शहर में अवैध विज्ञापनों पर कार्रवाई भी की है लेकिन ये कार्रवाई व्यापक स्तर पर नहीं हो सकी। अवैध विज्ञापन लगने की वजह से निगम की वैध विज्ञापन साइटों का किराया भी कम हो चुका है। अवैध विज्ञापन निगम को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं।
विज्ञापन
इस बावत जिला योजनाकार ने भी जिले भर में अवैध विज्ञापन लगाने वालों को चेतावनी दी है। डीटीपी सुनील अंतिल का कहना है कि जिले में जिस जगह भी अवैध विज्ञापन, यूनिपोल साइटें हैं उनको हटाया जाएगा। उन्होंने अवैध विज्ञापन लगाने वालों को चेतावनी दी है कि दो दिन में खुद ही जिले से अपने अवैध विज्ञापन हटवाएं वर्ना कार्रवाई करेंगे। फिर डीटीपी की ओर से अवैध विज्ञापन हटाए जाएंगे और इसका हर्जाना भी विज्ञापन लगाने वालों से वसूला जाएगा।
बॉक्स
करते हैं भ्रामक प्रचार, होते हैं हादसे
शहर में लगे इन अवैध यूनिपोल साइटों पर लगे विज्ञापन यातायात में सबसे बड़ी बाधा उत्पन्न करते हैं। इन पर लगे भ्रामक प्रचार को देखने के चक्कर में कई बार वाहन चालक का ध्यान भटक जाता है। जो दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं। इसकी वजह से सरकार की ओर से भी इनको हटाने के आदेश दिए जा चुके हैं। निगम ने करीब एक साल पहले इन पर कार्रवाई भी की लेकिन इसके बाद ये मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
वर्जन:
अब होगी कार्रवाई, तैयारी पूरी: एक्सईएन
निगम ने शहर में कई जगहों पर लगे अवैध विज्ञापन हटाए भी हैं। बावजूद शहर में लगे अवैध विज्ञापनों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है। जल्द ही शहर को अवैध विज्ञापनों से मुक्त कराने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। अब तक शहर में करीब 100 जगहों पर बड़े अवैध विज्ञापन मिले हैं।
राहुल पूनिया, एक्सईएन, नगर निगम।