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Panipat: चौकी के बाहर तड़प रहा था गुरमीत, प्रभारी अंदर बैठा रहा, पुलिस ने शुरू की विभागीय जांच

Fri, 24 Jan 2025 03:40 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Fri, 24 Jan 2025 03:40 PM IST
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Gurmeet was writhing in pain outside the police post in Panipat, the in-charge remained sitting inside, the po
गुरमीत - फोटो : संवाद

पानीपत में आठ मरला पुलिस चौकी के बाहर जहर खाकर जाने वाले गुरमीत की मौत के मामले में अब एसपी लोकेंद्र सिंह ने चौकी प्रभारी बिजेंद्र कुंडू को हटा दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। तत्कालीन चौकी प्रभारी बिजेंद्र कुंडू पर आरोप है कि बिंझौल गांव निवासी गुरमीत ने 26 दिसंबर को पुलिस चौकी के बाहर जहर खाया था। वह चौकी के बाहर तड़पता रहा था, उस वक्त के प्रभारी बिजेंद्र ने चौकी के बाहर आकर तक नहीं देखा था न उन्होंने गुरमीत के परिजनों को इस बारे में सूचित किया।

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वह अपने कैबिन में ही बैठा रहे। अगर गुरमीत को समय पर अस्पताल भिजवाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने अमानवीय व्यवहार किया है। अब एसपी ने एसआई दीपक कुमार को आठ मरला पुलिस चौकी प्रभारी नियुक्त किया है। अब तक इस मामले में हवलदार अभिमन्यू गिरफ्तार हो चुका है। तत्कालीन चौकी प्रभारी सुनील को सस्पेंड किया जा चुका है। अब बिजेंद्र कुंडू को भी हटा दिया गया है।
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उल्लेखनीय है कि बिंझौल गांव के गुरमीत ने 26 दिसंबर को आठ मरला पुलिस चौकी के सामने जहर निगल लिया था। उसकी 31 दिसंबर को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। गुरमीत के परिजनों का आरोप था कि गुरमीत का गांव के ही राजपाल के साथ झगड़ा हो गया था। राजपाल ने पुलिस में शिकायत दी थी बाद में उनका राजपाल के साथ समझौता हो गया था, लेकिन आठ मरला पुलिस चौकी का हवलदार अभिमन्यु शिकायत को बंद करने को पांच हजार रुपये मांग रहा था। पैसे न देने पर वह गुरमीत को जेल भेजने की धमकी दे रहा था।
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पैसे न देने पर हवलदार अभिमन्यु ने गुरमीत को पीटा भी था। परिजनों का आरोप था कि अभिमन्यु के साथ इस प्रकरण में राजपाल व उनके गांव का ही सुरेश भी मिला हुआ था। वह भी गुरमीत पर पांच हजार रुपये अभिमन्यु को देने का दबाव डाल रहे थे। गुरमीत ने हवलदार अभिमन्यु को मोबाइल बेचकर पांच हजार रुपये देने की बात कही थी लेकिन उसका मोबाइल बिका नहीं। इसलिए वह पैसे नहीं दे पा रहा था।


26 दिसंबर को हवलदार अभिमन्यु ने गुरमीत को पुलिस चौकी में बुलाकर धमकाया था। इसी से परेशान होकर गुरमीत ने जहर खाकर जान दे दी थी। एसपी लोकेंद्र सिंह ने इस मामले में हवलदार अभिमन्यु व आठ मरला पुलिस चौकी के तत्कालीन प्रभारी एएसआई सुनील को सस्पेंड कर दिया था। हवलदार अभिमन्यु, बिंझौल निवासी राजपाल व सुरेश पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया था। 15 जनवरी को हवलदार अभिमन्यू को गिरफ्तार किया गया था।

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