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Panipat News: होलाष्टक आज से, आठ दिन वर्जित रहेंगे शुभ कार्य, प्रदोष काल में ही दो मार्च को होगा होलिका दहन
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पानीपत। होलाष्टक 24 फरवरी मंगलवार से शुरू होगा। यह तीन मार्च तक रहेगा। इस दौरान होलिका दहन तक सभी शुभ कार्य वर्जित होंगे। इस साल तीन मार्च को चंद्र ग्रहण होने से प्रदोष काल में दो मार्च को होलिका दहन होगा और चार मार्च को होली मनाई जाएगी।
प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर के आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि हिंदू मान्यता के अनुसार होली से आठ दिन पहले होलाष्टक लग जाता है। इसमें शुभ कार्य विवाह, घर का मुहूर्त, शुभ कार्य के लिए खरीदारी, नामकरण नहीं किया जाता। इस साल तीन मार्च को चंद्र ग्रहण होने से होलिका दहन दो मार्च को होगी। शुभ मुहूर्त में सायं 06:22 से 08:53 के बीच रहेगा। तीन मार्च को चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 06:20 से शुरू होगा। सूतक काल में शुभ कार्य हवन, पूजा-पाठ नहीं किया जा सकता है। चंद्र ग्रहण दोपहर 03:20 से सायं 06:47 बजे तक रहेगा। चंद्र ग्रहण के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
पंडित प्रवीन शास्त्री ने बताया कि होलाष्टक के दिनों नकारात्मकता बढ़ जाती है। इसलिए होलाष्टक के बाद ही शुभ कार्य प्रारंभ होते हैं। चंद्र ग्रहण और होली के लिए चार मार्च को दान करना अत्यंत फलदायी सिद्ध होगा। इसी दिन होली मनाई जाएगी। होली के दिन ही शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ, हवन किए जा सकेंगे।
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प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर के आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि हिंदू मान्यता के अनुसार होली से आठ दिन पहले होलाष्टक लग जाता है। इसमें शुभ कार्य विवाह, घर का मुहूर्त, शुभ कार्य के लिए खरीदारी, नामकरण नहीं किया जाता। इस साल तीन मार्च को चंद्र ग्रहण होने से होलिका दहन दो मार्च को होगी। शुभ मुहूर्त में सायं 06:22 से 08:53 के बीच रहेगा। तीन मार्च को चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 06:20 से शुरू होगा। सूतक काल में शुभ कार्य हवन, पूजा-पाठ नहीं किया जा सकता है। चंद्र ग्रहण दोपहर 03:20 से सायं 06:47 बजे तक रहेगा। चंद्र ग्रहण के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
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पंडित प्रवीन शास्त्री ने बताया कि होलाष्टक के दिनों नकारात्मकता बढ़ जाती है। इसलिए होलाष्टक के बाद ही शुभ कार्य प्रारंभ होते हैं। चंद्र ग्रहण और होली के लिए चार मार्च को दान करना अत्यंत फलदायी सिद्ध होगा। इसी दिन होली मनाई जाएगी। होली के दिन ही शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ, हवन किए जा सकेंगे।
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