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Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Haridwar's Amit sentenced to 12 years of rigorous imprisonment and fined 2 lakh for charas smuggling.

Panipat News: चरस तस्करी में हरिद्वार के अमित को 12 साल का कठोर कारावास, दो लाख रुपये का जुर्माना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2026 03:06 AM IST
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Haridwar's Amit sentenced to 12 years of rigorous imprisonment and fined 2 lakh for charas smuggling.
माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की फास्ट ट्रैक कोर्ट (एनडीपीएस) ने मंगलवार को चरस तस्करी के मामले में दोषी हरिद्वार निवासी अमित उर्फ मित्ता को 12 वर्ष के कठोर कारावास और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। सुनवाई के दौरान सामने आया कि कोरोना काल में रोजगार नहीं मिलने के बाद अमित नशा तस्करी के धंधे में उतर गया था।

मामला 12 जून 2021 का है। सीआईए-2 की पुलिस टीम संजय चौक पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि उत्तराखंड निवासी अमित उर्फ मित्ता बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर चरस लेकर सप्लाई करने पानीपत आ रहा है। सूचना पर पुलिस ने सनौली रोड पर बलजीत नगर नाके के पास नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद सनौली की तरफ से बिना नंबर की बाइक पर आ रहे युवक को रोककर तलाशी ली गई। राजपत्रित अधिकारी डीएसपी संदीप सिंह की मौजूदगी में हुई तलाशी के दौरान उसके बैग से दो किलोग्राम चरस बरामद हुई।
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पुलिस जांच में सामने आया कि अमित के हरिद्वार स्थित गांव रसूलपुर में नशीले पदार्थ के पौधे लगे हुए थे। बेरोजगारी के चलते वह इन पौधों से चरस निकालकर बेचने लगा था। इसी चरस को सप्लाई करने के लिए वह पानीपत आया था।
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पारिवारिक परिस्थितियों के आधार पर नरमी की गुहार खारिज

सुनवाई के दौरान दोषी के वकील ने अदालत से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई। दलील दी गई कि अमित के माता-पिता और पत्नी की मृत्यु हो चुकी है तथा उसके तीन छोटे बच्चे हैं, जिनकी जिम्मेदारी उसी पर है। कोरोना काल में रोजगार नहीं मिलने के कारण वह तस्करी के धंधे में पड़ा।


अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि नशे की तस्करी सामाजिक महामारी है। अदालत ने माना कि एनडीपीएस जैसे गंभीर अपराध में दोषी की पारिवारिक परिस्थितियों के आधार पर सजा में रियायत नहीं दी जा सकती। इसके बाद कोर्ट ने दोषी को जेल भेजने का वारंट जारी कर दिया।
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