फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   ICU and ventilator showing doctors empty in record, full on calling, Panipat

रिकॉर्ड में डॉक्टर दिखा रहे आईसीयू और वेंटिलेटर खाली, कॉल करने पर बता रहे फुल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 May 2021 02:25 AM IST
विज्ञापन
ICU and ventilator showing doctors empty in record, full on calling, Panipat
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

पानीपत। कोरोना संक्रमण से सांसें उखड़ रहीं हैं। संक्रमित ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहे हैं। अप्रैल-मई में जिले में 30 संक्रमितों के परिजनों ने ऑक्सीजन की कमी और 11 संक्रमितों के परिजनों ने समय पर वेंटिलेटर नहीं मिलने पर मौत हो जाने का आरोप लगाया है। कोरोना की दूसरी लहर में स्वास्थ्य सेवाएं नाकाफी नजर आ रही हैं। जिले की जनसंख्या के मुताबिक देखें तो 31,111 लोगों पर एक वेंटिलेटर, 9271 लोगों पर एक आईसीयू बेड, 3733 लोगों पर एक ऑक्सीजन बेड और 1279 लोगों पर एक सामान्य बेड की व्यवस्था है।
सबसे बड़ी समस्या है कि निजी अस्पताल सरकारी पोर्टल पर ऑक्सीजन और वेंटिलेटर खाली दिखाते हैं, लेकिन संपर्क करने पर इन बेड की उपलब्धता से इंकार कर देते हैं। स्वास्थ्य विभाग पोर्टल यह तो दिखाता है कि बेड खाली हैं, लेकिन ये नहीं दर्शाता कि बेड खाली कहां पर हैं। निजी अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि ये बेड उन लोगों के लिए आरक्षित रखे जाते हैं, जो जिले के बाहर के होते हैं और साधन संपन्न होते हैं। जिनसे मोटी आमदनी होती है।
विज्ञापन

सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में महज 14 वेंटिलेटर हैं। इनमें से अब तक 10 तो चालू भी नहीं हुए हैं। 12 निजी अस्पतालों को अब तक कोविड के मरीजों का इलाज करने की अनुमति दी गई है। जिले में 375 ऑक्सीजन बेड, 151 आईसीयू बेड और मात्र 45 वेंटिलेटर की व्यवस्था है। हर रोज सरकारी और निजी अस्पतालों में औसतन 15 से अधिक लोगों की मौत हो रही है। इनमें से 5-7 रोगी दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

40 प्रतिशत कम मिल रही ऑक्सीजन
जिले के 40 से अधिक अस्पतालों में इस वक्त कोविड के मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रशासन हर अस्पताल को जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। हर अस्पताल को मांग के अनुसार 50-60 प्रतिशत ऑक्सीजन मिलती है। सड़कों पर ऑक्सीजन को लेकर मारामारी रहती है। अस्पतालों के संचालक मरीजों के परिजनों पर ही ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी थोप देते हैं।
आंकड़ों पर एक नजर
होम आइसोलेट मरीज : 5331
सिविल अस्पताल भर्ती : 100
पीजीआई भर्ती : 13
एनसी कॉलेज में भर्ती : 70
निजी कोविड अस्पतालों में भर्ती : 362
अन्य अस्पतालों में भर्ती : 152
कुल एक्टिव केस : 6128
जिले में बेड की स्थिति
कुल बेड : 1086
ऑक्सीजन बेड : 375
बिना ऑक्सीजन के बेड : 560
ऑईसीयू : 151
वेंटीलेटर : 45
जिले में खाली बेड की स्थिति
कुल बेड: 592
ऑक्सीजन बेड : 69
बिना ऑक्सीजन के बेड : 515
आईसीयू : 10
वेंटिलेटर : 8
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed