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Panipat News: कर्मचारियों के प्रदर्शन के बीच 20 सफाई सुपरवाइजरों की आईडी बंद
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। नगर निगम और दमकल कर्मचारियों के आंदोलन के बीच निगम प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। हड़ताल के समर्थन में सफाई कर्मचारियों की हाजिरी नहीं लगाने के आरोप में 20 सफाई सुपरवाइजरों की आईडी बंद कर दी गई है। निगम आयुक्त के अनुसार, आईडी बंद किए जाने से पहले 12 सुपरवाइजर काम पर लौट आए।
वहीं, दूसरी ओर कोरोना काल की प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने वीरवार को डीसी की पुरानी कोठी स्थित डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर (डीएमसी) कार्यालय पर एक ट्रॉली कूड़ा फेंक दिया और अधिकारियों का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान डीएमसी कार्यालय और चीफ इंजीनियर कार्यालय में काम से पहुंचे लोगों और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
नाराज कर्मचारियों का आरोप है कि कोरोना काल के दौरान स्वीकृत करीब 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि लंबे समय से रोकी हुई है। उनका कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद उनके हक की राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
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डीएमसी कार्यालय के घेराव के बाद कर्मचारी पालिका बाजार स्थित निगम कार्यालय पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने निगम आयुक्त और डीएमसी के साथ बैठक कर कर्मचारियों की बर्खास्तगी और निलंबन की कार्रवाई का विरोध किया।
यूनियन प्रधान नरेश कुमार अठवाल और सचिव राजन ने प्रशासन की कार्रवाई को तानाशाही बताते हुए कहा कि मांगों की अनदेखी और कथित दमनकारी रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आंदोलन को और तेज करने के लिए शुक्रवार को हल्ला बोल जन पंचायत बुलाई गई है। इसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठनों के साथ सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है।
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि रोकी गई प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया और निलंबित व बर्खास्त कर्मचारियों को बहाल नहीं किया गया तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से पीछे नहीं हटेंगे।
20 सुपरवाइजरों की आईडी बंद कर दी गई है। सूचना मिली थी कि हड़ताल के समर्थन में सफाई कर्मचारियों की हाजिरी नहीं लगा रहे थे। इसी आईडी के आधार पर हाजिरी दर्ज की जाती थी। -डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
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वहीं, दूसरी ओर कोरोना काल की प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने वीरवार को डीसी की पुरानी कोठी स्थित डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर (डीएमसी) कार्यालय पर एक ट्रॉली कूड़ा फेंक दिया और अधिकारियों का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान डीएमसी कार्यालय और चीफ इंजीनियर कार्यालय में काम से पहुंचे लोगों और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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नाराज कर्मचारियों का आरोप है कि कोरोना काल के दौरान स्वीकृत करीब 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि लंबे समय से रोकी हुई है। उनका कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद उनके हक की राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
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डीएमसी कार्यालय के घेराव के बाद कर्मचारी पालिका बाजार स्थित निगम कार्यालय पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने निगम आयुक्त और डीएमसी के साथ बैठक कर कर्मचारियों की बर्खास्तगी और निलंबन की कार्रवाई का विरोध किया।
यूनियन प्रधान नरेश कुमार अठवाल और सचिव राजन ने प्रशासन की कार्रवाई को तानाशाही बताते हुए कहा कि मांगों की अनदेखी और कथित दमनकारी रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आंदोलन को और तेज करने के लिए शुक्रवार को हल्ला बोल जन पंचायत बुलाई गई है। इसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठनों के साथ सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है।
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि रोकी गई प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया और निलंबित व बर्खास्त कर्मचारियों को बहाल नहीं किया गया तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से पीछे नहीं हटेंगे।
20 सुपरवाइजरों की आईडी बंद कर दी गई है। सूचना मिली थी कि हड़ताल के समर्थन में सफाई कर्मचारियों की हाजिरी नहीं लगा रहे थे। इसी आईडी के आधार पर हाजिरी दर्ज की जाती थी। -डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।