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जब धागे की कीमत बढ़ रही तो कपड़ा कैसे सस्ता होगा
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पानीपत। आम बजट में कपड़ा सस्ता करने की घोषणा की गई है लेकिन इस पर उद्यमियों ने सवाल खड़ा कर दिया। उनका कहना है कि जब तक सरकार धागे की कीमत कम नहीं करेगी, कपड़ा सस्ता कैसे हो सकेगा। बीते चार दिन में धागे की कीमत नौ रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ चुकी है, नतीजा जिले में बन रहीं चादरें, तकियों के लिहाफ और कंबल उत्पादन की लागत भी बढ़ रही है।
उद्यमियों का कहना है कि पानीपत की चादरों, तकिये के लिहाफ, सोफे के लिहाफ, तौलिये और कंबल का करीब 150 देशों में निर्यात होता है। यह कारोबार करीब 16 हजार करोड़ रुपये का है। जिले की दो हजार से अधिक इकाइयों में कपड़े का उत्पादन धागे पर निर्भर है और धागे के दाम नौ रुपये बढ़कर अब 121 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गए हैं।
कच्चा माल यानी धागा जब लगातार महंगा होता जा रहा है तो कपड़ा सस्ता होना मुमकिन नहीं है। उद्यमियों ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कपड़ा सस्ता करने की घोषणा का क्रियान्वयन कैसे होगा, इसका बजट में जिक्र नहीं किया गया है। हालांकि उनका कहना है कि कपड़ा सस्ता हुआ तो टेक्सटाइल उद्योग के लिए बेहतर ही साबित होगा।
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सरकार धागे के रेट कम करे तभी कपड़ा सस्ता हो सकेगा
सरकार ने कपड़े के रेट कम करने की घोषणा की है, लेकिन सरकार को यह भी साफ करना चाहिए कि कपड़े के रेट कम किए जाएंगे। पिछले चार दिन में धागे की कीमत नौ रुपये बढ़ गई है। धागे के रेट बढ़ने से कंबल और बेडशीट की कीमत भी बढ़ेगी। सरकार दागे के रेट कम करें, टैक्स में छूट दें तभी कपड़े के रेट कम हो पाएंगे। - भीम राणा, प्रधान, डायर्स एसोसिएशन
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उद्यमियों का कहना है कि पानीपत की चादरों, तकिये के लिहाफ, सोफे के लिहाफ, तौलिये और कंबल का करीब 150 देशों में निर्यात होता है। यह कारोबार करीब 16 हजार करोड़ रुपये का है। जिले की दो हजार से अधिक इकाइयों में कपड़े का उत्पादन धागे पर निर्भर है और धागे के दाम नौ रुपये बढ़कर अब 121 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गए हैं।
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कच्चा माल यानी धागा जब लगातार महंगा होता जा रहा है तो कपड़ा सस्ता होना मुमकिन नहीं है। उद्यमियों ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कपड़ा सस्ता करने की घोषणा का क्रियान्वयन कैसे होगा, इसका बजट में जिक्र नहीं किया गया है। हालांकि उनका कहना है कि कपड़ा सस्ता हुआ तो टेक्सटाइल उद्योग के लिए बेहतर ही साबित होगा।
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सरकार धागे के रेट कम करे तभी कपड़ा सस्ता हो सकेगा
सरकार ने कपड़े के रेट कम करने की घोषणा की है, लेकिन सरकार को यह भी साफ करना चाहिए कि कपड़े के रेट कम किए जाएंगे। पिछले चार दिन में धागे की कीमत नौ रुपये बढ़ गई है। धागे के रेट बढ़ने से कंबल और बेडशीट की कीमत भी बढ़ेगी। सरकार दागे के रेट कम करें, टैक्स में छूट दें तभी कपड़े के रेट कम हो पाएंगे। - भीम राणा, प्रधान, डायर्स एसोसिएशन