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कृषि कानूनों की प्रतियां फूंककर मनाई होली
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संवाद न्यूज एजेंसी
इसराना। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गांव डाहर टोल पर चल रहे किसानों के धरने के दौरान रविवार को किसानों ने तीनों कृषि कानूनों की प्रतियों को जला कर होली पर्व मनाया। किसानों ने इस दौरान केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भाकियू के जिलाध्यक्ष कुलदीप बलाना ने कहा कि सरकार बार-बार किसानों से कहती है कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार ने अपनी तरफ से किसानों के पास कोई भी प्रस्ताव नहीं भेजा है। काफी समय से सरकार ने किसानों से बातचीत बंद की हुई। भाकियू की मांग है कि सरकार किसानों के साथ बातचीत शुरू कर आंदोलनरत किसानों की समस्या का समाधान निकालें।
भाकियू के जिला प्रेस प्रवक्ता प्रदीप जागलान ने कहा कि प्रदेश के सीएम लोगों से फूलों की होली खेलने की बात करते है जबकि आंदोलन के दौरान तीन सौ से ज्यादा किसानों की शहादत हो चुकी है।
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संयुक्त मोर्चा के आह्वान को भाजपा की ओर से गंभीरता से नहीं लिए जाने पर पंजाब की घटना हुई है। भाजपा जजपा के मंत्री व नेता गांवों में न आएं। किसानों के सब्र का इम्तिहान न लें। तीनों कृषि कानूनों को तुरंत वापस लिया जाए, तभी किसान धरनों से हटेगा।
इस मौके पर सत्यनारायण कुंडू, नफे सिंह नौल्था, मास्टर रोहताश नांदल, राजबीर सींक, सूरत सिंह कुंडू, अजीत जौंधन, राज जौंधन, दयानंद डाहर, हरेंद्र राणा, धनपत नौल्था, रणसिंह जागलान, हरीसिंह, धर्मबीर, बलवान, सुरेश डाहर, देवी सिंह, साहब सिंह मौजूद रहे।
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इसराना। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गांव डाहर टोल पर चल रहे किसानों के धरने के दौरान रविवार को किसानों ने तीनों कृषि कानूनों की प्रतियों को जला कर होली पर्व मनाया। किसानों ने इस दौरान केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भाकियू के जिलाध्यक्ष कुलदीप बलाना ने कहा कि सरकार बार-बार किसानों से कहती है कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार ने अपनी तरफ से किसानों के पास कोई भी प्रस्ताव नहीं भेजा है। काफी समय से सरकार ने किसानों से बातचीत बंद की हुई। भाकियू की मांग है कि सरकार किसानों के साथ बातचीत शुरू कर आंदोलनरत किसानों की समस्या का समाधान निकालें।
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भाकियू के जिला प्रेस प्रवक्ता प्रदीप जागलान ने कहा कि प्रदेश के सीएम लोगों से फूलों की होली खेलने की बात करते है जबकि आंदोलन के दौरान तीन सौ से ज्यादा किसानों की शहादत हो चुकी है।
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संयुक्त मोर्चा के आह्वान को भाजपा की ओर से गंभीरता से नहीं लिए जाने पर पंजाब की घटना हुई है। भाजपा जजपा के मंत्री व नेता गांवों में न आएं। किसानों के सब्र का इम्तिहान न लें। तीनों कृषि कानूनों को तुरंत वापस लिया जाए, तभी किसान धरनों से हटेगा।
इस मौके पर सत्यनारायण कुंडू, नफे सिंह नौल्था, मास्टर रोहताश नांदल, राजबीर सींक, सूरत सिंह कुंडू, अजीत जौंधन, राज जौंधन, दयानंद डाहर, हरेंद्र राणा, धनपत नौल्था, रणसिंह जागलान, हरीसिंह, धर्मबीर, बलवान, सुरेश डाहर, देवी सिंह, साहब सिंह मौजूद रहे।