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संतानों का भविष्य उज्ज्वल चाहते हैं तो प्रभु भक्ति अपनानी होगी : रितु भारती
Fri, 17 Oct 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 17 Oct 2025 12:50 AM IST
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कथा करते आशुतोष महाराज।
संवाद न्यूज एजेंसी
मतलौडा। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से रिफाइनरी टाउनशिप में वीरवार को कथा का तीसरा दिन रहा। जिसमें आशुतोष महाराज की साध्वी शिष्या रितु भारती ने संगत को आज की भागती दौड़ती जिंदगी में इंसान की जरूरत के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि प्रभु प्राप्ति के लिए समय नहीं लेकिन अगर हम अपनी संतानों का भविष्य उज्ज्वल चाहते हैं तो हमें प्रभु की भक्ति की और एक कदम बढ़ाना ही होगा। आज के समय में समाज पापाचार भ्रष्टाचार से दूषित हो चुका है। एक समय एक सभ्य व्यक्ति इसमें विचरण करना चाहे तो उसका दम घुट जाएगा अगर इंसान चाहता है कि समाज के सभी सामाजिक प्राणी सभ्य इंसान बने तो हमें अपने मूल भाव जद के साथ जुड़ना होगा। आशुतोष महाराज कहते हैं कि इंसान को बदलना होगा क्योंकि जो व्यक्ति भक्ति नहीं करता बड़ों का आदर सत्कार नहीं करता ये बात-बात पर अपना व्यवहार बदल लेता है। ऐसा व्यक्ति कलयुगी है इंसान सत्य अनुगामी बने तो सतयुगी है। इंसान को मुनियों के बताए मार्ग पर चलना चाहिए।
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मतलौडा। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से रिफाइनरी टाउनशिप में वीरवार को कथा का तीसरा दिन रहा। जिसमें आशुतोष महाराज की साध्वी शिष्या रितु भारती ने संगत को आज की भागती दौड़ती जिंदगी में इंसान की जरूरत के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि प्रभु प्राप्ति के लिए समय नहीं लेकिन अगर हम अपनी संतानों का भविष्य उज्ज्वल चाहते हैं तो हमें प्रभु की भक्ति की और एक कदम बढ़ाना ही होगा। आज के समय में समाज पापाचार भ्रष्टाचार से दूषित हो चुका है। एक समय एक सभ्य व्यक्ति इसमें विचरण करना चाहे तो उसका दम घुट जाएगा अगर इंसान चाहता है कि समाज के सभी सामाजिक प्राणी सभ्य इंसान बने तो हमें अपने मूल भाव जद के साथ जुड़ना होगा। आशुतोष महाराज कहते हैं कि इंसान को बदलना होगा क्योंकि जो व्यक्ति भक्ति नहीं करता बड़ों का आदर सत्कार नहीं करता ये बात-बात पर अपना व्यवहार बदल लेता है। ऐसा व्यक्ति कलयुगी है इंसान सत्य अनुगामी बने तो सतयुगी है। इंसान को मुनियों के बताए मार्ग पर चलना चाहिए।
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