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रोडवेज और प्राइवेट बस चालक दल भिड़े
अमर उजाला, पानीपत
Updated Tue, 25 Mar 2014 12:09 AM IST
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पानीपत। बस स्टैंड पर रोडवेज डिपो दिल्ली व बरसत मार्ग पर चलने वाली प्राइवेट बस का चालक दल आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच बस खड़ी करने की जगह को लेकर कहासुनी हो गई।
दोनों पक्षों में काफी देर तक डंडे, थप्पड़ और मुक्के चले। रोडवेज बस के चालक दल को मेडिकल कराने को लेकर काफी परेशानी उठानी पड़ी और पुलिस ने चिकित्सकों और चिकित्सकों ने पुलिस के पास भेज दिया। यूनियन के हंगामे के बीच चालक दल का मेडिकल जांच कराई।
मामला सोमवार सुबह करीब सवा दस बजे का है। दिल्ली डिपो का चालक विनोद कुमार और परिचालक सतीश कुमार एसी वोल्वो बस ले जाने के लिए अपने समय का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बस को प्राइवेट बसों की तरफ खड़ा कर दिया।
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इसी समय बरसत मार्ग पर चलने वाली बस वहां आ गई और बस के चालक दल ने रोडवेज बस को दूसरी तरफ खड़ी करने की कही। इस बात पर दोनों में कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि बस खड़ी करने की जगह को लेकर दोनों के बीच कई दिन से खींचतान चल रही थी। इसी बात को लेकर दोनों बसों के चालक दल आपस में भिड़ गए।
आरोप है कि बरसत मार्ग पर चलने वाली बस के चालक दल ने रोडवेज बस के चालक विनोद व परिचालक सतीश की डंडों और लात घूसों से जमकर पिटाई की। इसमें उनकी कमर, मुंह और हाथ पर चोट लग गई। आरोप है कि वे सीधे बस स्टैंड चौकी में गए और मारपीट की शिकायत दी।
यहां से उनको सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच कराने की बात कही। वे सीधे सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच कराने को चले गए, लेकिन वहां पर तैनात चिकित्सक ने उनको गंभीर चोट न होने की कहकर वापस भेज दिया।
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों की ओर से रोडवेज बस के चालक विनोद और परिचालक सतीश का मेडिकल जांच न होने पर हंगामा हो गया। पानीपत डिपो की यूनियन इसको लेकर महाप्रबंधक से मिले और दोनों का मेडिकल जांच कराने की बात कही।
इसके बाद महाप्रबंधक ने सीएमओ से बात की और सारे मामले के बारे में अवगत कराया। बताया जा रहा है कि इसके बाद भी सिविल अस्पताल में चालक दल का मेडिकल नहीं किया गया। बाद में सर्व कर्मचारी संघ के डिपो प्रधान सुलतान लठवाल, सचिव सुमेर सिंह और कर्मचारी महासंघ के डिपो प्रधान सतीश पंवार सीएमओ से मिले और मेडिकल जांच की मांग की।
सीएमओ की मध्यस्थता के बाद चालक दल का मेडिकल किया जा सका। उनका मेडिकल होते ही प्राइवेट बस के चालक दल ने भी मेडिकल कराने की मांग की। बस के संचालक ने सिविल अस्पताल में बात की और रोडवेज बस के चालकों की जान बूझकर चोट दिखाने के आरोप लगाए। इस पर चिकित्सक ने उनका भी मेडिकल कराने की बात कही। जिसके बाद वे वापस चले गए।
बस स्टैंड पर दिल्ली डिपो और बरसत मार्ग पर चलने वाली प्राइवेट बस के चालक दल के साथ किसी बात कहासुनी हो गई थी। रोडवेज बस चालक ने मारपीट का आरोप लगाया था। उनका मेडिकल जांच करा दिया है।
सुलतान लठवाल, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो पानीपत
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दोनों पक्षों में काफी देर तक डंडे, थप्पड़ और मुक्के चले। रोडवेज बस के चालक दल को मेडिकल कराने को लेकर काफी परेशानी उठानी पड़ी और पुलिस ने चिकित्सकों और चिकित्सकों ने पुलिस के पास भेज दिया। यूनियन के हंगामे के बीच चालक दल का मेडिकल जांच कराई।
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मामला सोमवार सुबह करीब सवा दस बजे का है। दिल्ली डिपो का चालक विनोद कुमार और परिचालक सतीश कुमार एसी वोल्वो बस ले जाने के लिए अपने समय का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने बस को प्राइवेट बसों की तरफ खड़ा कर दिया।
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इसी समय बरसत मार्ग पर चलने वाली बस वहां आ गई और बस के चालक दल ने रोडवेज बस को दूसरी तरफ खड़ी करने की कही। इस बात पर दोनों में कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि बस खड़ी करने की जगह को लेकर दोनों के बीच कई दिन से खींचतान चल रही थी। इसी बात को लेकर दोनों बसों के चालक दल आपस में भिड़ गए।
आरोप है कि बरसत मार्ग पर चलने वाली बस के चालक दल ने रोडवेज बस के चालक विनोद व परिचालक सतीश की डंडों और लात घूसों से जमकर पिटाई की। इसमें उनकी कमर, मुंह और हाथ पर चोट लग गई। आरोप है कि वे सीधे बस स्टैंड चौकी में गए और मारपीट की शिकायत दी।
यहां से उनको सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच कराने की बात कही। वे सीधे सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच कराने को चले गए, लेकिन वहां पर तैनात चिकित्सक ने उनको गंभीर चोट न होने की कहकर वापस भेज दिया।
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों की ओर से रोडवेज बस के चालक विनोद और परिचालक सतीश का मेडिकल जांच न होने पर हंगामा हो गया। पानीपत डिपो की यूनियन इसको लेकर महाप्रबंधक से मिले और दोनों का मेडिकल जांच कराने की बात कही।
इसके बाद महाप्रबंधक ने सीएमओ से बात की और सारे मामले के बारे में अवगत कराया। बताया जा रहा है कि इसके बाद भी सिविल अस्पताल में चालक दल का मेडिकल नहीं किया गया। बाद में सर्व कर्मचारी संघ के डिपो प्रधान सुलतान लठवाल, सचिव सुमेर सिंह और कर्मचारी महासंघ के डिपो प्रधान सतीश पंवार सीएमओ से मिले और मेडिकल जांच की मांग की।
सीएमओ की मध्यस्थता के बाद चालक दल का मेडिकल किया जा सका। उनका मेडिकल होते ही प्राइवेट बस के चालक दल ने भी मेडिकल कराने की मांग की। बस के संचालक ने सिविल अस्पताल में बात की और रोडवेज बस के चालकों की जान बूझकर चोट दिखाने के आरोप लगाए। इस पर चिकित्सक ने उनका भी मेडिकल कराने की बात कही। जिसके बाद वे वापस चले गए।
बस स्टैंड पर दिल्ली डिपो और बरसत मार्ग पर चलने वाली प्राइवेट बस के चालक दल के साथ किसी बात कहासुनी हो गई थी। रोडवेज बस चालक ने मारपीट का आरोप लगाया था। उनका मेडिकल जांच करा दिया है।
सुलतान लठवाल, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो पानीपत