फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   If the officers did not reach the open court, the chairman got angry

खुले दरबार में नहीं पहुंचे अधिकारी तो भड़के चेयरमैन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Apr 2022 02:18 AM IST
विज्ञापन
If the officers did not reach the open court, the chairman got angry
If the officers did not reach the open court, the chairman got angry - फोटो : Panipat
पानीपत। सेक्टर-6 स्थित 33 केवी सब स्टेशन में बिजली निगम के कार्यालय में बुधवार को सीजीआरएफ की ओर से खुला दरबार लगाया गया। यह सुबह 11 बजे से शुरू हुआ और सवा 11 बजे सीजीआरएफ के चेयरपर्सन आरके शर्मा पहुंच गए। यहां आधा घंटा तक इंतजार करने के बाद भी एसडीओ और एक्सईएन नहीं आए, जिस पर चेयरमैन ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कोई भी अधिकारी नहीं आया है, मैं जा रहा हूं। हालांकि सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर ने उन्हें रोका और खुला दरबार शुरू कराया। फिर भी सभी एसडीओ और एक्सईएन नहीं आ सके क्योंकि इनकी ड्यूटी राज्यपाल के कार्यक्रम में लगा दी गई थी। जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को परेशान होकर लौटना पड़ा
विज्ञापन

खुले दरबार में सात उपभोक्ताओं की ही सुनीं गई समस्या
खुले दरबार में सिर्फ सात उपभोक्ताओं की ही समस्या सुनी गई। ज्यादातर उपभोक्ताओं की फाइल बनाकर चेयरपर्सन अपने साथ ले गए और आश्वासन दिया कि जल्द ही समस्या का समाधान होगा। बिजली निगम के खुले दरबार में सबसे ज्यादा शिकायत समालखा एवं बापौली से रहीं। जिस पर चेयरपर्सन ने कहा कि अब अगला खुला दरबार समालखा में लगाया जाएगा। ज्यादातर शिकायतें अधिक बिजली बिल की रहीं। बिजली का बिल एक से तीन लाख रुपये तक भेज दिया गया था।
विज्ञापन

बोले उपभोक्ता
- 153 यूनिट का बिल का 1.92 लाख रुपये भेजा, एसडीओ का इंतजार कर लौटे
गांव छाजपुर निवासी उपभोक्ता संजय के घर का बिजली का बिल पिछले छह महीने से एक लाख तो कभी 1.5 लाख रुपये आ रहा है। दिसंबर-जनवरी का बिल 1.87 लाख रुपये का आया है। जिसे ठीक कर एसडीओ ने 1194 रुपये बिल बनाया। अब फरवरी-मार्च का बिल 1.92 लाख रुपये आ गया। उनका कहना है कि बिजली निगम उनके साथ मजाक कर रहा है। बिना रीडिंग चेक किए ही बिल भेज दिया जाता है। उनके मीटर की रीडिंग महज 153 यूनिट ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- 83 यूनिट का बिल बना दिया 78 हजार, मीटर भी उखाड़ लाए
विनोद मनमोहन नगर की रहने वाली रामकली के घर के बिजली का बिल 78 हजार रुपये आया है जबकि रीडिंग सिर्फ 83 यूनिट है। उन्होंने बताया कि पति की मृत्यु हो चुकी है और एक महीने पहले उसके घर का मीटर भी बिजली कर्मचारी उखाड़कर ले गए। वह अंधेरे में रह रही है।
- पहले 14 हजार फिर 20 हजार रुपये जमा किए, अब आया 80 हजार बिल
हनुमान मंदिर भापरा के पास रहने वाले उपभोक्ता बाबू राम का बिजली बिल पहले 60 हजार रुपये आया। उसने माफ करवाकर 14 हजार रुपये भरे। फिर उसका बिल 60 हजार रुपये आ गया। उसने फिर 20 हजार रुपये माफ करवाकर भरे और अब उसका बिल 80 हजार रुपये आया है। बाबू राम का कहना है कि वह पहले ही उधारी लेकर पिछले छह महीने में 34 हजार रुपये भर चुका है और पैसे कहां से लाए।

-दो महीने का बिजली बिल आया 3 लाख 79 हजार
राम नगर के रहने वाले मनोज भाटिया का बिल केवल दो महीने का 3 लाख 79 हजार रुपये आया है। इतना बिल देखने के बाद वह चौंक गए और खुला दरबार में पहुंच गए। मनोज का कहना है कि वह घर में अकेला कमाने वाला है। खुले दरबार में भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed