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एचएसजीपीसी ने फूंका बादल का पुतला
अमर उजाला/ब्यूरो, पानीपत
Updated Sat, 19 Jul 2014 12:35 AM IST
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पानीपत। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने लघु सचिवालय के सामने पंजाब के सीएम का पुतला फूंका और रोष रोष व्यक्त किया। सिख नेताओं ने हक को लेकर कोई भी कुर्बानी देने की चेतावनी दी है।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य शुक्रवार को लघु सचिवालय के सामने पहुंचे और जीटी रोड पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ का पुतला फूंका। सिख नेताओं ने कहा कि उन्होंने अपने हक की लड़ाई लड़ी है और वे अपने हक को लेकर रहेंगे। इसके लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं।
युवा प्रदेशाध्यक्ष अमरेंद्र सिंह अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को मंजूरी दिए जाने के बाद प्रदेश में हालत बिगड़ने की संभावना पैदा होने लगी है। एक तरफ जहां अकाली दल समर्थित लोग गुरुद्वारों पर से कब्जा छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं, वहीं दूसरी तरफ नई बनी कमेटी से जुड़ी सिख जत्थेबंदियां कब्जा लेने के लिए आतुर दिखाई दे रही हैं।
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इस बीच अकाल तख्त साहिब की ओर से दीदार सिंह नलवी, जगदीश सिंह झिंडा और हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा को सिख पंथ से निष्कासित किए जाने को लेकर भी सिख जत्थेबंदियों में रोष है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के गुरुद्वारों से दो सौ करोड़ रुपये सालाना की कमाई होती है, लेकिन प्रकाश सिंह बादल इसको केवल तीस करोड़ रुपये ही बता रहे हैं। यहां की सारी कमाई पंजाब सरकार के खाते में जा रही है।
वे इसको बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अकाली सरकार ने हरियाणा के सभी गुरुद्वारों में अपने समर्थकों को बैैठा दिया है। हरियाणा की नई बनी कमेटी के लोग गुरुद्वारों पर कब्जा चाहते हैं। ऐसे में दोनों गुटों में लड़ाई होने और प्रदेश में अराजक्ता फैलने का माहौल बना हुआ है। वे अपना कब्जा हर हाल में लेकर रहेंगे।
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य शुक्रवार को लघु सचिवालय के सामने पहुंचे और जीटी रोड पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ का पुतला फूंका। सिख नेताओं ने कहा कि उन्होंने अपने हक की लड़ाई लड़ी है और वे अपने हक को लेकर रहेंगे। इसके लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं।
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युवा प्रदेशाध्यक्ष अमरेंद्र सिंह अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को मंजूरी दिए जाने के बाद प्रदेश में हालत बिगड़ने की संभावना पैदा होने लगी है। एक तरफ जहां अकाली दल समर्थित लोग गुरुद्वारों पर से कब्जा छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं, वहीं दूसरी तरफ नई बनी कमेटी से जुड़ी सिख जत्थेबंदियां कब्जा लेने के लिए आतुर दिखाई दे रही हैं।
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इस बीच अकाल तख्त साहिब की ओर से दीदार सिंह नलवी, जगदीश सिंह झिंडा और हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा को सिख पंथ से निष्कासित किए जाने को लेकर भी सिख जत्थेबंदियों में रोष है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के गुरुद्वारों से दो सौ करोड़ रुपये सालाना की कमाई होती है, लेकिन प्रकाश सिंह बादल इसको केवल तीस करोड़ रुपये ही बता रहे हैं। यहां की सारी कमाई पंजाब सरकार के खाते में जा रही है।
वे इसको बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अकाली सरकार ने हरियाणा के सभी गुरुद्वारों में अपने समर्थकों को बैैठा दिया है। हरियाणा की नई बनी कमेटी के लोग गुरुद्वारों पर कब्जा चाहते हैं। ऐसे में दोनों गुटों में लड़ाई होने और प्रदेश में अराजक्ता फैलने का माहौल बना हुआ है। वे अपना कब्जा हर हाल में लेकर रहेंगे।