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स्वास्थ्य विभाग का दावा- ब्लैक फंगस का नहीं कोई केस, निजी अस्पतालों के अनुसार- दवा ना मिलने पर रोकनी पड़ रही सर्जरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 May 2021 01:01 AM IST
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Health department claims: no case of black fungus, private hospitals say - surgery is to be stopped if medicine is not available
कोरोना संकट के बीच अब ब्लैक फंगस का भी खतरा मंडराने लगा है। निजी अस्पतालों के डॉक्टरों ने दावा किया है कि शहर में ब्लैक फंगस के 20 से अधिक केस आ चुके हैं। मरीजों के लिए प्रशासन ने अब तक दवा उपलब्ध नहीं करवाई है। इसलिए उनको मरीजों की सर्जरी टालनी पड़ रही है। जब तक प्रशासन दवा उपलब्ध नहीं कराता मरीजों को इलाज नहीं मिल सकता। ऐसे में मरीजों की हालत और भी गंभीर हो सकती है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में ऐसी कोई भी जानकारी होने से इंकार किया है। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक इस संबंध में कोई कमेटी तक नहीं बनाई है। जो मरीजों को ब्लैक फंगस की दवा उपलब्ध कराएगी। जबकि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज इस बीमारी के खिलाफ प्रशासन को सचेत रहने के निर्देश दे चुके हैं।
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देवी मंदिर के पास स्थित निजी अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों के बीच अब बाजार में दवा मिलनी बंद हो गई है। वहीं 3 सर्जरी अग्रसेन अस्पताल ने कैंसल कर दी है, क्योेंकि उनके पास दवा ही नहीं।
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हम निजी अस्पतालों को गाइडलाइन भेज चुके हैं : डॉ. गर्ग
डिप्टी सीएमओ डॉ. शशि गर्ग का कहना है कि इसकी गाइडलाइन हम अस्पतालों को भेज चुके हैं। उनको एक गूगल शीट पर डाटा भरना है, लेकिन किसी अस्पतालों ने अब तक नहीं भरी है। अब तक स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसे किसी रोगी की रिपोर्ट नहीं है।
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नई बीमारी ब्लैक फंगस का आगमन हो गया है : विज
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कोविड अस्पताल के उद्घाटन के दौरान कहा कि लोगों को आंखों की बीमारी ब्लैक फंगस के प्रति भी सचेत होने की जरूरत है। नई बीमारी ब्लैक फंगस आ गई है। जिसके लगभग अभी तक 60 केस मिले हैं। हमें इससे भी सावधान रहना होगा, क्योंकि यह एक छुआछूत की बीमारी है। इस बीमारी के लिए प्रदेश सरकार ने 4 सेंटर बनाए हैं। जिनमें रोहतक पीजीआई, हिसार का अग्रोहा मेडिकल कॉलेज, गुरुग्राम, एसजीटी मेडिकल कॉलेज व करनाल का कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज हैं।
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