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Panipat News: एचसी संतोष ने कुश्ती में जीता स्वर्ण पदक
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पानीपत। जिला पुलिस की हेड कांस्टेबल संतोष शर्मा ने कनाडा में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एवं फायर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। संतोष ने कुश्ती प्रतियोगिता के फाइनल बाउट में आस्ट्रेलिया की खिलाड़ी को पस्त किया। घुटने की चोट के बावजूद संतोष इस प्रतियोगिता में 29 जुलाई को एक रजत पदक भी जीत चुकी हैं। छह दिन में दो पदक जीतने पर देश-प्रदेश में उनकी जीत से खुशी का माहौल है।
कनाडा से अमर उजाला से बातचीत में संतोष ने बताया कि विदेश पहुंचने पर एकाएक हुए मौसमी बदलाव के कारण उन्हें यहां सहज होने में थाेड़ा समय लग गया। वहीं स्वदेश में अभ्यास करते समय उनका घुटना चोटिल हो गया था। उन्होंने बुधवार को प्रतियोगिता के 76 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया। सेमीफाइनल में कंबोडिया और फाइनल में आस्ट्रेलिया की खिलाड़ियों को चित कर स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब हुईं। बता दें कि वे साल 2022 में भी नीदरलैंड में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एवं फायर प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
जिले के बलाना गांव की बहू संतोष ने बताया कि वर्ष 2002 में उनके पिता उन्हें दंगल दिखाने ले गए थे। वहां लड़कियाें को दंगल में दांव लगाते देख उन्होंने रेसलिंग करने का फैसला लिया। कोच के बेहतरीन मार्गदर्शन से पद्मश्री मास्टर चंदगी राम के अखाड़े में सालभर के अभ्यास में ही प्रतिभा में ऐसा निखार आया कि वे नेशनल चैंपियन बन गईं। 2003 में पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुईं। वे इंडियन रेसलिंग की कोच भी रह चुकी हैं।
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संतोष ने अगस्त 2017 में यूएस के कैलिफोर्निया में विश्व पुलिस गेम्स में 63 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण और प्लस 75 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीता। 2019 में चीन में हुए विश्व पुलिस गेम्स में सिल्वर मेडल जीता। इससे पहले संतोष शर्मा ऑल इंडिया कुश्ती चैंपियनशिप और इंडिया फेडरेशन कप में 4-4, सीनियर और जूनियर नेशनल में 3-3 स्वर्ण सहित कुल 46 पदक जीत चुकी हैं। वे साल 2012 से 2014 तक लखनऊ में इंडिया कैंप में ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, गीता फोगाट, बबीता फोगाट, गीता जाखड़ और ललित को भी कोचिंग दे चुकी है।
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कनाडा से अमर उजाला से बातचीत में संतोष ने बताया कि विदेश पहुंचने पर एकाएक हुए मौसमी बदलाव के कारण उन्हें यहां सहज होने में थाेड़ा समय लग गया। वहीं स्वदेश में अभ्यास करते समय उनका घुटना चोटिल हो गया था। उन्होंने बुधवार को प्रतियोगिता के 76 किलोग्राम भार वर्ग में हिस्सा लिया। सेमीफाइनल में कंबोडिया और फाइनल में आस्ट्रेलिया की खिलाड़ियों को चित कर स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब हुईं। बता दें कि वे साल 2022 में भी नीदरलैंड में आयोजित वर्ल्ड पुलिस एवं फायर प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।
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जिले के बलाना गांव की बहू संतोष ने बताया कि वर्ष 2002 में उनके पिता उन्हें दंगल दिखाने ले गए थे। वहां लड़कियाें को दंगल में दांव लगाते देख उन्होंने रेसलिंग करने का फैसला लिया। कोच के बेहतरीन मार्गदर्शन से पद्मश्री मास्टर चंदगी राम के अखाड़े में सालभर के अभ्यास में ही प्रतिभा में ऐसा निखार आया कि वे नेशनल चैंपियन बन गईं। 2003 में पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुईं। वे इंडियन रेसलिंग की कोच भी रह चुकी हैं।
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संतोष ने अगस्त 2017 में यूएस के कैलिफोर्निया में विश्व पुलिस गेम्स में 63 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण और प्लस 75 किलोग्राम भार वर्ग में रजत पदक जीता। 2019 में चीन में हुए विश्व पुलिस गेम्स में सिल्वर मेडल जीता। इससे पहले संतोष शर्मा ऑल इंडिया कुश्ती चैंपियनशिप और इंडिया फेडरेशन कप में 4-4, सीनियर और जूनियर नेशनल में 3-3 स्वर्ण सहित कुल 46 पदक जीत चुकी हैं। वे साल 2012 से 2014 तक लखनऊ में इंडिया कैंप में ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक, गीता फोगाट, बबीता फोगाट, गीता जाखड़ और ललित को भी कोचिंग दे चुकी है।