नहीं रहे अभिनेता दरियाव सिंह मलिक: पहली सुपरहिट हरियाणवी फिल्म चंद्रावल से बनाई थी पहचान, उग्राखेड़ी में ली आखिरी सांस
दरियाव सिंह मलिक हरियाणवी के साथ ही हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी भाषा भी बखूबी जानते थे। वह वॉलीबॉल के प्रदेश स्तरीय खिलाड़ी भी रहे थे।
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हरियाणवी अभिनेता दरियाव सिंह मलिक का बृहस्पतिवार को 82 वर्ष की उम्र में अपने गांव उग्राखेड़ी में निधन हो गया। उनके निधन से हरियाणवीं कलाकारों एवं जनता में शोक की लहर दौड़ गई। दोपहर एक बजे उग्राखेड़ी श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके बेटे ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।
हास्य अभिनेता दरियाव सिंह मलिक अपनी हाजिरजवाबी और चुटकुलों के लिए लोगों में खूब लोकप्रिय थे। उन्होंने अपने फिल्मी कॅरिअर की शुरुआत वर्ष 1983 में हरियाणवीं भाषा में बनी फिल्म चंद्रावल से की। जिसके किरदार ने उन्हें पहचान दी। यह फिल्म हरियाणवीं भाषा में बनी प्रदेश की पहली सुपरहिट फिल्म रही, जिसमें उनके काम को बेहद सराहा गया। उन्होंने 19 हरियाणवीं फिल्मों में अभिनय कर अलग पहचान बनाई।
आकाशवाणी से लेकर बालीवुड फिल्मों तक का सफर
हास्य अभिनेता दरियाव सिंह मलिक ने अपने कॅरिअर की शुरुआत आकाशवाणी से की थी। वर्ष 1969 में उन्हें रेडियो के लिए लिए जा रहे ऑडिशन की जानकारी मिली। वह दिल्ली पहुंच गए और चुन लिए गए। रात 10 बजे उन्हें आकाशवाणी रोहतक के लिए कार्यक्रम पेश करने का मौका मिला। उनका यह कार्यक्रम 30 मिनट का होता था। इससे वह घर-घर तक पहुंच गए। फिर उन्हें हरियाणवीं फिल्म चंद्रावल में हास्य अभिनेता के तौर पर मौका मिला। यह फिल्म सुपरहिट रही। इसके बाद उन्हें कई फिल्में मिली। इसके साथ ही उन्होंने बॉलीवुड में भी कदम रखा और यशराज बैनर के तले बनी फिल्म मेरे डैड की मारूति में उन्होंने बड़े साहब का किरदार निभाया।
वर्ष 2006 में राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
दरियाव सिंह मलिक हरियाणवी के साथ ही हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी भाषा भी बखूबी जानते थे। वह वॉलीबॉल के प्रदेश स्तरीय खिलाड़ी भी रहे थे। फिल्मों में उनके योगदान के लिए वर्ष 2006 में राष्ट्रपति अवार्ड के लिए उनका नाम प्रेषित किया गया। तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने उन्हें इस अवार्ड से सम्मानित किया।