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Panipat News: महाकुंभ में शाही स्नान आज, प्रयागराज नहीं जा सकते तो गंगाजल में स्नान से मिलेगा अक्षय फल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jan 2025 02:22 AM IST
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If you cannot go to Prayagraj, then bathing in Ganga water will give you lasting results.
संवाद न्यूज एजेंसी
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पानीपत। महाकुंभ में सोमवार को पौष पूर्णिमा के दिन शाही स्नान होगा। इसके साथ पवित्र संगम में स्नान से व्यक्ति को सब फल मिल जाते हैं। मान्यता है कि एक हजार अश्वमेध यज्ञ, 100 वाजपेय यज्ञ व एक लाख पृथ्वी की परिक्रमा करने के बराबर महाकुंभ में पवित्र स्नान करने से फल मिलता है।
गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक डॉ. रामराज कौशिक ने बताया कि प्रयागराज में गंगा, यमुना, सरस्वती का संगत है। महाकुंभ में त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालु मोक्ष की डुबकी लगाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि कुंभ के अवसर पर स्नान करने से सभी पाप कट जाते हैं और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। जो व्यक्ति किसी वजह से प्रयागराज जाने में असमर्थ है तो वह अपने घर पर पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर इन दिनों में स्नान कर सकता है। इससे उसे अक्षय फल प्राप्त होता है।
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महाकुंभ में शाही स्नान का महत्व
शाही स्नान करने से मन की अशुद्धियां भी दूर हो जाती है। 13 जनवरी को महाकुंभ का पहला शाही स्नान किया जाएगा। शाही स्नान के दौरान सबसे पहले नागा साधु स्नान करते हैं। इसके बाद ही आमजन स्नान कर सकती है। शाही स्नान के दिन संगम में स्नान करने से कई गुना पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है। इससे पितरों की आत्मा को भी शांति मिलती है।
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12 वर्ष बाद आता है महाकुंभ

महाकुंभ पूरे 12 वर्षों बाद लगता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत से भरा कलश बाहर आया था। तब देवताओं और राक्षसों के बीच 12 दिन तक भयंकर युद्ध हुआ था। युद्ध के दौरान देवताओं के संकेत पर इंद्र देव के पुत्र जयंत अमृत से भरा कलश लेकर तीव्र गति से भागने लगे। तब दैत्यगण जयंत का पीछा करने लगे। इस युद्ध के दौरान जिन स्थानों पर कलश से अमृत की बूंद गिरी थी। वह स्थान प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक हैं। जहां अमृत की बूंद गिरी वहां कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है।
शाही स्नान की तिथियां-
13 जनवरी - स्नान, पौष पूर्णिमा
14 जनवरी - शाही स्नान, मकर सक्रांति
29 जनवरी - शाही स्नान, मौनी अमावस्या
3 फरवरी - शाही स्नान, बसंत पंचमी
12 फरवरी - स्नान, माघी पूर्णिमा
26 फरवरी - स्नान, महाशिवरात्रि
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