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Panipat News: नए मेडिकल कॉलेज खुलें तो डॉक्टर बनने नहीं जाना पड़ेगा विदेश
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। प्रदेश सरकार के बजट से हर क्षेत्र से जुड़े लोगों को काफी उम्मीदें है। लोगों की सेहत से जुड़ा स्वास्थ्य मुद्दा सबसे अहम माना जाता है। डॉक्टर व स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े हर कर्मचारी सरकार से ढांचागत मजबूत करने व डॉक्टरों के लिए कल्याणकारी काम करने की आस जताता है। भावी डॉक्टरों को नए मेडिकल कॉलेज की उम्मीद है और डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले छात्रों को फीस कम करने की उम्मीद है।
डॉक्टरों का कहना है कि सरकार को मेडिकल कॉलेज की स्थापना पर ध्यान देना चाहिए ताकि हमारे युवाओं को अपना डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने यूक्रेन व रूस न जाना पड़े़। सरकारी डॉक्टरों को दवाओं की कमी दूर करने व सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में नई सेवाएं शुरू होने की उम्मीद हैं। डॉक्टरों का मत है कि जब तक मैनपावर की कमी दूर नहीं होगी तब तक संसाधानों का बढ़ाने का कोई खास लाभ नहीं होने वाला। इसलिए सरकार को स्वास्थ्य क्षेत्र की परेशानियों को दूर करने के लिए काम करना होगा।
एमबीबीएस की फीस में हो कटौती
कार्डियोलोजोजिस्ट डॉ. रविंद्र भुक्कर ने कहा कि प्रदेश सरकार के बजट से आम आदमी के साथ साथ डॉक्टरों को भी काफी उम्मीद हैं। सरकार को एमबीबीएस की फीस में राहत देकर भावी डॉक्टरों को एक तोहफा देना चाहिए। मेधावी छात्र कई बार फीस न भर पाने के कारण अपना डॉक्टर बनने का सपना त्याग देते हैं। सरकार को इस संबंध में सार्थक कदम उठाने चाहिए।
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चिरायु योजना का हो विस्तार
डॉ. प्रेम मेडिकल इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. पंकज मुटनेजा ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई बेहतर काम कर रही है। सरकार को चिरायु योजना का विस्तार करना चाहिए। हर व्यक्ति को कैशलैस इलाज देने की ओर कदम बढ़ाना चाहिए। चिरायू योजना में हर वर्ग को कवर कर एक तोहफा देना चाहिए। ये प्रदेश के लिए बड़ा सार्थक कदम होगा।
सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर दे ध्यान
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गिरिश अरोड़ा ने कहा कि सरकार को बजट में स्वास्थ्य का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने पर ध्यान देना चाहिए ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिले। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों संसाधनों का अभाव खत्म होना चाहिए। डॉक्टरों व अन्य स्टाफ कर्मियों के लिए नए कल्याणकारी योजनाएं आनी चाहिए।
नए मेडिकल कॉलेज बनने चाहिए
आईएमए के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य क्षेत्र को बेहतर करने के लिए नए मेडिकल कॉलेज बनाने चाहिए, ताकि युवाओं को पढ़ाई के लिए रूस व यूक्रेन जैसे देशों में न जाना पड़े। युवा यहीं पर शिक्षा ग्रहण कर अपनी सेवाएं दें। सरकार को बजट में इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मैन पावर पर हो काम
डॉ. पावन वधावन ने कहा कि जब तक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मैनपावर की कमी दूर नहीं होगी संसाधन जुटाने का कोई खास लाभ नहीं होगा। सरकार को मैन पावर की कमी दूर करने पर काम करना चाहिए। इंफास्ट्रक्चर पर ध्यान देना चाहिए। नए मेडिकल शिक्षण संस्थानों की स्थापना होनी चाहिए। इससे स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक क्रांति आएगी।
स्वास्थ्य के बजट को बढ़ाया जाए
डॉ. रविश राठी ने कहा कि स्वास्थ्य समाज का सबसे प्रमुख मुद्दा है। सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। स्वास्थ्य की बुनियाद पर काम करना चाहिए। चिरायु योजना का विस्तार भी जरूरी है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होना चाहिए। इसके साथ निजी अस्पतालों को भी बढ़ावा देना चाहिए ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके। स्वास्थ्य के बजट में कुल प्रतिशत को बढ़ाने की जरूरत है।
