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Panipat News: लंबी कूद के मास्टर बने हरिनारायण
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पानीपत। मन में कुछ अलग करने की ललक ने हरिनारायण को लंबी कूद के चैंपियन बना दिया। मूल रूप से जींद के नगूरा गांव के हरिनारायण पानीपत के विकास नगर में अपने परिवार के साथ रहते हैं। वे एसडीपीजी कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ाई कर रहे हैं।
हरिनारायण ने बताया कि उनको बचपन से ही खेलना पसंद है। उन्होंने क्रिकेट व दूसरे खेलों की बजाय लंबी कूद को चुना। उन्होंने इसमें लगातार मेहनत की। इसी के परिणाम स्वरूप कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता 2024 में 7.32 मीटर लंबी कूद लगाई। उन्होंने यहां कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का 58 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। यही नहीं सर्वश्रेष्ठ एथलीट भी चुने गए हैं।
पिता श्रमिक और मां हैं गृहिणी
हरिनारायण ने बताया कि उनके पिता धर्मेंद्र श्रमिक हैं और मां सोनिया गृहिणी हैं। वह तीन बहन-भाइयों में सबसे बड़ा है। उसका भाई मनीष और बहन रितु अभी पढ़ाई कर रहे हैं। उसकी बचपन से ही खेलों में रुचि रही है। उसने पढ़ाई के साथ खेलना शुरू किया। वह अलग खेल में आगे आना चाहता था। उसने लंबी कूद को चुना। एसडी पीजी कॉलेज में पिछले साल बीए में दाखिला लेने के बाद खेलों में और आगे बढ़ा। इस बार द्वितीय वर्ष की पढ़ाई के साथ लंबी कूद में लगातार अभ्यास किया। उसके मन में इस बार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता में कुछ अलग करने का विचार था। उन्होंने लंबी कूद में अपना पूरा जोर लगाया और 7.32 मीटर की लंबी कूद लगाई। यहां स्वर्ण पदक हासिल करने के साथ इसमें अपना रिकॉर्ड भी बनाया। अंतर विश्वविद्यालय खेल बोर्ड द्वारा उड़ीसा में होने वाले खेलों में उनका चयन हुआ है। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबी कूद में देश का नाम रोशन करना चाहता है।
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हरिनारायण ने बताया कि उनको बचपन से ही खेलना पसंद है। उन्होंने क्रिकेट व दूसरे खेलों की बजाय लंबी कूद को चुना। उन्होंने इसमें लगातार मेहनत की। इसी के परिणाम स्वरूप कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता 2024 में 7.32 मीटर लंबी कूद लगाई। उन्होंने यहां कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का 58 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। यही नहीं सर्वश्रेष्ठ एथलीट भी चुने गए हैं।
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पिता श्रमिक और मां हैं गृहिणी
हरिनारायण ने बताया कि उनके पिता धर्मेंद्र श्रमिक हैं और मां सोनिया गृहिणी हैं। वह तीन बहन-भाइयों में सबसे बड़ा है। उसका भाई मनीष और बहन रितु अभी पढ़ाई कर रहे हैं। उसकी बचपन से ही खेलों में रुचि रही है। उसने पढ़ाई के साथ खेलना शुरू किया। वह अलग खेल में आगे आना चाहता था। उसने लंबी कूद को चुना। एसडी पीजी कॉलेज में पिछले साल बीए में दाखिला लेने के बाद खेलों में और आगे बढ़ा। इस बार द्वितीय वर्ष की पढ़ाई के साथ लंबी कूद में लगातार अभ्यास किया। उसके मन में इस बार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता में कुछ अलग करने का विचार था। उन्होंने लंबी कूद में अपना पूरा जोर लगाया और 7.32 मीटर की लंबी कूद लगाई। यहां स्वर्ण पदक हासिल करने के साथ इसमें अपना रिकॉर्ड भी बनाया। अंतर विश्वविद्यालय खेल बोर्ड द्वारा उड़ीसा में होने वाले खेलों में उनका चयन हुआ है। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबी कूद में देश का नाम रोशन करना चाहता है।
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