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संघर्ष और हौसले की मिसाल: बेसहारा बहन बनी भाई-बहनों का सहारा, अनाथ बच्चों के लिए करना चाहती है काम
Sun, 22 Jun 2025 10:48 AM IST
नवीन दलाल
माई सिटी रिपोर्टर, पानीपत (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, पानीपत (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Sun, 22 Jun 2025 10:48 AM IST
सार
युवती ने कहा कि अनाथालय में रहकर उसने अनाथ बच्चों की पीड़ा को करीब से महसूस किया है। वह अब न केवल अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहती है, बल्कि अनाथ बच्चों के लिए भी काम करना चाहती है।
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सांकेतिक
- फोटो : freepik
विस्तार
पिता के लापता होने और मां के दूसरी शादी करने के बाद बेसहारा हुई एक युवती ने न केवल खुद को संभाला, बल्कि अपने दो छोटे भाई-बहनों का सहारा बनने का जज्बा दिखाया। इस युवती की कहानी संघर्ष और हौसले की मिसाल है। 2017 में उसकी दादी ने उसे 5 लाख रुपये में 40 वर्षीय व्यक्ति को बेच दिया था, जिसके साथ उसकी शादी तय की गई थी। लेकिन युवती ने हिम्मत दिखाते हुए शादी से दो दिन पहले अपने छोटे भाई को लेकर घर से भाग गई और सरपंच की मदद से पुलिस तक पहुंची।
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पुलिस ने तीनों भाई-बहनों को बरामद कर सोनीपत के राई स्थित बाल अनाथालय भेज दिया। अब बड़ी बहन ने 10वीं की परीक्षा 83 प्रतिशत अंकों के साथ पास की है, जबकि छोटी बहन 8वीं कक्षा में पढ़ रही है। युवती ने बताया कि वह चाहती तो दो साल और अनाथालय में रह सकती थी, लेकिन उसने समाज में सम्मान के साथ जीने और अपने भाई-बहनों को आगे बढ़ाने का फैसला लिया।
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युवती ने बताया कि वह सेक्टर 29 औद्योगिक थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। 2017 में उसके पिता लापता हो गए थे, और मां ने दूसरी शादी कर ली। इसके बाद दादी ने पहले उसके 5 वर्षीय भाई को बेच दिया, फिर छोटी बहन को पानीपत की गोसली में एक परिवार को 500 रुपये में बेच दिया। जब उसकी शादी 5 लाख रुपये में तय हुई, तो उसे अनहोनी का अंदाजा हुआ और उसने भागने का फैसला लिया।
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अनाथ बच्चों के लिए काम करने का संकल्प
युवती ने कहा कि अनाथालय में रहकर उसने अनाथ बच्चों की पीड़ा को करीब से महसूस किया है। वह अब न केवल अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहती है, बल्कि अनाथ बच्चों के लिए भी काम करना चाहती है। वह अपने भाई-बहनों को भी शिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना चाहती है।
महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि यह मामला काफी चर्चा में रहा था। तीनों भाई-बहन अनाथालय में रहे, और अब बड़ी बहन बाहर आकर अपनी पढ़ाई और जिंदगी को नए सिरे से शुरू करना चाहती है। उसने अपनी मां से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मां ने उन्हें अपनाने से इनकार कर दिया।