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पानीपत। प्रदेश सरकार के बजट से हर क्षेत्र से जुड़े लोगों को काफी उम्मीदें है। लोगों की सेहत से जुड़ा स्वास्थ्य मुद्दा सबसे अहम माना जाता है। डॉक्टर व स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े हर कर्मचारी सरकार से ढांचागत मजबूत करने व डॉक्टरों के लिए कल्याणकारी काम करने की आस जताता है। भावी डॉक्टरों को नए मेडिकल कॉलेज की उम्मीद है और डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले छात्रों को फीस कम करने की उम्मीद है।
डॉक्टरों का कहना है कि सरकार को मेडिकल कॉलेज की स्थापना पर ध्यान देना चाहिए ताकि हमारे युवाओं को अपना डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने यूक्रेन व रूस न जाना पड़े़। सरकारी डॉक्टरों को दवाओं की कमी दूर करने व सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में नई सेवाएं शुरू होने की उम्मीद हैं। डॉक्टरों का मत है कि जब तक मैनपावर की कमी दूर नहीं होगी तब तक संसाधानों का बढ़ाने का कोई खास लाभ नहीं होने वाला। इसलिए सरकार को स्वास्थ्य क्षेत्र की परेशानियों को दूर करने के लिए काम करना होगा।
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एमबीबीएस की फीस में हो कटौती
कार्डियोलोजोजिस्ट डॉ. रविंद्र भुक्कर ने कहा कि प्रदेश सरकार के बजट से आम आदमी के साथ साथ डॉक्टरों को भी काफी उम्मीद हैं। सरकार को एमबीबीएस की फीस में राहत देकर भावी डॉक्टरों को एक तोहफा देना चाहिए। मेधावी छात्र कई बार फीस न भर पाने के कारण अपना डॉक्टर बनने का सपना त्याग देते हैं। सरकार को इस संबंध में सार्थक कदम उठाने चाहिए।
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चिरायु योजना का हो विस्तार
डॉ. प्रेम मेडिकल इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. पंकज मुटनेजा ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई बेहतर काम कर रही है। सरकार को चिरायु योजना का विस्तार करना चाहिए। हर व्यक्ति को कैशलैस इलाज देने की ओर कदम बढ़ाना चाहिए। चिरायू योजना में हर वर्ग को कवर कर एक तोहफा देना चाहिए। ये प्रदेश के लिए बड़ा सार्थक कदम होगा।
सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर दे ध्यान
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. गिरिश अरोड़ा ने कहा कि सरकार को बजट में स्वास्थ्य का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने पर ध्यान देना चाहिए ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिले। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों संसाधनों का अभाव खत्म होना चाहिए। डॉक्टरों व अन्य स्टाफ कर्मियों के लिए नए कल्याणकारी योजनाएं आनी चाहिए।
नए मेडिकल कॉलेज बनने चाहिए
आईएमए के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य क्षेत्र को बेहतर करने के लिए नए मेडिकल कॉलेज बनाने चाहिए, ताकि युवाओं को पढ़ाई के लिए रूस व यूक्रेन जैसे देशों में न जाना पड़े। युवा यहीं पर शिक्षा ग्रहण कर अपनी सेवाएं दें। सरकार को बजट में इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मैन पावर पर हो काम
डॉ. पावन वधावन ने कहा कि जब तक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मैनपावर की कमी दूर नहीं होगी संसाधन जुटाने का कोई खास लाभ नहीं होगा। सरकार को मैन पावर की कमी दूर करने पर काम करना चाहिए। इंफास्ट्रक्चर पर ध्यान देना चाहिए। नए मेडिकल शिक्षण संस्थानों की स्थापना होनी चाहिए। इससे स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक क्रांति आएगी।
स्वास्थ्य के बजट को बढ़ाया जाए
डॉ. रविश राठी ने कहा कि स्वास्थ्य समाज का सबसे प्रमुख मुद्दा है। सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। स्वास्थ्य की बुनियाद पर काम करना चाहिए। चिरायु योजना का विस्तार भी जरूरी है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होना चाहिए। इसके साथ निजी अस्पतालों को भी बढ़ावा देना चाहिए ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके। स्वास्थ्य के बजट में कुल प्रतिशत को बढ़ाने की जरूरत है।