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नाबालिग से दुराचार के दोषी को दस साल कैद
अमर उजाला, पानीपत
Updated Sat, 15 Mar 2014 10:51 PM IST
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पानीपत। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने सात साल की बच्ची के साथ दुराचार करने के आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।
मामला पांच मई 2013 का थाना सदर के अंतर्गत का है। थाना सदर के अंतर्गत एक गांव में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ गांव के ही रिंकू उर्फ ललित ने दुराचार किया था। थाना सदर पुलिस सूचना पाकर मौके पर पहुंची थी और परिजनों के बयान दर्ज किए थे।
पीड़ित छात्रा के पिता ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि पांच मई 2013 को उसकी पत्नी घर के आंगन में बैठी थी और उसकी सात साल की लड़की बाहर खेल रही थी। इसी समय पड़ोस का रिंकू उर्फ ललित वहां आया। वह उसकी लड़की को बुलाकर ले गया। इसके कुछ देर बाद रिंकू के पशुवाडे़ से उसकी लड़की के रोने की आवाज सुनाई दी। उसकी आवाज सुनकर वे तुरंत उधर दौड़ पडे़ और बच्ची को रोते हुए पाया। बच्ची से परिजनों को सारी बात कह सुनाई।
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पुलिस ने बच्ची की मेडिकल जांच कराई और रिंकू उर्फ ललित के खिलाफ दुराचार और पोस्को एक्ट के तहत मुकद्दमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपी रिंकू उर्फ ललित को तीन माह बाद छह अगस्त को गिरफ्तार किया और उसको कोर्ट में पेश कर दिया।
कोर्ट ने उसको न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेश कत्याल की कोर्ट ने शनिवार को रिंकू उर्फ ललित को छात्रा के साथ दुराचार में दोषी करार दिया और उसको 10 साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने जुर्माना राशि न भरने पर एक साल अतिरिक्त सजा काटने के आदेश दिए।
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मामला पांच मई 2013 का थाना सदर के अंतर्गत का है। थाना सदर के अंतर्गत एक गांव में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ गांव के ही रिंकू उर्फ ललित ने दुराचार किया था। थाना सदर पुलिस सूचना पाकर मौके पर पहुंची थी और परिजनों के बयान दर्ज किए थे।
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पीड़ित छात्रा के पिता ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि पांच मई 2013 को उसकी पत्नी घर के आंगन में बैठी थी और उसकी सात साल की लड़की बाहर खेल रही थी। इसी समय पड़ोस का रिंकू उर्फ ललित वहां आया। वह उसकी लड़की को बुलाकर ले गया। इसके कुछ देर बाद रिंकू के पशुवाडे़ से उसकी लड़की के रोने की आवाज सुनाई दी। उसकी आवाज सुनकर वे तुरंत उधर दौड़ पडे़ और बच्ची को रोते हुए पाया। बच्ची से परिजनों को सारी बात कह सुनाई।
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पुलिस ने बच्ची की मेडिकल जांच कराई और रिंकू उर्फ ललित के खिलाफ दुराचार और पोस्को एक्ट के तहत मुकद्दमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपी रिंकू उर्फ ललित को तीन माह बाद छह अगस्त को गिरफ्तार किया और उसको कोर्ट में पेश कर दिया।
कोर्ट ने उसको न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेश कत्याल की कोर्ट ने शनिवार को रिंकू उर्फ ललित को छात्रा के साथ दुराचार में दोषी करार दिया और उसको 10 साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने जुर्माना राशि न भरने पर एक साल अतिरिक्त सजा काटने के आदेश दिए।