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Panipat News: घरों के ऊपर से हटेंगी बिजली की हाईटेंशन तारें
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पानीपत। जिले के उन सभी लोगों के लिए राहत भरी खबर है, जिनको घरों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजरती हैं। अब ऐसी लाइनों को शिफ्ट कर दूसरी जगहों पर लगाने के लिए बिजली निगम ने 6.10 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है। अब निगम के अधिकारी धरातल पर ऐसी लाइनों का सर्वे कर रहे हैं जिनकी वजह से आमजन को समस्या हो सकती है।
इसके लिए बिजली निगम ने क्षेत्र के हिसाब से अलग अलग एसडीओ की ड्यूटी लगा दी है। मंगलवार को निगम की सब अर्बन सब डिवीजन की टीम ने जिले के खोतपुरा, बलाना और पलड़ी गांवों को दौरा कर लाइनों की सूची तक बनाई है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता उन लाइनों की रहेगी जो पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं, जिनकी वजह से हादसों का डर बना रहता है।
बिजली निगम की सब-अर्बन सब डिवीजन के एसडीओ नरेंद्र जागलान ने बताया कि जिले में सबसे ज्यादा 133 खतरनाक लाइनें सूचीबद्ध की गई हैं। इनमें 11 केवी वाली 125 और 33 केवी वाली 8 लाइन शामिल की गई हैं। 11 केवी लाइनाें की लंबाई 114.28 किलाेमीटर और 33 केवी लाइनाें की लंबाई 10.83 किलाेमीटर है।
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इस तरह से 11 केवी लाइनाें काे शिफ्ट करने पर 5.35 कराेड़ और 33 केवी लाइनाें पर 75 लाख रुपये खर्च करने का बजट निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि निगम की टीम अपने अपने एरिया में घूमकर ऐसी लाइनों की सूची बना रहा है। जिसके बाद इसे मुख्यालय मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी आने के बाद लाइनों को शिफ्ट कराने का काम होगा।
इसके लिए बिजली निगम ने क्षेत्र के हिसाब से अलग अलग एसडीओ की ड्यूटी लगा दी है। मंगलवार को निगम की सब अर्बन सब डिवीजन की टीम ने जिले के खोतपुरा, बलाना और पलड़ी गांवों को दौरा कर लाइनों की सूची तक बनाई है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता उन लाइनों की रहेगी जो पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं, जिनकी वजह से हादसों का डर बना रहता है।
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बिजली निगम की सब-अर्बन सब डिवीजन के एसडीओ नरेंद्र जागलान ने बताया कि जिले में सबसे ज्यादा 133 खतरनाक लाइनें सूचीबद्ध की गई हैं। इनमें 11 केवी वाली 125 और 33 केवी वाली 8 लाइन शामिल की गई हैं। 11 केवी लाइनाें की लंबाई 114.28 किलाेमीटर और 33 केवी लाइनाें की लंबाई 10.83 किलाेमीटर है।
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इस तरह से 11 केवी लाइनाें काे शिफ्ट करने पर 5.35 कराेड़ और 33 केवी लाइनाें पर 75 लाख रुपये खर्च करने का बजट निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि निगम की टीम अपने अपने एरिया में घूमकर ऐसी लाइनों की सूची बना रहा है। जिसके बाद इसे मुख्यालय मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी आने के बाद लाइनों को शिफ्ट कराने का काम होगा।